Delhi Crime News: राजधानी दिल्ली के स्वरूप नगर इलाके से एक अत्यंत ही वीभत्स और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक 16 साल की नाबालिग के साथ पहले सामूहिक बलात्कार (गैंगरेप) किया गया और फिर चाकू से गोदकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। हत्या के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने की नीयत से शव को कुशक रोड के पास एक सुनसान खेत में पत्तों और मिट्टी के नीचे छिपा दिया था। इस सनसनीखेज मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 19 वर्षीय मुख्य आरोपी शिवम गणेश को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि वारदात में शामिल तीन अन्य नाबालिगों को भी हिरासत में ले लिया गया है।
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खेत में मिला क्षत-विक्षत शव और मेडिकल खुलासे

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, रविवार की सुबह कुशक रोड स्थित एक खेत में स्थानीय लोगों ने शव देखकर पुलिस को इसकी सूचना दी। जब पुलिस मौके पर पहुँची, तो मृतका का शव बेहद क्षत-विक्षत अवस्था में था। शव का दायां हाथ गायब था और चेहरे व पेट का हिस्सा बुरी तरह से सड़ चुका था। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई कि शव के खुले में पड़े रहने और लावारिस जानवरों के नोंचने की वजह से उसकी स्थिति और अधिक बिगड़ गई थी। इसके बाद जब मेडिकल जांच कराई गई, तो उसमें रेप की पुष्टि हुई। साथ ही, मृतका के शरीर पर चाकू के आठ गहरे घाव भी पाए गए, जो दरिंदगी की दास्तान बयां कर रहे थे।
‘फ्रेंड’ से मिलने गई थी पीड़िता, ऐसे हुई हैवानियत
पुलिस की अब तक की जांच में यह खुलासा हुआ है कि वह नाबालिग लड़की शुक्रवार की रात अपने 17 साल के एक दोस्त से मिलने के लिए गई थी। जांच अधिकारियों के मुताबिक, इस दौरान आरोपी और उसके दोस्त शराब के नशे में धुत थे। सबसे पहले 17 वर्षीय मुख्य लड़के ने लड़की के साथ जबरन दुष्कर्म किया। जब पीड़िता ने इस घिनौनी हरकत के बाद पुलिस में शिकायत करने की बात कही, तो आरोपी ने घबराकर अपने तीन अन्य दोस्तों को भी मौके पर बुला लिया।
इसके बाद बाकी के दरिंदों ने भी नाबालिग के साथ अपनी हवस का शिकार बनाया। वारदात खुलने और पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने बेरहमी से उस पर चाकू से 6 से ज्यादा वार किए और उसकी जान ले ली। हत्या को अंजाम देने के बाद चारों आरोपियों ने मिलकर शव को खेत में पत्तों और मिट्टी से ढक दिया और मौके से फरार हो गए।
सीसीटीवी फुटेज और एक टेम्पो से खुला राज

शुरुआत में शव की शिनाख्त न हो पाने के कारण यह मामला पुलिस के लिए काफी पेचीदा और चुनौतीपूर्ण बना हुआ था। हालांकि, पुलिस टीमों ने तकनीकी मदद लेते हुए इलाके के 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगालना शुरू किया। इस दौरान एक टेम्पो की संदिग्ध आवाजाही पुलिस की नजर में आई।
हालाँकि वाहन की नंबर प्लेट साफ नहीं दिख रही थी, लेकिन स्थानीय स्तर पर की गई पूछताछ के आधार पर पुलिस आखिरकार वाहन चालक तक पहुँचने में कामयाब रही। चालक ने पूछताछ में खुलासा किया कि उसका 17 वर्षीय छोटा भाई उस टेम्पो को चलाता था। साथ ही, सीसीटीवी फुटेज में चार लड़के भी भागते हुए नजर आए थे। इन अहम सुरागों के आधार पर पुलिस ने स्वरूप नगर की खड्डा कॉलोनी में पूरी रात सर्च ऑपरेशन चलाया और आखिरकार चारों आरोपियों को दबोच लिया।
परिजनों को नहीं थी लापता होने की जानकारी
पुलिस ने बताया कि मृतका पढ़ाई छोड़ चुकी थी और अपने परिवार की आर्थिक मदद के लिए नौकरी की तलाश में जुटी हुई थी। वह अपने माता-पिता से अलग रह रही थी, जिसके चलते उसके परिजनों को उसके दो दिनों से घर न लौटने की कोई जानकारी नहीं थी और न ही किसी ने थाने में उसकी गुमशुदगी की कोई शिकायत दर्ज कराई थी। इस खौफनाक वारदात ने एक बार फिर राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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