Suvendu Adhikari Cabinet : पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नए अध्याय का आगाज़ हो गया है। कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित एक भव्य समारोह में शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। इस ऐतिहासिक अवसर पर उनके साथ पांच अन्य प्रमुख नेताओं को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। भाजपा ने अपने इस नए मंत्रिमंडल में अनुभव, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और सामाजिक समीकरणों का विशेष ध्यान रखा है। शपथ लेने वाले मंत्रियों में दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, खुदीराम टुडु और निशीथ प्रमाणिक जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
दिलीप घोष: संगठन के चाणक्य अब सरकार की भूमिका में
बंगाल भाजपा के सबसे कद्दावर चेहरों में से एक दिलीप घोष को मंत्रिमंडल में शामिल करना पार्टी का एक बड़ा दांव माना जा रहा है। 1964 में जन्मे दिलीप घोष का राजनीतिक सफर आरएसएस के प्रचारक के रूप में शुरू हुआ था। वे मेदिनीपुर से सांसद और प्रदेश अध्यक्ष के रूप में पार्टी को बंगाल के कोने-कोने तक पहुँचाने के लिए जाने जाते हैं। खड़गपुर से विधायक रह चुके घोष ने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के तौर पर भी काम किया है। उनके प्रशासनिक और संगठनात्मक अनुभव का लाभ अब सीधे तौर पर शुभेंदु सरकार को मिलेगा।
अग्निमित्रा पॉल: फैशन की दुनिया से राजनीति के शीर्ष तक
आसनसोल दक्षिण से विधायक अग्निमित्रा पॉल ने अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। एक सफल फैशन डिजाइनर से प्रखर राजनेता बनीं पॉल ने 2019 में भाजपा का दामन थामा था। उन्होंने लगातार दो बार विधानसभा चुनाव जीतकर क्षेत्र में अपनी पकड़ साबित की है। भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष और प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी निभा चुकीं अग्निमित्रा को मंत्रिमंडल में शामिल कर पार्टी ने महिलाओं और शहरी मतदाताओं को एक बड़ा संदेश दिया है।
अशोक कीर्तनिया: मतुआ समाज और सीमावर्ती क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व
बांगांव उत्तर सीट से लगातार दूसरी बार जीत दर्ज करने वाले अशोक कीर्तनिया को मंत्री बनाकर भाजपा ने मतुआ समुदाय और सीमावर्ती जिलों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई है। 2026 के चुनाव में उन्होंने 40,000 से अधिक वोटों के भारी अंतर से जीत हासिल की थी। करीब 4 करोड़ की संपत्ति वाले कीर्तनिया शिक्षित और जमीनी नेता माने जाते हैं। उनका मंत्रिमंडल में आना उत्तर 24 परगना और नदिया जिलों में पार्टी की जड़ों को और मजबूती प्रदान करेगा।
खुदीराम टुडु: आदिवासी समाज की बुलंद आवाज
रानीबांध (एसटी) सीट से विधायक खुदीराम टुडु का कद आदिवासी राजनीति में काफी ऊंचा है। संथाल समाज से आने वाले टुडु ने 2026 के चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को 52,000 से अधिक वोटों के अंतर से शिकस्त दी थी। उनकी यह शानदार जीत जंगलमहल क्षेत्र में भाजपा की बढ़ती लोकप्रियता का प्रमाण है। उन्हें कैबिनेट में जगह देना आदिवासी समाज के सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय की दिशा में शुभेंदु सरकार का एक महत्वपूर्ण कदम है।
निशीथ प्रमाणिक: उत्तर बंगाल के युवा और प्रभावशाली चेहरा
मोदी कैबिनेट के सबसे युवा मंत्री रह चुके निशीथ प्रमाणिक अब बंगाल की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। उत्तर बंगाल के राजवंशी समाज में उनकी जबरदस्त पकड़ है। कूचबिहार से सांसद और गृह राज्य मंत्री रह चुके निशीथ ने 2026 में माथाभांगा सीट से करीब 60 प्रतिशत वोट हासिल कर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। उत्तर बंगाल के विकास और वहां के सामाजिक समीकरणों को साधने के लिए निशीथ प्रमाणिक शुभेंदु कैबिनेट के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभों में से एक होंगे।
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