Hockey Jersey Controversy: हॉकी टीम की भगवा जर्सी पर कांग्रेस MP का तीखा बयान, सियासी संग्राम शुरू

भारतीय हॉकी टीम की पारंपरिक नीली जर्सी को केसरिया रंग में बदलने की खबर पर कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

Hockey Jersey Controversy

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जुलाई 30, 2026

Hockey Jersey Controversy: भारतीय हॉकी टीम की पारंपरिक नीले रंग की जर्सी को बदलकर केसरिया यानी भगवा रंग किए जाने की खबर ने देश की राजनीति में एक नया भूचाल ला दिया है। खेल के मैदान पर रंगों की राजनीति को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं। इस संभावित बदलाव पर जहां विपक्षी दल इसे सरकार की संकीर्ण और राजनीतिक सोच करार दे रहे हैं, वहीं सत्ताधारी दल के नेता इसे सामान्य प्रक्रिया बताकर इसका समर्थन कर रहे हैं। इस विवाद ने खेल जगत से लेकर राजनीतिक गलियारों तक हलचल पैदा कर दी है।

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कांग्रेस सांसद तारिक अनवर का तीखा हमला

बिहार के कटिहार से कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने इस मुद्दे पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारतीय हॉकी टीम की जर्सी का रंग बदलना भारतीय जनता पार्टी की सरकार की संकीर्ण मानसिकता और विचारधारा को उजागर करता है। उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा कि अब खेलों का भी भगवाकरण किया जा रहा है, जो कि बेहद आश्चर्यजनक है। तारिक अनवर ने इस बात पर भी जोर दिया कि भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान ने भी इस बदलाव पर सवाल उठाए हैं, इसलिए सरकार को कम से कम खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों की भावनाओं का लिहाज करना चाहिए था।

पूर्व कप्तान विरेन रस्किन्हा की चिंता और राजनीतिक बहस

भारतीय हॉकी टीम की पहचान लंबे समय से नीले रंग की जर्सी से जुड़ी रही है। लेकिन इस बदलाव की खबर सामने आने के बाद भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान विरेन रस्किन्हा ने भी इस पर चिंता जताई है। खेल प्रेमियों और जानकारों का मानना है कि जर्सी किसी भी टीम की पहचान और उसकी ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक होती है। दूसरी ओर, विपक्षी दल लगातार इस फैसले को राजनीतिक प्रतीकवाद से जोड़कर सरकार पर निशाना साध रहे हैं।

बीजेपी का पलटवार: रंग बदलने में हर्ज क्या?

विपक्षी दलों के हमलों का जवाब देते हुए भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने इस फैसले का पुरजोर समर्थन किया है। बीजेपी सांसद जगन्नाथ सरकार ने दो टूक शब्दों में कहा कि सरकार के पास नीतिगत फैसले लेने का पूरा अधिकार है और जर्सी का रंग बदलने में कोई बुराई नहीं है। उन्होंने विपक्ष के विरोध को छोटी मानसिकता का परिचायक बताया। वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद ने भी केसरिया रंग का समर्थन करते हुए कहा कि भारत वीर क्रांतिकारियों की पावन धरती है और केसरिया रंग हमारी सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा है, जिस पर किसी को भी आपत्ति नहीं होनी चाहिए।

समाजवादी पार्टी और टीएमसी की प्रतिक्रिया

समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने भी इस बदलाव पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि क्रिकेट और हॉकी जैसी राष्ट्रीय खेल टीमों में ‘नीला रंग’ देश की पहचान बन चुका है और ‘ब्लीड ब्लू’ का नारा हर खेल प्रेमी के दिल में बसता है। सपा नेता उदयवीर सिंह और पार्टी प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने आरोप लगाया कि बीजेपी अपने कामकाज की विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए ऐसे प्रतीकों और पहचान से जुड़े मुद्दों को आगे लाती है।

इसके उलट, तृणमूल कांग्रेस के सांसद और पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद ने इस विवाद पर एक संतुलित बयान दिया। उन्होंने कहा कि जर्सी का रंग नारंगी हो या हरा, इससे ज्यादा महत्वपूर्ण खिलाड़ियों का मैदान पर प्रदर्शन होता है। उन्होंने याद दिलाया कि क्रिकेट में भी खिलाड़ी लंबे समय तक सफेद कपड़ों में खेलते रहे हैं और असली सफलता कपड़ों के रंग से नहीं, बल्कि खेल के दम पर मिलती है।

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