Uttarakhand News: उत्तराखंड में युवाओं के लिए नई पहल, उद्योग बताएंगे जरूरत और उसी हिसाब से मिलेगी ट्रेनिंग

उत्तराखंड में युवाओं की ट्रेनिंग को रोजगार से जोड़ने की तैयारी है। उद्योगों और फैक्ट्रियों की वास्तविक जरूरत के आधार पर अलग-अलग ट्रेड में प्रशिक्षण दिया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि सरकार संबंधित कंपनियों के साथ एमओयू करेगी, जिससे युवाओं को प्रशिक्षण के बाद रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर मिल सकेंगे।

उद्योग बताएंगे जरूरत और उसी हिसाब से मिलेगी ट्रेनिंग

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

सितम्बर 19, 2026

Uttarakhand News: उत्तराखंड में युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए कौशल प्रशिक्षण की व्यवस्था को उद्योगों की जरूरत से जोड़ने की तैयारी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि प्रदेश में आने वाले और पहले से संचालित उद्योगों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए युवाओं को अलग-अलग ट्रेड और तकनीकी कौशल में प्रशिक्षित किया जाएगा।

सरकार की योजना के तहत संबंधित उद्योगों और फैक्ट्रियों के साथ सीधे समझौता ज्ञापन यानी एमओयू किए जाएंगे। इन समझौतों के माध्यम से यह पता लगाया जाएगा कि कंपनियों को किन क्षेत्रों में प्रशिक्षित कर्मचारियों की जरूरत है। इसके बाद युवाओं के लिए उसी अनुरूप प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किए जाएंगे।

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‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ में युवाओं से संवाद

मुख्यमंत्री धामी ने मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ कार्यक्रम के दौरान युवा प्रतिभाओं से बातचीत की। इस दौरान विभिन्न जिलों से पहुंचे छात्र-छात्राओं ने राज्य के विकास और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में तकनीक, रोबोटिक्स, साइबर सुरक्षा, कौशल विकास, स्वरोजगार और विकसित उत्तराखंड जैसे विषय प्रमुख रहे। विद्यार्थियों ने इन क्षेत्रों में भविष्य की संभावनाओं को लेकर मुख्यमंत्री के सामने अपने सुझाव भी रखे।

उद्योगों को मिलेगा स्थानीय कुशल स्टाफ

मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों की वास्तविक आवश्यकता के आधार पर युवाओं को प्रशिक्षण मिलने से ट्रेनिंग पूरी करने के बाद उनके लिए रोजगार के अवसर बेहतर हो सकते हैं। साथ ही कंपनियों को भी अपने आसपास के क्षेत्र में प्रशिक्षित और आवश्यक कौशल वाले कर्मचारी मिल सकेंगे। इस व्यवस्था से प्रशिक्षण और रोजगार के बीच की दूरी कम करने का प्रयास किया जाएगा। युवाओं को वही कौशल सिखाने पर जोर रहेगा, जिसकी बाजार और उद्योगों में वास्तविक मांग मौजूद है।

नौकरी के साथ स्वरोजगार पर भी फोकस

रोजगार को लेकर पूछे गए सवालों के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य युवाओं को सिर्फ नौकरी तलाशने तक सीमित रखना नहीं है। उन्हें स्वरोजगार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ाने पर भी काम किया जा रहा है। इसके लिए उत्तराखंड के स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक उत्पादों को आधुनिक तकनीक, बेहतर पैकेजिंग, ब्रांडिंग और बाजार से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। इससे प्रदेश के युवाओं के लिए अपने स्तर पर व्यवसाय शुरू करने के अवसर विकसित हो सकते हैं।

‘सगंध मिशन’ से स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बाजार

‘सगंध मिशन’ से स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बाजार
‘सगंध मिशन’ से स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बाजार

मुख्यमंत्री ने सगंध मिशन का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तराखंड की खास वनस्पतियों से तैयार सुगंधित उत्पादों और इत्र को बड़े बाजार तक पहुंचाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। इन उत्पादों को ‘हाउस ऑफ हिमालय’ के माध्यम से देश के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी पहुंचाने की योजना पर जोर दिया जा रहा है। इससे स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों का मूल्य बढ़ाने के साथ ग्रामीण इलाकों में रोजगार, आजीविका और उद्यमिता के अवसर पैदा करने का प्रयास है।

अलग-अलग जिलों के विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा

कार्यक्रम में उत्तरकाशी के अनमोल परमार, ऊधम सिंह नगर के रुद्रपुर की वैष्णवी, देहरादून के कालसी की कसिस और अल्मोड़ा के भरत समेत कई विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। छात्र-छात्राओं ने सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी हासिल की और उत्तराखंड के भविष्य तथा विकास से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार मुख्यमंत्री के साथ साझा किए। सरकार की इस प्रस्तावित पहल का उद्देश्य युवाओं के कौशल को प्रदेश में उपलब्ध रोजगार और औद्योगिक जरूरतों से जोड़ना है।