Bihar News: बिहार के राजनीतिक गलियारों से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को एक तगड़ा झटका लगा है। पार्टी के कद्दावर नेता और लंबे समय तक मुख्य प्रवक्ता व मीडिया प्रभारी रहे मृत्युंजय तिवारी ने आधिकारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सदस्यता ग्रहण कर ली है। लालू प्रसाद यादव के करीबी और पार्टी के प्रमुख चेहरे माने जाने वाले मृत्युंजय तिवारी के इस तरह पाला बदलने से राज्य की सियासत गरमा गई है। भाजपा मुख्यालय में उनका स्वागत किया गया, जिसके बाद उन्होंने अपनी नई राजनीतिक पारी की शुरुआत कर दी है।
भगवा रंग में रंगे मृत्युंजय तिवारी
बताते चले कि, भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने से पहले मृत्युंजय तिवारी ने राजधानी पटना के प्रसिद्ध हनुमान मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और सुंदरकांड का पाठ किया। इस दौरान उन्होंने खुद को सच्चा राम भक्त बताया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने स्पष्ट किया कि वे नियमित रूप से हनुमान मंदिर आते हैं। हालांकि, पार्टी बदलने के पीछे उनका दर्द भी छलका। बीते 16 जुलाई को राजद छोड़ने के वक्त उन्होंने पार्टी नेतृत्व और तेजस्वी यादव पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि पार्टी के भीतर लगातार उनकी उपेक्षा और अपमान किया जा रहा था, जिससे आहत होकर उन्हें यह कड़ा कदम उठाना पड़ा।
मृत्युंजय तिवारी का बड़ा संकल्प
आपक बता दे कि, भाजपा में शामिल होने के बाद मृत्युंजय तिवारी ने पार्टी नेतृत्व का आभार जताया और अपनी पूरी निष्ठा समर्पित करने का ऐलान किया। उन्होंने जोश के साथ कहा कि पार्टी ने उन पर जो भरोसा जताया है, वे उस पर पूरी तरह खरे उतरेंगे और उनके “खून का एक-एक कतरा बीजेपी के लिए समर्पित” रहेगा। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे आज भी लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी का व्यक्तिगत रूप से बहुत सम्मान करते हैं, लेकिन वर्तमान में आरजेडी की आंतरिक स्थिति और कार्यशैली बेहद दयनीय हो चुकी है, जिसके कारण वहां रहना असंभव हो गया था।
2014 के मुश्किल दौर को किया याद
अपने राजनीतिक सफर को याद करते हुए मृत्युंजय तिवारी ने बताया कि साल 2014 का वह दौर जब आरजेडी बेहद मुश्किल समय से गुजर रही थी, तब पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने उन पर भरोसा जताते हुए राष्ट्रीय प्रवक्ता और मीडिया प्रभारी की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी थी। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने अपनी पूरी ईमानदारी, निष्ठा और क्षमता के साथ इस जिम्मेदारी को निभाया तथा पार्टी की विचारधारा को घर-घर तक पहुंचाया। लेकिन समय के साथ पार्टी के भीतर आंतरिक लोकतंत्र कमजोर होता गया, जिसके चलते उन्हें अपने पुराने सियासी आशियाने को अलविदा कहना पड़ा।
बिहार में लगातार मजबूत हो रही बीजेपी
हालिया राजनीतिक परिदृश्य पर नजर डालें तो बिहार में भारतीय जनता पार्टी का कुनबा लगातार मजबूत होता जा रहा है। विपक्षी दलों के कई दिग्गज नेता लगातार बीजेपी का दामन थाम रहे हैं। कुछ समय पहले ही ‘जन सुराज’ अभियान के प्रमुख चेहरे जैसे शिक्षाविद के.सी. सिन्हा, रितेश रंजन उर्फ बिट्टू सिंह और सुधीर शर्मा ने भी भाजपा की सदस्यता ली थी। इसके अलावा, आरजेडी की तेज-तर्रार नेत्री रितु जायसवाल भी पहले ही भगवा खेमे में शामिल हो चुकी हैं। अब मृत्युंजय तिवारी के आने से आगामी चुनावों से पहले एनडीए और खासकर बीजेपी को मनोवैज्ञानिक बढ़त मिलती दिखाई दे रही है।










