UP News: उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले की चायल विधानसभा सीट से विधायक पूजा पाल के बैंक खाते से करीब 1.55 लाख रुपये की अनधिकृत निकासी का मामला सामने आया है। शिकायत के अनुसार, 22 अगस्त से 13 सितंबर 2026 के बीच उनके बैंक खाते से कई बार PhonePe और UPI के जरिए रकम ट्रांसफर की गई। विधायक को इन लेनदेन की जानकारी 14 सितंबर को बैंक खाते का विवरण देखने के बाद हुई।
पूजा पाल के खाते से कई बार UPI ट्रांजैक्शन

पूजा पाल की शिकायत के मुताबिक, धूमनगंज स्थित बैंक शाखा से जुड़े उनके खाते में 22 अगस्त से 13 सितंबर के बीच कई संदिग्ध लेनदेन हुए। इस दौरान UPI और PhonePe के माध्यम से अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए करीब 1.55 लाख रुपये निकाले गए। इन लेनदेन की जानकारी विधायक को 14 सितंबर को बैंक खाते का विवरण देखने के बाद हुई। इसके बाद उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए धूमनगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात व्यक्ति या व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
iPhone हैक होने की आशंका
शिकायत में पूजा पाल ने आशंका जताई है कि उनके iPhone में किसी तरह अनधिकृत तरीके से प्रवेश किया गया हो सकता है। इसके बाद उनके मोबाइल से जुड़े PhonePe या UPI माध्यमों का इस्तेमाल करते हुए बिना उनकी जानकारी के बैंक खाते से रकम निकाली गई। हालांकि, मोबाइल में किसी तरह की सेंधमारी या अनधिकृत प्रवेश हुआ था या नहीं, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की तकनीकी जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि रकम निकालने के लिए किस माध्यम का इस्तेमाल किया गया और मोबाइल या डिजिटल भुगतान प्रणाली की इसमें क्या भूमिका रही।
बैंक खाते के साथ निजी डेटा लीक की भी जांच की मांग
पूजा पाल ने पुलिस से केवल बैंक खाते से हुई रकम की निकासी की जांच करने की मांग नहीं की है, बल्कि मोबाइल फोन में मौजूद निजी और महत्वपूर्ण डेटा के संभावित अनधिकृत एक्सेस या लीक की आशंका भी जताई है।विधायक ने पुलिस से 22 अगस्त से 13 सितंबर 2026 के बीच हुए सभी PhonePe और UPI लेनदेन की जांच कराने को कहा है। इसके साथ ही उन्होंने संबंधित UTR नंबर और ट्रांजैक्शन आईडी को सुरक्षित रखते हुए पूरे लेनदेन की तकनीकी पड़ताल करने की मांग की है, ताकि यह पता चल सके कि रकम किस खाते या माध्यम में पहुंची।
साइबर सेल करेगी PhonePe-UPI फ्रॉड की तकनीकी जांच

मामले की जांच में पुलिस साइबर सेल की मदद ले रही है। तकनीकी टीम बैंक खाते, PhonePe, UPI और मोबाइल से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड की जांच करेगी। जांच के दौरान संदिग्ध ट्रांजैक्शन का विवरण, UTR, ट्रांजैक्शन आईडी और रकम के आगे के मूवमेंट को खंगाला जाएगा। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि खाते से रकम किस तरीके से निकाली गई और इन लेनदेन के पीछे कौन लोग शामिल हैं। साथ ही मोबाइल फोन में किसी अनधिकृत गतिविधि के सबूत मिले या नहीं, इसकी भी जांच की जाएगी।
1.55 लाख रुपये के साइबर फ्रॉड में रकम रिकवरी पर भी नजर
फिलहाल मामले में पुलिस की जांच जारी है। जांच एजेंसियों का फोकस एक ओर अनधिकृत लेनदेन के स्रोत का पता लगाने पर है, वहीं दूसरी ओर निकाली गई रकम की रिकवरी की कोशिश भी की जा रही है। पुलिस डिजिटल ट्रेल के आधार पर यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर निकाली गई रकम कहां और किस माध्यम से पहुंची।
मामले में मोबाइल और डिजिटल भुगतान से जुड़ी तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि पूजा पाल के बैंक खाते से 1.55 लाख रुपये की निकासी किस तरीके से हुई और इसके पीछे कौन जिम्मेदार है। फिलहाल पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर जांच आगे बढ़ा दी है।










