Bihar Politics: बिहार की सियासत में नया घमासान, भरत तिवारी एनकाउंटर पर आमने-सामने पप्पू और तेजस्वी

पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी कथित एनकाउंटर मामले पर बोलते हुए कहा कि यह केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे बिहार में न्याय और कानून व्यवस्था से जुड़ा एक बेहद गंभीर मुद्दा बन चुका है।

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Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जुलाई 26, 2026

Bihar Politics: बिहार के भोजपुर जिले में चर्चित भरत तिवारी कथित एनकाउंटर मामले की गूंज लगातार तेज होती जा रही है। इस बीच, पूर्णिया से लोकसभा सांसद पप्पू यादव रविवार (26 जुलाई) को पीड़ित परिवार से मिलने उनके पैतृक गांव पहुंचे। उन्होंने शोकसंतप्त परिवार का हालचाल जाना, उन्हें हरसंभव आर्थिक सहायता का भरोसा दिया और इस कठिन समय में न्याय की लड़ाई तक उनके साथ खड़े रहने का कड़ा संकल्प लिया। हालांकि, इस पूरे दौरे के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा सांसद द्वारा विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव पर किए गए तीखे हमले और उनकी चुप्पी पर उठाए गए सवालों की रही।

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‘जो नेता 24 घंटे का अल्टीमेटम देते थे, वे आज खामोश क्यों?’

पीड़ित परिवार से मिलने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए सांसद पप्पू यादव ने विपक्ष पर तीखा प्रहार किया। तेजस्वी यादव का नाम लिए बिना उन्होंने सवाल उठाया कि जो नेता पहले छोटी-छोटी घटनाओं पर 24 घंटे का अल्टीमेटम देने की बात करते थे, वे आज भरत तिवारी के मामले में पूरी तरह खामोश क्यों बैठे हैं?

उन्होंने कहा कि जब छात्र आंदोलन चल रहा था और राज्य में तमाम युवा सड़कों पर उतरकर संघर्ष कर रहे थे, तब विपक्ष को और अधिक मुखर होकर मजबूती से आवाज उठानी चाहिए थी। पप्पू यादव ने दो टूक कहा कि सिर्फ जुबानी बयानबाजी करने या औपचारिकता निभाने से पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल जाएगा, इसके लिए जमीन पर उतरकर ठोस संघर्ष करना पड़ता है।

दोषी अधिकारियों पर तुरंत हो एफआईआर और गिरफ्तारी

पप्पू यादव ने राज्य सरकार और प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए मांग की कि जिन पुलिस अधिकारियों पर एनकाउंटर के गंभीर आरोप हैं, उनके खिलाफ तत्काल प्रभाव से एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि घटना के इतने दिन बीत जाने के बाद भी दोषी अधिकारियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई न होना प्रशासनिक तंत्र की कार्यशैली पर बड़ा सवालिया निशान लगाता है।

उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर तीन महीने के भीतर स्पीडी ट्रायल चलाया जाए, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके और दोषियों को कड़ी सजा मिले।

‘जरूरत पड़ी तो संसद से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे’

पूर्णिया सांसद ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भरत तिवारी का यह मामला अब केवल भोजपुर या बिहार की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि देश के अन्य हिस्सों से भी लोग इस पर सवाल पूछ रहे हैं।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि राज्य स्तर पर पीड़ित परिवार को निष्पक्ष न्याय नहीं मिला, तो वे इस संवेदनशील मुद्दे को देश की सबसे बड़ी पंचायत यानी लोकसभा में पूरी प्रमुखता से उठाएंगे। आवश्यकता पड़ने पर वे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने से भी पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने दोहराया कि जब तक पीड़ित परिवार को पूर्ण न्याय नहीं मिल जाता, तब तक वह इस लड़ाई को जारी रखेंगे।

परिवार को आर्थिक मदद और जरूरतमंदों की सुध लेने की अपील

दौरे के दौरान पप्पू यादव ने परिवार की दयनीय आर्थिक स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भरत तिवारी जीवित रहते हुए हमेशा गरीब और जरूरतमंद लोगों की सहायता किया करते थे, लेकिन आज उनका परिवार खुद संकट के दौर से गुजर रहा है।

उन्होंने मौके पर मौजूद लोगों से अपील की कि वे भरत तिवारी की सामाजिक विचारधारा को आगे बढ़ाएं और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भोजन व अन्य जरूरतों से जूझ रहे गरीब परिवारों की मदद करें। सांसद ने पीड़ित परिवार को आश्वस्त किया कि उन्हें किसी भी प्रकार से अकेला नहीं छोड़ा जाएगा और हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।

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