Hartalika Teej 2026: कब है हरतालिका तीज? एक क्लिक में जानें दिन तारीख और शुभ मुहूर्त

हरतालिका तीज की तृतीया तिथि 13 सितंबर सुबह 7:08 बजे से 14 सितंबर सुबह 7:06 बजे तक रहेगी। जानें व्रत की सही तारीख और पूजा का शुभ मुहूर्त।

Hartalika Teej 2026

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

सितम्बर 12, 2026

Hartalika Teej 2026: सनातन धर्म में कई सारे व्रत त्योहार पड़ते हैं और सभी का अपना महत्व भी होता है, लेकिन हरतालिका तीज व्रत को बेहद ही खास माना जाता है, इस पावन दिन पर शादीशुदा महिलाएं दिनभर उपवास रखकर पति की मंगल कामना के लिए पूजा व प्रार्थना करती है। मान्यता है कि इस दिन व्रत पूजन करने से अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है। इस दिन महिलाएं निर्जला उपवास रखकर शिव पार्वती की विधिवत पूजा करती है, मान्यता है कि ऐसा करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और शादीशुदा जीवन में आने वाली समस्याओं का समाधान होता है। ऐसे में हम आपको हरतालिका तीज की तारीख, मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में जानकारी प्रदान कर रहे हैं तो आइए जानते हैं।

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हरतालिका तीज की सही तारीख

Hartalika Teej 2026
कब है हरतालिका तीज?

हिंदू पंचांग के अनुसार भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि का आरंभ 13 सितंबर को सुबह 7 बजकर 8 मिनट पर होगा और इस तिथि का समापन अगले दिन यानी 14 सितंबर को सुबह 7 बजकर 6 मिनट पर हो जाएगा। ऐसे में 13 सितंबर को सूर्योदय के समय द्वितीया तिथि व्याप्त रहेगी और सुबह 7 बजकर 8 मिनट के बाद तृतीया तिथि का आरंभ हो जएगा। शास्त्र अनुसार द्वितीया युक्ता तृतीया को हरतालिका तीज के व्रत के लिए निषेय माना गया है।

बता दें कि इस दिन उदयातिथि के रूप में तृतीया तिथि सुबह 7 बजकर 6 मिनट तक प्राप्त हो रही है। इसके बाद चतुर्थी तिथि लग जाएगी। इसमें मृतीया तिथि का सूर्योदय मिल रहा है और प्रदोष काल तथा व्रत के नियम शास्त्र सम्मत बैठते हैं, इसलिए उदयातिथि और शास्त्रीय गणना के आधार पर हरतालिका तीज का व्रत और पूजन 14 सितंबर दिन सोमवार को रखना बेहद ही शुभ रहेगा।

हरतालिका तीज का शुभ मुहूर्त

Hartalika Teej 2026
कब है हरतालिका तीज?

14 सितंबर को व्रत और पूजन के लिए अत्यंत शुभ योग और मुहूर्त बन रहे हैं, जिनका लाभ व्रती महिलाएं उठा सकती हैं। इस दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 32 मिनट से 5 बजकर 19 मिनट तक रहेगा। इस दौरान उठकर स्नान आदि करने के बाद व्रत का संकल्प करें। जिन घरों में सुबह के समय पूजा का विधान है, वे सुबह 6 बजकर 5 मिनट से 7 बजकर 6 मिनट के बीच पूजा कर सकते हैं। इस समय ‘अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त’ भी मिल रहा है, जो सुबह 6 बजकर 5 मिनट से 7 बजकर 38 मिनट तक रहेगा। यह पूजा ब्रह्म योग और चित्रा नक्षत्र के संयोग में होगा।

अधिकतर घरों में हरतालिका तीज का मुख्य पूजन प्रदोष काल के समय किया जाता है। प्रदोष काल में पूजा करने के लिए सूर्यास्त के बाद शाम 6 बजकर 28 मिनट के बाद का समय सबसे उत्तम रहेगा। इस पावन दिन पर रवि योग, इंद्र योग और स्वाति नक्षत्र का शुभ प्रभाव प्राप्त होगा।

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