Disha Salian Case: दिवंगत फिल्म मैनेजर दिशा सालियान की मौत से जुड़े मामले में एक बार फिर कानूनी विवाद सामने आया है। दिशा के पिता सतीश सालियान ने महाराष्ट्र के नेता आदित्य ठाकरे और राज्य के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख को 500 करोड़ रुपये के मानहानि का कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस के जरिए दोनों नेताओं से अपने कथित आपत्तिजनक बयानों को वापस लेने, सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगने और 500 करोड़ रुपये का हर्जाना देने की मांग की गई है। इसके लिए उन्हें सात दिन का समय दिया गया है।
Mirzapur The Movie Box Office: ‘मिर्जापुर द मूवी’ ने रचा नया रिकॉर्ड, 14वें
मीडिया में सार्वजनिक माफी की मांग
सतीश सालियान की ओर से यह कानूनी नोटिस अधिवक्ता अनुष्का सोनावणे के माध्यम से भेजा गया है। नोटिस में आदित्य ठाकरे और अनिल देशमुख से स्पष्ट और लिखित रूप से सार्वजनिक माफी मांगने को कहा गया है।
माफी को व्यापक स्तर पर प्रकाशित और प्रसारित कराने की भी मांग रखी गई है। इसके तहत प्रमुख प्रिंट मीडिया संस्थानों में ए4 आकार का विज्ञापन प्रकाशित कराने की बात कही गई है। इसके अलावा राष्ट्रीय और राज्य स्तर के प्रमुख समाचार चैनलों तथा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कम से कम तीन मिनट का सार्वजनिक वीडियो माफीनामा जारी करने की मांग की गई है।
किन बयानों पर जताई गई आपत्ति?
नोटिस में आरोप लगाया गया है कि दोनों नेताओं ने सतीश सालियान द्वारा दिशा की मौत की स्वतंत्र जांच की मांग किए जाने को लेकर कथित तौर पर ऐसे बयान दिए, जिन्हें उनके परिवार ने झूठा, दुर्भावनापूर्ण और मानहानिकारक बताया है। सतीश सालियान का कहना है कि अपनी बेटी की मौत की स्वतंत्र जांच की मांग करना उनका कानूनी और संवैधानिक अधिकार है। इसी उद्देश्य से उन्होंने हाई कोर्ट का रुख किया था। नोटिस के मुताबिक, उनकी याचिका में मामले से जुड़े कई आरोपों, परिस्थितियों, कथित विरोधाभासों तथा दस्तावेजी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का उल्लेख किया गया था।
आदित्य ठाकरे पर लगाए गए आरोप

नोटिस में दावा किया गया है कि आदित्य ठाकरे ने मामले की न्यायिक कार्यवाही के संदर्भ में सतीश सालियान की मंशा और विश्वसनीयता पर सवाल उठाए। परिवार का आरोप है कि उनकी कानूनी कार्रवाई को राजनीतिक साजिश या किसी को परेशान करने की कोशिश के तौर पर पेश किया गया। सतीश सालियान ने इन कथित आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उनके पीछे कोई ठोस आधार नहीं था। उनका कहना है कि बेटी की मौत की निष्पक्ष जांच की मांग को राजनीतिक उद्देश्य से जोड़ना उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाला है।
अनिल देशमुख के पुराने बयान का भी जिक्र
कानूनी नोटिस में पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख के पिछले साल दिए गए एक बयान का भी उल्लेख किया गया है। नोटिस के अनुसार, देशमुख ने सतीश सालियान की याचिका को आदित्य ठाकरे को बदनाम करने की कथित साजिश बताया था। सतीश सालियान ने इस बयान पर भी आपत्ति जताई है। उनका दावा है कि देशमुख की ओर से दिया गया बयान गंभीर और दुर्भावनापूर्ण था तथा इससे उनकी प्रतिष्ठा प्रभावित हुई।
सीबीआई जांच का भी संदर्भ
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब दिशा सालियान की मौत से जुड़े मामले में सतीश सालियान की शिकायत के आधार पर सीबीआई ने हाल में केस दर्ज किया था। नोटिस में उस दावे पर भी आपत्ति जताई गई है कि सीबीआई पहले ही दिशा सालियान मामले की जांच कर चुकी है और उन्हें क्लीन चिट मिल चुकी है। हालांकि, मानहानि नोटिस में लगाए गए आरोप और 500 करोड़ रुपये की मांग अब कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा हैं। सात दिन की समयसीमा में दोनों नेताओं की ओर से क्या जवाब दिया जाता है, यह आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए महत्वपूर्ण होगा।









