CJP Protest: वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने छात्रों के आंदोलन के समर्थन में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। महाराष्ट्र के शिरडी में आयोजित मौन आंदोलन के दौरान अन्ना हजारे भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू निकल पड़े। बताया गया कि उनकी तबीयत ठीक नहीं थी, इसके बावजूद वह छात्रों के मुद्दे को समर्थन देने के लिए कार्यक्रम में शामिल हुए। आपको बता दें कि, यह मौन आंदोलन शिरडी के वाडिया पार्क स्थित गांधी मेमोरियल में आयोजित किया गया था, जहां दिल्ली में चल रहे छात्र प्रदर्शन के समर्थन में लोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाई।
NEET Paper Leak: कपिल सिब्बल ने खोली सरकार की फाइल, प्रधानमंत्री से पूछे 5 तीखे सवाल
कुछ समय शामिल होने के बाद लौटे अन्ना हजारे
कार्यक्रम में पहुंचने के बाद अन्ना हजारे कुछ समय तक वहां मौजूद रहे। इस दौरान वह आंदोलन से जुड़े लोगों के बीच बैठे और छात्रों के मुद्दों को लेकर अपनी संवेदना व्यक्त की। हालांकि, स्वास्थ्य कारणों के चलते वह ज्यादा देर तक कार्यक्रम में नहीं रुक सके और बाद में वहां से चले गए। अन्ना हजारे के जाने के बाद भी मौन आंदोलन जारी रहा और लोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों और छात्रों के समर्थन को जारी रखा।
छात्रों के आंदोलन पर पहले भी उठाई थी आवाज
छात्र आंदोलन शुरू होने के बाद कई लोगों की नजरें अन्ना हजारे के रुख पर थीं। लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा था कि आखिर अन्ना हजारे इस मामले में क्या कदम उठाएंगे। इसके बाद उन्होंने न केवल मौन आंदोलन में हिस्सा लिया, बल्कि इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर छात्रों से जुड़े मुद्दों पर चिंता भी जताई थी। अन्ना हजारे ने अपने पत्र में छात्रों के प्रदर्शन, हिंसा और पुलिस कार्रवाई से जुड़ी खबरों पर दुख व्यक्त किया था। उन्होंने कहा था कि प्रदर्शनकारियों की नाराजगी को केवल कानून-व्यवस्था की समस्या के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे समाज की चिंताओं और युवाओं की अपेक्षाओं के रूप में समझने की जरूरत है।
सरकार से संवाद और समाधान की अपील
अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में सरकार से प्रदर्शनकारी छात्रों की बात धैर्यपूर्वक सुनने की अपील की थी। उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या का समाधान बातचीत और विश्वास के माहौल से ही निकाला जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की जा रही है, तो इससे सरकार कमजोर नहीं होगी। बल्कि इससे शासन व्यवस्था में जवाबदेही और सुधार को बढ़ावा मिल सकता है।
पीएम मोदी को पत्र लिखने की बताई वजह
मीडिया से बातचीत के दौरान अन्ना हजारे ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र इसलिए लिखा क्योंकि प्रधानमंत्री देश के सर्वोच्च पद पर हैं और उन्हें जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों की जानकारी होना जरूरी है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए और सकारात्मक बातचीत के माध्यम से समाधान निकाला जाए।
ICC Announcement: वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल का शेड्यूल जारी, ICC ने तारीख और मैदान का किया ऐलान
छात्रों के समर्थन में अन्ना का संदेश
अन्ना हजारे का मौन आंदोलन में शामिल होना छात्रों के मुद्दे को लेकर उनके समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने एक बार फिर शांतिपूर्ण संवाद, पारदर्शिता और जवाबदेही के जरिए समस्याओं के समाधान पर जोर दिया है।










