UPITS 2026: ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 25 से 29 सितंबर तक आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) 2026 मंगलवार को संपन्न हो गया। पांच दिनों तक चले इस आयोजन में निवेश और कारोबार से जुड़े कई बड़े आंकड़े सामने आए। आयोजकों के मुताबिक करीब ₹6,500 करोड़ मूल्य के 4,400 MoU पर हस्ताक्षर हुए, जबकि बिजनेस इन्क्वायरी के आधार पर लगभग ₹15,500 करोड़ के संभावित कारोबार का अनुमान लगाया गया है।
UPITS 2026 में 41,500 B2B बैठकों का रिकॉर्ड

बताते चले कि, उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 में कारोबारियों और खरीदारों के बीच बड़े पैमाने पर B2B संवाद हुए। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशंस (FIEO) के आंकड़ों के अनुसार कुल 41,500 B2B और व्यावसायिक बैठकें दर्ज की गईं। इनमें 13,500 बैठकें रिवर्स बायर्स-सेलर्स मीट (RBSM) में हुईं, जबकि मुख्य प्रदर्शनी क्षेत्र में करीब 28,000 कारोबारी बैठकें हुईं। इन संवादों के जरिए उद्यमियों और खरीदारों के बीच संभावित व्यापारिक साझेदारियों की जमीन तैयार हुई।
UPITS 2026 में 5.99 लाख से ज्यादा फुटफॉल
पांच दिनों के दौरान UPITS 2026 में कुल 5,98,693 लोगों की मौजूदगी दर्ज की गई। इनमें 1,74,990 घरेलू बिजनेस बायर्स और 4,23,703 आम दर्शक शामिल रहे। बड़ी संख्या में कारोबारियों और आम लोगों की मौजूदगी ने ट्रेड शो के व्यापक प्रभाव को दिखाया। आयोजन में प्रदेश के विभिन्न जिलों के उत्पादों के साथ उद्योग, एमएसएमई, हस्तशिल्प और निर्यात से जुड़े क्षेत्रों को प्रदर्शित किया गया।
पिछले साल के मुकाबले B2B कारोबार में 31% की बढ़ोतरी
आंकड़ों के मुताबिक इस वर्ष UPITS के प्रमुख कारोबारी पैमानों में 2025 के मुकाबले वृद्धि दर्ज की गई। पिछले साल 31,650 B2B बैठकें हुई थीं, जो इस बार 31.12 प्रतिशत बढ़कर 41,500 हो गईं। वहीं मुख्य प्रदर्शनी क्षेत्र की कारोबारी बैठकों में करीब 9.38 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इससे ट्रेड शो में कारोबारी संवाद और संभावित साझेदारियों के विस्तार का संकेत मिलता है।
विदेशी खरीदारों के साथ RBSM बैठकों में 123% उछाल
UPITS 2026 की सबसे बड़ी कारोबारी बढ़ोतरी RBSM सेक्टर में देखने को मिली। विदेशी खरीदारों के साथ रिवर्स बायर्स-सेलर्स मीट की बैठकें पिछले वर्ष के 6,050 से बढ़कर इस बार 13,500 हो गईं। यानी इनमें करीब 123.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इस बढ़ोतरी को ट्रेड शो के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दायरे से जोड़कर देखा जा रहा है।
MoU की संख्या 3,900 से बढ़कर 4,400 हुई
निवेश और व्यापारिक समझौतों के मामले में भी UPITS 2026 ने पिछले संस्करण के मुकाबले बढ़त दर्ज की। वर्ष 2025 में जहां 3,900 MoU पर हस्ताक्षर हुए थे, वहीं इस बार इनकी संख्या बढ़कर 4,400 हो गई। यानी MoU की संख्या में करीब 12.82 प्रतिशत की वृद्धि हुई। MoU के अनुमानित मूल्य में भी बड़ा अंतर दर्ज किया गया, जो ₹2,680 करोड़ से बढ़कर करीब ₹6,500 करोड़ बताया गया।
संभावित कारोबार का अनुमान ₹15,500 करोड़ पहुंचा
ट्रेड शो के दौरान मिली बिजनेस इन्क्वायरी के आधार पर संभावित कारोबार का अनुमान भी बढ़ा है। वर्ष 2025 में करीब ₹12,500 करोड़ के संभावित कारोबार का अनुमान था, जो इस बार बढ़कर ₹15,500 करोड़ हो गया। इस तरह संभावित कारोबार में लगभग 24 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। आयोजकों के अनुसार इससे प्रदेश के उत्पादों के लिए बढ़ते कारोबारी अवसरों का पता चलता है।
छह पार्टनर देशों की भागीदारी से बढ़ा UPITS का वैश्विक दायरा
इस बार UPITS 2026 में अंतरराष्ट्रीय भागीदारी भी पिछले संस्करण की तुलना में व्यापक रही। जहां 2025 में रूस एकमात्र पार्टनर देश था, वहीं इस बार रूस के अलावा ऑस्ट्रिया, जापान, सिंगापुर, बेलारूस और वियतनाम ने भी पार्टनर कंट्री के रूप में हिस्सा लिया। विदेशी प्रतिनिधिमंडलों ने विनिर्माण, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल और एग्री-फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में रुचि दिखाई।
ODOC ने 75 जिलों के उत्पादों को दिलाई पहचान
ट्रेड शो में एक जिला, एक व्यंजन (ODOC) पहल भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। प्रदेश के 75 जिलों के पारंपरिक शिल्प, हथकरघा, पीतल उत्पाद, कालीन, चमड़ा और कृषि उत्पादों को प्रदर्शित किया गया। आयोजन के जरिए स्थानीय कारीगरों और एमएसएमई को घरेलू और विदेशी खरीदारों से सीधे संपर्क का अवसर मिला। आयोजकों के अनुसार इससे प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने में मदद मिली।
UPITS 2026 को यूपी की अर्थव्यवस्था के लिए अहम मंच बताया गया

कुल मिलाकर उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 में निवेश, B2B बैठक, संभावित कारोबार और अंतरराष्ट्रीय भागीदारी से जुड़े आंकड़ों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। आयोजकों ने इसे उत्तर प्रदेश के उद्योग, एमएसएमई, निर्यातकों और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मंच बताया। ट्रेड शो के परिणामों को प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में प्रस्तुत किया गया।










