UP News: सीएम योगी ने बताया शिक्षा का नया रोडमैप, AI और डिजिटल साक्षरता बनेगी ताकत

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षा और साक्षरता को समाज के बेहतर भविष्य की आधारशिला बताया। शिक्षक दिवस के अवसर पर उन्होंने शिक्षकों की भूमिका, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास और डिजिटल साक्षरता पर जोर दिया। सीएम योगी ने कहा कि AI और नई तकनीकों की समझ युवाओं के लिए रोजगार और अवसरों के नए रास्ते खोल सकती है।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

सितम्बर 7, 2026

UP News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम लिखे अपने पत्र में शिक्षा और साक्षरता के महत्व पर विस्तार से विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज और राष्ट्र के बेहतर भविष्य की नींव मजबूत शिक्षा व्यवस्था पर टिकी होती है। शिक्षा केवल रोजगार हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्ति के व्यक्तित्व, सोच और जीवन मूल्यों को विकसित करने का जरिया भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को शिक्षित करने के साथ उनमें संस्कार, अनुशासन, जिम्मेदारी और सही दिशा की समझ विकसित करना भी जरूरी है।

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शिक्षक समाज और राष्ट्र निर्माण की अहम कड़ी

बताते चले कि, शिक्षक दिवस के संदर्भ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों की भूमिका को समाज और राष्ट्र निर्माण से जोड़ते हुए कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के जीवन को दिशा देने का काम करते हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्हें 81 शिक्षकों को सम्मानित करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक बच्चों के भीतर जिज्ञासा, आत्मविश्वास और सीखने की इच्छा पैदा करता है। वह विद्यार्थियों को सही और गलत के बीच अंतर समझने और जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा भी देता है। मुख्यमंत्री ने शिक्षक की तुलना उस दीपक से की, जो स्वयं प्रकाशमान रहकर दूसरों के जीवन में ज्ञान का उजाला फैलाता है।

भारतीय गुरुकुल परंपरा और जीवन मूल्यों पर जोर

मुख्यमंत्री ने भारतीय गुरुकुल परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि प्राचीन समय में शिक्षा केवल पुस्तकों और विषयों तक सीमित नहीं थी। विद्यार्थियों को जीवन जीने की कला, सामाजिक जिम्मेदारियों, अनुशासन और नैतिक मूल्यों की भी शिक्षा दी जाती थी। उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा व्यवस्था में भी इन जीवन मूल्यों को बनाए रखना जरूरी है। तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा के साथ संस्कार और जिम्मेदारी की भावना युवाओं को मजबूत भविष्य की ओर ले जा सकती है।

AI शिक्षा को बताया समय की जरूरत

मुख्यमंत्री योगी ने बदलती तकनीक के दौर में डिजिटल साक्षरता और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की जानकारी को जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि तकनीक तेजी से बदल रही है और युवाओं के लिए नई तकनीकों की समझ अब केवल अतिरिक्त योग्यता नहीं, बल्कि समय की आवश्यकता बन गई है। AI, डीप-टेक और दूसरी उभरती तकनीकें रोजगार और व्यवसाय के नए अवसर पैदा कर रही हैं। इनका प्रभाव शिक्षा के साथ स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और रोजगार जैसे क्षेत्रों पर भी तेजी से दिखाई दे रहा है।

आधुनिक तकनीक से पारंपरिक ज्ञान को जोड़ने की तैयारी

सीएम योगी ने कहा कि सरकार पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने लखनऊ में AI City और कानपुर में ड्रोन एवं UAV तकनीक के विकास का उल्लेख करते हुए इसे भविष्य की तकनीकी जरूरतों से जोड़कर देखा। मुख्यमंत्री के मुताबिक, युवाओं को नई तकनीकों से परिचित कराने और उन्हें बदलते रोजगार बाजार के लिए तैयार करने से प्रदेश में अवसरों के नए रास्ते खुल सकते हैं।

शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी जिक्र किया। उन्होंने स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए ऑपरेशन कायाकल्प और विद्यार्थियों के शैक्षिक विकास के लिए मिशन प्रेरणा जैसी योजनाओं को महत्वपूर्ण बताया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना और कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी तथा रोजगारपरक कौशल से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की संख्या कम करने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की दर को कम करने में सफलता मिली है और अधिक से अधिक बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य केवल बच्चों का स्कूल में दाखिला कराना नहीं, बल्कि उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना भी है। इसके लिए स्कूलों की व्यवस्था मजबूत करने के साथ बच्चों के सीखने के स्तर में सुधार पर भी लगातार ध्यान देने की जरूरत है।

अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर सामाजिक भागीदारी का संदेश

8 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के संदर्भ में मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि साक्षरता का लक्ष्य केवल सरकारी प्रयासों से हासिल नहीं किया जा सकता। इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने शिक्षा को सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ते हुए कहा कि बच्चों और युवाओं के साथ उन लोगों तक भी शिक्षा और डिजिटल जानकारी पहुंचाना आवश्यक है, जो अभी तक इससे पूरी तरह नहीं जुड़ पाए हैं।

हर बच्चे को शिक्षा और हर नागरिक को डिजिटल ज्ञान का लक्ष्य

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने पत्र में शिक्षा को लेकर सरकार का व्यापक लक्ष्य भी सामने रखा। उन्होंने कहा कि हर बच्चा स्कूल पहुंचे, प्रत्येक विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और युवाओं को कौशल, नए विचारों तथा आधुनिक तकनीक से जोड़ा जाए। साथ ही हर नागरिक को डिजिटल तकनीक और AI की बुनियादी जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री के संदेश का सार यही है कि बदलते समय में शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं रह सकती; डिजिटल साक्षरता, AI शिक्षा, कौशल विकास और संस्कार भविष्य की शिक्षा व्यवस्था के अहम आधार बनने जा रहे हैं।

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