UP Politics: बीजेपी के राज्यसभा सांसद और उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का उपराज्यपाल बनाए जाने के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। अयोध्या से समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने दिनेश शर्मा की नई जिम्मेदारी पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “कोई मतलब नहीं है। जब जल गया तो कुआं खोदने से कोई मतलब नहीं होता।”
दिनेश शर्मा की नियुक्ति पर सपा सांसद ने साधा बीजेपी पर निशाना
बताते चले कि, अवधेश प्रसाद ने अपने बयान को आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से भी जोड़ दिया। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता बीजेपी सरकार को हटाने का मन बना चुकी है। सपा सांसद के मुताबिक, बीजेपी और उसके नेताओं के प्रति जनता का भरोसा और विश्वास कथित तौर पर पूरी तरह खत्म हो चुका है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में अगर किसी राजनीतिक दल के प्रति जनता का भरोसा बढ़ा है तो वह समाजवादी पार्टी है। अवधेश प्रसाद ने PDA और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को प्रदेश की राजनीति में जनता के भरोसे का केंद्र बताया।
यूपी चुनाव को लेकर अवधेश प्रसाद का बड़ा दावा
बताते चले कि, अवधेश प्रसाद ने आगामी चुनाव में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने का दावा भी किया। उन्होंने कहा कि जनता ने अपना मन बना लिया है और आने वाले समय में प्रदेश की सत्ता में बदलाव देखने को मिलेगा। सपा सांसद ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि मौजूदा सरकार के प्रति लोगों का भरोसा कम हुआ है, जबकि समाजवादी पार्टी और उसके नेतृत्व के प्रति विश्वास बढ़ा है। उनके बयान से साफ है कि सपा आने वाले चुनाव को बीजेपी सरकार के खिलाफ जनादेश के तौर पर पेश करने की तैयारी में है।
सपा सरकार के 24 घंटे वाले दावे से बढ़ी सियासी हलचल
अवधेश प्रसाद ने सत्ता में आने की स्थिति में कई बड़े फैसले लेने का दावा किया। उन्होंने कहा कि अगर समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो 24 घंटे के भीतर आउटसोर्सिंग की नौकरियां खत्म कर दी जाएंगी।इसके अलावा उन्होंने महिलाओं को 40 हजार रुपये देने, छात्रों को लैपटॉप उपलब्ध कराने और शिक्षा मित्रों के लिए पूर्व की व्यवस्था की तरह समायोजन का रास्ता निकालने की बात कही। इन घोषणाओं के जरिए सपा सांसद ने रोजगार, महिला सहायता और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को चुनावी बहस के केंद्र में लाने की कोशिश की।
दिनेश शर्मा बने अंडमान-निकोबार के उपराज्यपाल
दिनेश शर्मा को शनिवार को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का नया उपराज्यपाल नियुक्त किया गया। वह इस पद पर एडमिरल डीके जोशी की जगह लेंगे। जोशी अक्टूबर 2017 से अंडमान-निकोबार के उपराज्यपाल के पद पर कार्यरत थे।दिनेश शर्मा वर्तमान में बीजेपी के राज्यसभा सांसद थे। इससे पहले वह उत्तर प्रदेश सरकार में उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। इसके अलावा वह लखनऊ के मेयर भी रह चुके हैं। बीजेपी में उनकी पहचान पार्टी के पुराने और अनुभवी नेताओं में होती है।
दिनेश शर्मा की नई जिम्मेदारी पर यूपी में सियासत
दिनेश शर्मा की नियुक्ति के बाद अवधेश प्रसाद की प्रतिक्रिया ने यूपी की सियासत में नई चर्चा छेड़ दी है। उनके बयान का सीधा निशाना बीजेपी और उसकी मौजूदा राजनीतिक रणनीति पर था। उन्होंने इशारों में कहा कि जनता सरकार के कामकाज को समझ चुकी है और अब किसी फैसले से चुनावी तस्वीर बदलने वाली नहीं है।
हालांकि, अवधेश प्रसाद के ये दावे राजनीतिक बयान हैं और इन्हें आगामी चुनाव के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। दिनेश शर्मा की नियुक्ति एक संवैधानिक पद पर नई जिम्मेदारी है, जबकि इस पर सपा सांसद की प्रतिक्रिया ने इसे यूपी की चुनावी राजनीति से जोड़ दिया है। ऐसे में आने वाले दिनों में बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।










