UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुशीनगर की पावन धरा से जिले के विकास को एक नई गति प्रदान की है। उन्होंने 424 करोड़ रुपये से अधिक की 278 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास कर क्षेत्र को प्रगति की राह पर अग्रसर किया है। तमकुही राज और पावा नगर की पवित्र भूमि पर आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश से हर प्रकार के माफिया राज और जंगल पार्टी के आतंक को पूरी तरह समाप्त करना है। उन्होंने अपनी सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि आज राज्य में ‘मच्छर और माफिया’ दोनों का प्रभावी इलाज किया जा रहा है, जिससे प्रदेश बीमारी और अपराध मुक्त हो रहा है।
कुशीनगर का अतीत और वर्तमान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुराने कुशीनगर की भयावह स्थिति को याद करते हुए बताया कि करीब एक दशक पहले यह जिला पहचान के संकट और स्वास्थ्य सेवाओं के चरमराने से जूझ रहा था। उस दौर में खनन और बालू माफियाओं का बोलबाला था और ‘जंगल पार्टी’ के नाम से अपराधी आम लोगों में खौफ पैदा करते थे। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी उस अराजकता के दौर से अनभिज्ञ है। उन्होंने विशेष रूप से इंसेफ्लाइटिस (मस्तिष्क ज्वर) का जिक्र करते हुए कहा कि पहले इस बीमारी से मासूम बच्चों की जान जाती थी, लेकिन अब बेहतर स्वास्थ्य प्रबंधन के कारण पूरी व्यवस्था दुरुस्त हो गई है।
किसानों की बदहाली पर प्रहार
सीएम योगी ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए किसानों की दुर्दशा पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले किसानों को गन्ने की पर्ची मिलना भी दूभर था और उन्हें घटतौली का शिकार होना पड़ता था। विपक्ष पर हमलावर होते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने दशकों तक राम मंदिर के निर्माण में बाधा डाली, जबकि समाजवादी पार्टी रामद्रोही की तरह कार्य करती रही। उन्होंने गौरव के साथ कहा कि 498 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद, डबल इंजन की भाजपा सरकार ने राम भक्तों के संकल्प को सिद्ध किया और अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण सुनिश्चित किया।
CM योगी ने की बड़ी घोषणा
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने एक बड़ी घोषणा करते हुए फाजिलनगर का नाम बदलने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि 2022 से पहले इस क्षेत्र के नामों का मजाक बनाया जाता था, जिसे अब समाप्त किया जाएगा। जनप्रतिनिधियों की मांग को स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब फाजिलनगर को आधिकारिक रूप से ‘पावागढ़’ के नाम से जाना जाएगा। उन्होंने बताया कि इस नाम का संबंध भगवान महावीर की पावन स्मृति से है, जिससे क्षेत्र को एक नई और गौरवशाली पहचान मिलेगी। मुख्यमंत्री की इस घोषणा का स्थानीय निवासियों ने भारी उत्साह के साथ स्वागत किया है।










