Saharanpur News: सहारनपुर में कुएं ने बढ़ाया रहस्य, ASI की जांच से खुलेगा इतिहास का राज

सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद के ध्वस्तीकरण के बाद मलबे के नीचे करीब 20 फुट गहरा कुआं मिला है। कुएं की प्राचीनता और इतिहास का पता लगाने के लिए ASI की टीम ने मौके पर पहुंचकर सैंपल लिए हैं। प्रशासन ने कुएं की सुरक्षा के लिए CCTV कैमरे लगाए हैं और पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है।

Saharanpur News

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

सितम्बर 7, 2026

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Saharanpur News: सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद के ध्वस्तीकरण के बाद सामने आए करीब 20 फुट गहरे कुएं को लेकर अब जांच तेज हो गई है। मलबा हटाने के दौरान मिले इस कुएं का निरीक्षण करने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने कुएं से सैंपल लिए हैं, ताकि वैज्ञानिक जांच के जरिए इसकी अनुमानित प्राचीनता का पता लगाया जा सके। कुएं की उम्र और इतिहास को लेकर अब कई सवाल उठ रहे हैं।

ASI टीम ने कुएं से लिए सैंपल

मिली जानकारी के मुताबिक, कुआं करीब 1.5 मीटर चौड़ा और लगभग 20 फुट गहरा है। एएसआई की टीम ने मौके का निरीक्षण करने के साथ कुएं से नमूने भी एकत्र किए। इन सैंपलों की जांच के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि कुआं कितना पुराना है। हालांकि, इसकी सही उम्र और ऐतिहासिक महत्व के बारे में अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।

कुएं की प्राचीनता को लेकर विवाद

कुएं के सामने आने के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर यह संरचना किस दौर की है और इसे किसने बनवाया था। दोनों पक्षों के बीच कुएं के संबंध और इतिहास को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। इसी विवाद को देखते हुए प्रशासन ने एएसआई की टीम को जांच के लिए बुलाया है।

मिली जानकारी के अनुसार, बताया जा रहा है कि मलबा हटाने के बाद कुआं दिखाई दिया। एक दावा यह भी है कि कुएं को पहले बंद किया गया था और बाद में उसके ऊपर मस्जिद का निर्माण किया गया। हालांकि, इन दावों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल एएसआई की जांच से कुएं की वास्तविक उम्र और उसकी ऐतिहासिक स्थिति को लेकर तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।

कुएं की सुरक्षा के लिए CCTV कैमरों से निगरानी

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि, कुएं के सामने आने के बाद प्रशासन ने उसकी सुरक्षा को लेकर भी सतर्कता बढ़ा दी है। कुएं के आसपास सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, ताकि वहां होने वाली प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखी जा सके। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जांच से जुड़े साक्ष्यों के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ न हो।

कुएं की निगरानी कंट्रोल रूम के जरिए की जा रही है। मौके पर सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई है। अधिकारियों के मुताबिक, जांच पूरी होने तक कुएं के आसपास अनधिकृत आवाजाही को रोकने के लिए विशेष निगरानी रखी जा रही है।

मलबे में स्लैब काटने के बाद सामने आया कुआं

अधिकारियों के अनुसार, मस्जिद के ध्वस्तीकरण के बाद जब कलेक्ट्रेट परिसर से मलबा हटाया जा रहा था, तभी एक स्लैब दिखाई दिया। स्लैब को कटर की मदद से काटने के बाद उसके नीचे कुएं की संरचना सामने आई। कुआं मिलने की जानकारी मिलते ही सहारनपुर के उप जिलाधिकारी सुबोध कुमार मौके पर पहुंचे।

इसके बाद कुएं की प्राचीनता और इतिहास का पता लगाने के लिए एएसआई को सूचना दी गई। अब पुरातात्विक टीम द्वारा लिए गए सैंपलों और मौके से जुटाए गए अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद इस संरचना से जुड़े कई सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है।

कलेक्ट्रेट परिसर में पुलिस तैनात

कुआं मिलने के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में पुलिस बल की तैनाती की गई है। अधिकारियों ने लोगों की अनधिकृत आवाजाही पर रोक लगा दी है। प्रशासन का कहना है कि जांच और साक्ष्यों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परिसर में निगरानी बढ़ाई गई है।

इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि में मस्जिद को लेकर पहले से चल रहा विवाद भी है। वर्ष 2025 में बजरंग दल के क्षेत्रीय संयोजक विकास त्यागी ने सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में याचिका दायर कर कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को कथित तौर पर अवैध बताया था। इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने ढांचे को अवैध घोषित करते हुए उसे हटाने का आदेश जारी किया था।

अब मस्जिद के मलबे के नीचे मिले कुएं ने मामले को एक नया मोड़ दे दिया है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि कुआं कितना पुराना है, इसका वास्तविक इतिहास क्या है और इसका निर्माण किस उद्देश्य से किया गया था। एएसआई की जांच और सैंपल की रिपोर्ट के बाद ही इन सवालों पर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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