Haryana News: हरियाणा सरकार ने राज्य के नागरिकों को सुगम और बेहतर परिवहन सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में एक लाख से अधिक आबादी वाले शहरों और कस्बों को ट्रैफिक जाम की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए रिंग रोड और राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण को औपचारिक मंजूरी दे दी गई है। यह मास्टर प्लान शहरी क्षेत्रों में बढ़ते यातायात के दबाव को कम करने के लिए तैयार किया गया है।
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मास्टर प्लान और वित्तीय मॉडल को मंजूरी

चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में लोक निर्माण विभाग के मंत्री रणबीर गंगवा, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप एक स्पष्ट नीति बनाई जाए, जिससे इन सड़क परियोजनाओं को धरातल पर तेजी से लागू किया जा सके।
केंद्र सरकार के साथ लागत हिस्सेदारी के मामलों के समाधान के लिए वित्त विभाग, लोक निर्माण विभाग और शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारियों की एक तीन-सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। इन बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर लगभग नौ हजार सात सौ करोड़ रुपये की लागत आएगी।
प्रमुख शहरों में इन परियोजनाओं को मिली हरी झंडी

बैठक के दौरान राज्य के कई प्रमुख शहरों में बाइपास और रिंग रोड निर्माण के प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई:
हिसार और कुरुक्षेत्र बाइपास: हिसार-राजगढ़ रोड (NH-52) को हिसार-दिल्ली और हिसार-कैथल रोड से जोड़ने वाले नए बाइपास को मंजूरी मिली है। वहीं, कुरुक्षेत्र-लाडवा बाइपास के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार हो चुकी है और इस पर जल्द कार्य शुरू होगा।
नारनौल और जींद परियोजनाएं: लगभग ग्यारह किलोमीटर लंबा नारनौल शहर बाइपास स्टेट हाईवे NH-148B से जुड़ेगा। जींद में यातायात के दबाव को बांटने के लिए बाहरी रिंग रोड और चार-लेन वाला बाइपास (NH-352) बनाया जाएगा।
पलवल-सोहना बाइपास: लगभग चौबीस किलोमीटर लंबी चार-लेन वाली इस सड़क का पुनर्निर्माण और पुन: डिज़ाइन किया जाएगा।
जेवर एयरपोर्ट तक मिलेगी सीधी ग्रीनफील्ड कनेक्टिविटी

राज्य में कनेक्टिविटी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने के लिए विशेष मार्ग तैयार किए जा रहे हैं। DND-फरीदाबाद-बल्लभगढ़ बाइपास और KMP लिंक को सीधे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए एक नया लिंक मार्ग बनाया जाएगा, जिससे यात्रियों को उत्तर प्रदेश के जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक आसान ग्रीनफील्ड कनेक्टिविटी मिल सकेगी।
इसके अलावा, करनाल रिंग रोड के लिए जमीन का हिस्सा पहले ही जमा किया जा चुका है। अंबाला शहर और अंबाला कैंट को जोड़ने वाली रिंग रोड का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और इसके जल्द ही पूरा होने की उम्मीद है।
स्थानीय संपर्क मार्गों और रेलवे अंडर-ब्रिज का विकास
बड़े राष्ट्रीय राजमार्गों और बाइपास के अलावा, स्थानीय स्तर पर आवागमन को बेहतर बनाने के लिए कई ग्रामीण और शहरी संपर्क मार्गों को चौड़ा करने की मंजूरी दी गई है।
सिरसा में सिविल स्टेशन रोड पर रेवाड़ी-बठिंडा रेलवे लाइन के ऊपर एक नए रेलवे अंडर-ब्रिज का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही कनीना-महेंद्रगढ़ रोड से अनावास, धनी राजावास स्कूल से बालाना, और खतोद से बुदिन, निंभेरा तथा बालचा तक जाने वाली लिंक सड़कों का विकास होगा। महेंद्रगढ़-बुचोली रोड और नांगवास-अटेली रोड को भी चौड़ा किया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों को आवागमन में भारी सहूलियत मिलेगी।
Haryana News: हिसार एयरपोर्ट से बढ़ेगी फ्लाइट कनेक्टिविटी, हरियाणा के










