Bihar Paper Leak Protest: बिहार की राजधानी पटना में पेपर लीक के विरोध में जारी छात्र आंदोलन के दौरान शनिवार को राजनीतिक हलचल तेज हो गई। जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव को प्रदर्शन में शामिल होने के दौरान पुलिस ने हिरासत में ले लिया। घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिनमें प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनावपूर्ण स्थिति दिखाई दे रही है। छात्रों के प्रदर्शन के बीच पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए हस्तक्षेप किया और कई लोगों को हिरासत में लिया। इस घटनाक्रम के बाद राज्य की राजनीति में भी इस मुद्दे को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।
बिहार बंद के आह्वान के बाद सड़कों पर उतरे छात्र
पेपर लीक की घटनाओं के विरोध में विभिन्न छात्र संगठनों ने 25 सितंबर को बिहार बंद का आह्वान किया था। इस बंद के समर्थन में बड़ी संख्या में छात्र और युवा पटना सहित कई जिलों में सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए और पेपर लीक मामलों के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इसी प्रदर्शन में छात्रों का समर्थन करने पहुंचे तेज प्रताप यादव को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए जाने से पहले उन्होंने कहा कि वे छात्रों की मांगों के साथ खड़े हैं और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाते रहेंगे।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच झड़प
पटना में प्रदर्शन के दौरान कई स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की स्थिति बन गई। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने की कार्रवाई की। घटनास्थल से सामने आए वीडियो में पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किए जाने और प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के प्रयास दिखाई दिए। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की थी। अधिकारियों के अनुसार, स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए, जबकि प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर लगातार प्रदर्शन करते रहे।
भाकपा (माले) विधायक संदीप सौरभ की गिरफ्तारी
नीट पेपर लीक के विरोध में हुए एक अन्य प्रदर्शन के मामले में भाकपा (माले) के विधायक संदीप सौरभ को शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया। उन पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया गया है। जानकारी के अनुसार, उन्होंने 22 जुलाई को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन में भाग लिया था। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान स्थिति हिंसक हो गई, जिसमें कुछ भाजपा नेताओं पर हमला किया गया और उनके वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया। इस मामले को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं।
एनडीए विधायकों ने लगाए गंभीर आरोप
संदीप सौरभ की गिरफ्तारी के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के कई विधायकों ने उनकी भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़काने में उनकी सक्रिय भूमिका रही। दूसरी ओर, विपक्षी दलों की ओर से इस कार्रवाई पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। पेपर लीक का मुद्दा अब केवल छात्रों के आंदोलन तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह राजनीतिक बहस का भी प्रमुख विषय बन गया है। विभिन्न दल इस मामले पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
कई जिलों में हिंसक प्रदर्शन और तोड़फोड़ की घटनाएं
पटना के अलावा बिहार के जहानाबाद, दरभंगा, कटिहार, बेगूसराय सहित कई अन्य जिलों में भी पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन हुए। प्रशासन के अनुसार, कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया, बैरिकेड तोड़े और सरकारी तथा रेलवे संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया। इन घटनाओं के बाद कई लोगों को गिरफ्तार किया गया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं तथा संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
सरकार ने प्रशासन को दिए सतर्कता के निर्देश
लगातार हो रहे प्रदर्शनों को देखते हुए बिहार सरकार ने सभी जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को संवेदनशीलता तथा संयम के साथ स्थिति संभालने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में पटना समेत विभिन्न जिलों की कानून-व्यवस्था की समीक्षा की गई। बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि प्रदर्शन के दौरान शांति बनाए रखने के साथ-साथ छात्रों की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था का भी विशेष ध्यान रखा जाए। सरकार ने स्पष्ट किया है कि पेपर लीक से जुड़े मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी, वहीं किसी भी प्रकार की हिंसा या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं पर भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
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