DUSU Counting 2026: देश के सबसे बड़े छात्र चुनावों में शुमार दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव 2026 के परिणाम आज शनिवार (19 सितंबर) को घोषित किए जा रहे हैं। सुबह 8 बजे से खेल स्टेडियम के मल्टीपर्पज हॉल में कड़ी सुरक्षा और वीडियोग्राफी के बीच वोटों की गिनती जारी है। मतगणना के पहले रुझान सामने आ चुके हैं, जिन्होंने चुनावी सरगर्मी को और तेज कर दिया है। शुरुआती रुझानों के अनुसार, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने सेंट्रल पैनल के अधिकांश पदों पर अपनी मजबूत बढ़त बना ली है।
शुरुआती रुझान और मतों की स्थिति

मतगणना शुरू होने के बाद सामने आए पहले रुझानों में ABVP के उम्मीदवारों ने बढ़त हासिल की है।
अध्यक्ष पद का हाल: ABVP के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार यश डबास को शुरुआती दौर में 1305 वोट मिले हैं, जबकि उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी NSUI के विजय शंकर मीणा 1191 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर बने हुए हैं। वहीं, लेफ्ट गठबंधन (AISA-SFI) की उम्मीदवार अनन्या को 288 वोट हासिल हुए हैं।
बढ़त: शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, ABVP अध्यक्ष पद समेत कुल 3 महत्वपूर्ण पदों पर आगे चल रही है, जबकि कुछ अन्य सीटों पर मुकाबला कांटे का बना हुआ है।
चुनाव अधिकारियों के मुताबिक, मतगणना की यह पूरी प्रक्रिया अगले 4 से 5 घंटों में पूरी होने की उम्मीद है और दोपहर 12 बजे तक फाइनल रिजल्ट घोषित किए जा चुके होंगे।
मतदान प्रतिशत और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
इस वर्ष DUSU चुनाव में छात्रों ने खासा उत्साह दिखाया है। बीते दिन हुए मतदान में 40.46% वोटिंग दर्ज की गई, जो पिछले दो सालों की तुलना में बेहतर है।
मतदान तुलना: साल 2024 में 35.20% और साल 2025 में 39.45% मतदान हुआ था, जबकि इस बार यह आंकड़ा बढ़कर 40.46% तक पहुंच गया है। हालांकि, यह साल 2023 के 42% मतदान से थोड़ा कम है।
सुरक्षा और हाई कोर्ट के निर्देश: डीयू के कुल 91 कॉलेजों में से 52 कॉलेज इस चुनाव प्रक्रिया में हिस्सा ले रहे हैं। चुनाव और मतगणना के दौरान किसी भी तरह की हिंसा या गड़बड़ी को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। साथ ही, दिल्ली हाईकोर्ट के सख्त निर्देशों के तहत चुनाव परिणाम आने के बाद किसी भी तरह के विक्ट्री जुलूस (विजय जुलूस) पर पूरी तरह रोक लगाई गई है।
मैदान में 20 प्रत्याशी और त्रिकोणीय मुकाबला

इस बार DUSU के सेंट्रल पैनल (अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव) के पदों के लिए कुल 20 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। मुख्य मुकाबला पारंपरिक रूप से ABVP और NSUI के बीच माना जा रहा है, लेकिन लेफ्ट गठबंधन (AISA-SFI), ASAP और निर्दलीय प्रत्याशियों ने इस मुकाबले को बेहद दिलचस्प और त्रिकोणीय बना दिया है।
गौरतलब है कि पिछले साल (2025) के चुनावों में ABVP ने अध्यक्ष समेत 3 पदों पर जीत दर्ज की थी, जबकि उपाध्यक्ष का पद NSUI के खाते में गया था। अब कुछ ही घंटों में यह साफ हो जाएगा कि इस बार दिल्ली विश्वविद्यालय की सत्ता की चाबी किसके हाथ लगती है और छात्र संघ के नए अगुवा कौन बनते हैं।
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