UP News: बंद कताई मिल से बदलेगी तस्वीर, मगहर में टेक्सटाइल पार्क की तैयारी तेज

संतकबीरनगर के मगहर में बंद पड़ी संत कबीर कताई मिल की जमीन पर प्रस्तावित टेक्सटाइल पार्क की तैयारियां तेज हो गई हैं। पार्क में धागा, कपड़ा, रंगाई, प्रिंटिंग और रेडीमेड गारमेंट की इकाइयां लगेंगी। परियोजना शुरू होने पर 5 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। बिजली आपूर्ति के लिए नए उपकेंद्र की तैयारी भी चल रही है।

UP News

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

सितम्बर 15, 2026

UP News: संतकबीरनगर में बंद पड़ी संत कबीर कताई मिल्स लिमिटेड-मगहर की जमीन पर प्रस्तावित टेक्सटाइल पार्क को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 11 अगस्त 2026 को संतकबीरनगर दौरे के बाद इस परियोजना को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तेजी देखने को मिल रही है। मुख्यमंत्री ने विकास भवन के निकट स्थित कांशीराम स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 684 करोड़ रुपये की 201 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया था। इसी दौरान उन्होंने बंद पड़ी कताई मिल में औद्योगिक गतिविधियों को गति देने की बात कही थी।

संत कबीर कताई मिल की जमीन पर बनेगा आधुनिक टेक्सटाइल पार्क

UP News

मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद प्रस्तावित टेक्सटाइल पार्क की स्थापना को लेकर विभागीय स्तर पर तैयारियां आगे बढ़ रही हैं। कताई मिल की भूमि की रजिस्ट्री हो चुकी है। अब यहां औद्योगिक इकाइयों को विकसित करने और निवेशकों को जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है। माना जा रहा है कि टेक्सटाइल पार्क के संचालित होने के बाद संतकबीरनगर में औद्योगिक गतिविधियों को बड़ा विस्तार मिलेगा और जिले की आर्थिक तस्वीर में व्यापक बदलाव देखने को मिल सकता है।

टेक्सटाइल पार्क में सूत से कपड़े और रेडीमेड गारमेंट तक होंगे तैयार

आपको बता दे कि, प्रस्तावित टेक्सटाइल पार्क में कपड़ा उद्योग से जुड़ी कई इकाइयां स्थापित करने की योजना है। यहां सूत से धागा तैयार करने के साथ धागे से कपड़ा बनाने, फिनिशिंग, रंगाई, साइजिंग और प्रिंटिंग जैसी गतिविधियां होंगी। इसके अलावा रेडीमेड गारमेंट बनाने वाली इकाइयां भी स्थापित की जाएंगी। इस तरह एक ही स्थान पर टेक्सटाइल उद्योग से जुड़ी विभिन्न प्रक्रियाओं को विकसित करने की योजना है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और कारोबार के नए अवसर पैदा होंगे।

5 हजार से ज्यादा बेरोजगारों को रोजगार मिलने की उम्मीद

मगहर टेक्सटाइल पार्क के शुरू होने से पांच हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। निवेशकों से आवेदन लेने की प्रक्रिया चल रही है। शासन स्तर पर प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर निवेशकों का चयन किया जाना है। स्थानीय युवाओं के लिए यह परियोजना इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि रोजगार के लिए उन्हें दूसरे राज्यों और बड़े शहरों की ओर पलायन करना पड़ता है।

निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए बनेगा विद्युत उपकेंद्र

टेक्सटाइल पार्क में औद्योगिक इकाइयों के संचालन के लिए पर्याप्त और निर्बाध बिजली आपूर्ति भी जरूरी होगी। इसी को ध्यान में रखते हुए विद्युत उपकेंद्र स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। कुछ दिन पहले ट्रांसमिशन विभाग के एसडीओ मनोज कुमार के नेतृत्व में टीम बंद पड़ी संत कबीर कताई मिल परिसर का निरीक्षण करने पहुंची थी। टीम प्रस्तावित टेक्सटाइल पार्क की संभावित बिजली आवश्यकता का आकलन कर रही है।

बिजली जरूरत का आकलन, अधिकारियों के बीच हुई बातचीत

UP News

बिजली व्यवस्था को लेकर ट्रांसमिशन विभाग की टीम ने विद्युत वितरण खंड-खलीलाबाद के एक्सईएन राजेश कुमार और हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग के अधिकारियों से भी बातचीत की। इसका उद्देश्य टेक्सटाइल पार्क में प्रस्तावित औद्योगिक इकाइयों के लिए आवश्यक बिजली की क्षमता का आकलन करना है, ताकि पार्क के संचालन के समय बिजली आपूर्ति में किसी तरह की बाधा न आए।

1990 में बंद हुई थी कताई मिल

संत कबीर कताई मिल के बंद होने का इतिहास भी इस परियोजना से जुड़ा हुआ है। वर्ष 1990 में मिल बंद होने के बाद तीन हजार से अधिक कर्मचारी बेरोजगार हो गए थे। इसके साथ ही आसपास के क्षेत्रों में कपड़ा और बुनकरी से जुड़े लोगों पर भी इसका असर पड़ा। बड़ी संख्या में बुनकरों को अपना पुश्तैनी कारोबार छोड़कर दूसरे राज्यों में रोजगार की तलाश में जाना पड़ा।

कभी कई जिलों तक पहुंचता था मगहर मिल का धागा

कताई मिल के संचालन के दौर में गुजरात के सूरत, अहमदाबाद और वड़ोदरा समेत अन्य स्थानों से सूत आता था। यहां उसकी कताई कर धागा तैयार किया जाता था। यह धागा बस्ती, गोरखपुर, देवरिया, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, अंबेडकरनगर के टांडा, बाराबंकी, कानपुर और लखनऊ तक भेजा जाता था। स्थानीय बुनकर भी मिल से धागा खरीदकर कपड़े तैयार करते थे। उस समय कृषि के बाद वस्त्र उद्योग को क्षेत्र की प्रमुख आर्थिक गतिविधियों में गिना जाता था।

टेक्सटाइल पार्क से फिर लौट सकती है औद्योगिक रौनक

सहायक आयुक्त, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग, परिक्षेत्र-गोरखपुर सिद्धार्थ सिंह के मुताबिक, कताई मिल की भूमि की रजिस्ट्री हो चुकी है। टेक्सटाइल पार्क की स्थापना और संचालन से औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी और रोजगार के अवसर पैदा होंगे। उनके अनुसार, परियोजना के धरातल पर उतरने के बाद क्षेत्र में व्यापक बदलाव दिखाई दे सकता है।

UP News

ऐसे में लंबे समय से बंद पड़ी कताई मिल की जमीन पर प्रस्तावित टेक्सटाइल पार्क संतकबीरनगर के लिए रोजगार और औद्योगिक विकास की नई उम्मीद बनकर सामने आया है। यदि निवेश और औद्योगिक इकाइयों की स्थापना की प्रक्रिया समय पर पूरी होती है, तो मगहर एक बार फिर वस्त्र उद्योग के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना सकता है।