UP News: पीएम यूनिटी मॉल से चमकेंगे यूपी के स्थानीय उत्पाद, जानिए क्या है सरकार का प्लान

उत्तर प्रदेश के आगरा, वाराणसी और लखनऊ में पीएम यूनिटी मॉल का निर्माण तेजी से जारी है। इन मॉल में प्रदेश के 75 जिलों के ओडीओपी, जीआई टैग, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों को बाजार मिलेगा। सरकार की इस पहल से कारीगरों, महिलाओं और युवाओं को बड़े बाजार से जोड़ने के साथ स्वदेशी उत्पादों की ब्रांडिंग को बढ़ावा मिलेगा।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

सितम्बर 12, 2026

UP News: उत्तर प्रदेश में स्थानीय उत्पादों, पारंपरिक कारीगरी और हस्तशिल्प को देश-दुनिया के बड़े बाजार से जोड़ने की दिशा में योगी सरकार की पहल तेजी से आगे बढ़ रही है। प्रदेश के आगरा, वाराणसी और लखनऊ में आधुनिक पीएम यूनिटी मॉल का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। इन मॉल के जरिए प्रदेश के अलग-अलग जिलों के ओडीओपी और जीआई टैग वाले उत्पादों को एक ही मंच पर प्रदर्शित, ब्रांड और बेचने की व्यवस्था तैयार की जाएगी।

पीएम यूनिटी मॉल से पारंपरिक उद्योग और स्थानीय उत्पादों को नई पहचान

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आपको बता दे कि, सरकार का उद्देश्य इन यूनिटी मॉल को स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प और पारंपरिक उद्योगों के लिए स्थायी बाजार के रूप में विकसित करना है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले कारीगरों, शिल्पकारों, महिलाओं और युवाओं को सीधे बड़े बाजार से जुड़ने का अवसर मिलेगा। साथ ही प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में तैयार होने वाले स्वदेशी उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की कोशिश होगी।

स्थानीय कारीगरी और ओडीओपी उत्पादों को मिलेगा आधुनिक बाजार

पारंपरिक उद्योगों के सामने सबसे बड़ी चुनौती बाजार और उचित मूल्य की रही है। पीएम यूनिटी मॉल इस समस्या को दूर करने के लिए एक बड़ा मंच उपलब्ध कराएंगे। यहां अलग-अलग जिलों के प्रसिद्ध उत्पादों की बिक्री के साथ उनकी ब्रांडिंग और प्रदर्शन भी किया जाएगा। इससे स्थानीय शिल्प को नई पीढ़ी और नए उपभोक्ताओं तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

आगरा में 128 करोड़ से बन रहा पीएम यूनिटी मॉल

आगरा के शिल्पग्राम क्षेत्र में करीब 11.53 एकड़ भूमि पर लगभग 128.85 करोड़ रुपये की लागत से पीएम यूनिटी मॉल का निर्माण हो रहा है। परियोजना के तहत बेसमेंट की खुदाई, फाउंडेशन की पीसीसी, आरसीसी, बेसमेंट फ्लोर के कॉलम और रिटेनिंग वॉल की आरसीसी का काम 100 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है।

आगरा यूनिटी मॉल में 135 दुकानें, नवंबर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद

छह मंजिला इस मॉल में कुल 135 दुकानें प्रस्तावित हैं। यहां ब्रज क्षेत्र, आगरा, फिरोजाबाद और आसपास के जिलों के हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पादों को आधुनिक तरीके से बाजार उपलब्ध कराया जाएगा। परियोजना के नवंबर 2026 तक पूरा होने की संभावना है।

वाराणसी पीएम यूनिटी मॉल में काशी की विरासत को मिलेगा मंच

वाराणसी के गंगानगर कॉलोनी में करीब 1.46 एकड़ क्षेत्र में लगभग 154.71 करोड़ रुपये की लागत से यूनिटी मॉल तैयार किया जा रहा है। यहां डी-वॉल और छत की स्लैब की ढलाई का काम पूरा हो चुका है, जबकि बेसमेंट-3 में फाउंडेशन का कार्य जारी है।

बनारसी साड़ी से रुद्राक्ष तक, 111 दुकानों में दिखेगी काशी की पहचान

छह मंजिला वाराणसी यूनिटी मॉल में कुल 111 दुकानें होंगी। यहां बनारसी साड़ी, जरी-जरदोजी, लकड़ी के खिलौने, रुद्राक्ष और काशी के अन्य पारंपरिक उत्पादों को विशेष स्थान दिया जाएगा। यह परियोजना दिसंबर 2026 तक पूरी होने की संभावना है।

लखनऊ में चिकनकारी और अवध के उत्पादों को मिलेगा बड़ा बाजार

लखनऊ के अवध शिल्पग्राम में करीब 4.86 एकड़ क्षेत्र में लगभग 64 करोड़ रुपये की लागत से पीएम यूनिटी मॉल विकसित किया जा रहा है। यहां दुकानों की फिनिशिंग और एडमिन ब्लॉक के स्ट्रक्चर का काम पूरा हो चुका है। ब्रिक वर्क और लिफ्ट का कार्य अभी जारी है।

लखनऊ यूनिटी मॉल में 139 दुकानें, अक्टूबर 2026 तक पूरा होने का लक्ष्य

छह मंजिला इस मॉल में कुल 139 दुकानें होंगी। यहां लखनऊ की प्रसिद्ध चिकनकारी, जरी-जरदोजी और अवध क्षेत्र के अन्य स्थानीय उत्पादों को बड़ा बाजार मिलेगा। परियोजना के अक्टूबर 2026 तक पूरा होने की संभावना है।

75 जिलों के उत्पादों को एक मंच पर लाएगा यूनिटी मॉल

इन तीनों पीएम यूनिटी मॉल के तैयार होने के बाद उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों के स्थानीय उत्पादों को व्यापक मंच मिल सकेगा। इससे कारीगरों और छोटे उद्यमियों की आय बढ़ाने, रोजगार के नए अवसर पैदा करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही स्वदेशी उत्पादों की बिक्री और ब्रांडिंग को बढ़ावा मिलेगा, जबकि इन मॉल के जरिए प्रदेश में आने वाले पर्यटकों को भी उत्तर प्रदेश की विविध पारंपरिक कला और संस्कृति एक ही स्थान पर देखने और खरीदने का अवसर मिलेगा।