Delhi News: सत्य निकेतन हादसे के बाद एक्शन मोड में सरकार, 5 MCD अधिकारियों का निलंबन

दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक बिल्डिंग हादसे के बाद सरकार ने बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया है। MCD के पांच अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। कार्रवाई के बाद अब सवाल उठ रहा है कि हादसे में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई। आखिर निलंबित अधिकारियों की पूरी लिस्ट क्या है?

सत्य निकेतन हादसे के बाद एक्शन मोड में सरकार

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

सितम्बर 7, 2026

Delhi News: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में इमारत गिरने की घटना के बाद दिल्ली नगर निगम यानी MCD ने बड़ी कार्रवाई की है। हादसे को लेकर साउथ जोन के पांच अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई MCD कमिश्नर के निर्देश पर की गई है। मामले में जिम्मेदारी तय करने के साथ-साथ लापरवाही की जांच भी शुरू कर दी गई है। निलंबन से संबंधित अलग-अलग आदेश MCD के विजिलेंस विभाग की ओर से जारी किए गए हैं। आदेश के मुताबिक, संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई पूरी होने तक उनका निलंबन प्रभावी रहेगा।

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इन पांच अधिकारियों पर गिरी गाज

सत्य निकेतन हादसे के बाद जिन अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है, उनमें साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार, सुपरिटेंडिंग इंजीनियर रणवीर सिंह, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (बिल्डिंग) ललित कुमार गोयल, असिस्टेंट इंजीनियर (बिल्डिंग) सुनील चौहान और जूनियर इंजीनियर आशीष कुमार शामिल हैं।

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में भी कहा गया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देशों के बाद MCD के इन पांच अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। सरकार ने संकेत दिया है कि हादसे के मामले में जिम्मेदारी तय करने में किसी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

बिल्डिंग विभाग के अधिकारियों की क्या होती है भूमिका?

MCD का बिल्डिंग विभाग निर्माण गतिविधियों की निगरानी करने और भवन नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए जिम्मेदार होता है। यदि कोई निर्माण बिना आवश्यक अनुमति के हो रहा हो या स्वीकृत नक्शे के विपरीत निर्माण किया जा रहा हो, तो संबंधित अधिकारियों से इसकी निगरानी और कार्रवाई की अपेक्षा रहती है। आमतौर पर असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर मौके पर शुरुआती निरीक्षण और स्थानीय स्तर की निगरानी से जुड़े होते हैं। वहीं एग्जीक्यूटिव इंजीनियर और सुपरिटेंडिंग इंजीनियर के स्तर पर क्षेत्र में निर्माण गतिविधियों की निगरानी और आवश्यक कार्रवाई की जिम्मेदारी होती है।

डिप्टी कमिश्नर जोन के प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण अधिकारी होते हैं और उनके अधिकार क्षेत्र में आने वाले विभागीय कामकाज की निगरानी में उनकी भूमिका रहती है।

MCD कमिश्नर ने हादसे पर क्या जानकारी दी?

इससे पहले MCD कमिश्नर संजीव खिरवार ने सत्य निकेतन में हुए हादसे को बेहद दुखद बताया था। उन्होंने कहा था कि इमारत गिरने से सात लोगों की जान गई। उनके अनुसार, ढही हुई इमारत के पास स्थित एक अन्य भवन की संरचना भी कमजोर हो गई थी और उसे मजबूत करने का काम रातभर किया गया। कमिश्नर ने यह भी कहा था कि सुरक्षा को देखते हुए कमजोर इमारत को अगले एक-दो दिनों में योजनाबद्ध तरीके से गिराने की कार्रवाई की जाएगी।

1970 के दशक में बनी थी इमारत

संजीव खिरवार के मुताबिक जिस भवन में हादसा हुआ, वह 1970 के दशक में बनाया गया था। MCD के रिकॉर्ड में संपत्ति कर से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं। बताया गया कि भवन मालिक की ओर से पिछले वर्ष प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराया गया था, जबकि वर्ष 2007 में कन्वर्जन चार्ज भी भुगतान किया गया था। कमिश्नर के अनुसार, इस इमारत को पहले कभी नोटिस नहीं दिया गया था और न ही सील किया गया था। अधिकारियों के पास इस भवन को लेकर किसी शिकायत की जानकारी भी नहीं थी।

हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

सत्य निकेतन हादसे ने राजधानी में पुरानी इमारतों की सुरक्षा, निर्माण नियमों की निगरानी और समय पर कार्रवाई को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। पांच अधिकारियों का निलंबन इसी जवाबदेही तय करने की दिशा में पहला बड़ा कदम माना जा रहा है। अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि भवन की स्थिति और वहां चल रहे कार्यों की निगरानी में किस स्तर पर चूक हुई।

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