Uttarakhand News: चारधाम यात्रा के दूसरे चरण से पहले एक्शन मोड में सीएम धामी, दिल्ली निवास से की उच्चस्तरीय बैठक

उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के दूसरे चरण की शुरुआत के साथ ही प्रकृति ने अपनी मुश्किलें बढ़ा दी हैं, जहां एक तरफ केदारनाथ मार्ग पर भूस्खलन और हादसों का खतरा मंडरा रहा है, वहीं दूसरी तरफ दिल्ली से ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अचानक उच्चस्तरीय वर्चुअल बैठक बुलाकर अधिकारियों को कौन सी गुप्त और सख्त चेतावनी दी है?

चारधाम यात्रा के दूसरे चरण से पहले एक्शन मोड में सीएम धामी

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

सितम्बर 15, 2026

Uttarakhand News: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली स्थित उत्तराखंड निवास से वर्चुअल माध्यम (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) के जरिए एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी चारधाम यात्रा की तैयारियों, व्यवस्थाओं और सुरक्षा उपायों की बारीकी से समीक्षा करना था। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों के साथ यात्रा के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया और तीर्थयात्रियों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

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चारधाम यात्रा का दूसरा चरण आरंभ और व्यवस्थाएं

चारधाम यात्रा का दूसरा चरण आरंभ और व्यवस्थाएं
चारधाम यात्रा का दूसरा चरण आरंभ और व्यवस्थाएं

आज मंगलवार से चारधाम यात्रा के दूसरे चरण की शुरुआत हो चुकी है। सरकार द्वारा श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और यात्रा की सुगमता के लिए सभी व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी की जा रही है। पहले चरण की सफलता के बाद अब दूसरे चरण में बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री और हेमकुंड साहिब के दर्शन के लिए तीर्थयात्रियों की संख्या में फिर से भारी वृद्धि होने की पूरी संभावना है।

इस दौरान राज्य सरकार, जिला प्रशासन और बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने मिलकर यात्रियों के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित दर्शन सुनिश्चित करने के पुख्ता इंतजाम किए हैं। यात्रा पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए पंजीकरण कराना अनिवार्य कर दिया गया है, जिसके लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

खराब मौसम और भूस्खलन की चुनौतियां

सुगम यात्रा के दावों के बीच, प्राकृतिक बाधाएं और खराब मौसम प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं। यात्रा मार्गों पर लगातार हो रहे भूस्खलन और पहाड़ी से पत्थर गिरने की घटनाएं चिंता का विषय हैं।

हाल ही में, केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीरबासा हेलीपैड के समीप रविवार देर शाम पहाड़ी से अचानक पत्थर गिरने के कारण एक घोड़ा संचालक और एक खच्चर गंभीर रूप से घायल हो गए। इस प्रकार की आपात स्थितियों से निपटने और तुरंत राहत पहुंचाने के लिए जिला आपदा प्रबंधन विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीमें हर समय मौके पर तैनात हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके और यात्रा सुचारू रूप से चलती रहे।

श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण निर्देश

श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण निर्देश
श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण निर्देश
  • अनिवार्य पंजीकरण: चारधाम यात्रा पर आने वाले प्रत्येक यात्री के लिए ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है।
  • मौसम की जानकारी: यात्रा शुरू करने से पहले मौसम विभाग के पूर्वानुमान और मार्ग की स्थिति की जानकारी अवश्य लें।
  • सुरक्षा निर्देश: भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और संवेदनशील मार्गों पर प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करें।
  • आपदा सहायता: किसी भी आपात स्थिति या सहायता के लिए तुरंत जिला प्रशासन या आपदा प्रबंधन हेल्पलाइन से संपर्क करें।

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