Mamata Banerjee Bio Change : पश्चिम बंगाल की राजनीति में शनिवार, 9 मई 2026 का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज होने जा रहा है। राज्य में एक लंबे राजनीतिक संघर्ष के बाद सत्ता की कमान बदलने वाली है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कद्दावर नेता शुवेंदु अधिकारी आज मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। इस शपथ ग्रहण समारोह के साथ ही बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के एक दशक से ज्यादा लंबे शासन का अंत हो जाएगा। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम के बीच राज्य की निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सोशल मीडिया गतिविधियों ने नई चर्चा को जन्म दे दिया है।
शुवेंदु अधिकारी का राजतिलक और बंगाल की नई राजनीति
शनिवार को होने जा रहे शपथ ग्रहण समारोह के लिए कोलकाता में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। शुवेंदु अधिकारी, जो कभी ममता बनर्जी के सबसे खास सिपहसालार हुआ करते थे, अब राज्य के नए मुखिया के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगे। बीजेपी के लिए यह जीत न केवल एक राज्य की सत्ता हासिल करना है, बल्कि ममता बनर्जी के अपराजेय दुर्ग को ढहाने जैसा है। राजभवन में आयोजित होने वाले इस भव्य समारोह में केंद्र सरकार के कई दिग्गज नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है। यह सत्ता परिवर्तन बंगाल की भविष्य की दिशा और दशा तय करने वाला साबित होगा।
ममता बनर्जी का ‘एक्स’ बायो और देर से लिया गया फैसला
सत्ता परिवर्तन की इस गहमागहमी के बीच डिजिटल दुनिया में एक दिलचस्प वाकया देखने को मिला। विधानसभा चुनाव के नतीजे आने और हार स्पष्ट होने के कई दिनों बाद भी ममता बनर्जी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) के बायो में कोई बदलाव नहीं किया था। शनिवार की सुबह तक उनके बायो में खुद को ‘पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री’ और ‘तृणमूल कांग्रेस की संस्थापक’ बताया गया था। इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे। आलोचकों का कहना था कि ममता हार स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं। हालांकि, शुवेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण समारोह की प्रक्रिया शुरू होते ही उन्होंने अपने बायो से ‘मुख्यमंत्री’ वाली पंक्ति हटा ली।
चुनाव नतीजों पर सवाल और ‘धांधली’ के गंभीर आरोप
ममता बनर्जी ने इस हार को सहजता से स्वीकार नहीं किया है। नतीजों के बाद से ही वे लगातार चुनाव आयोग और भारतीय जनता पार्टी पर हमलावर हैं। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ममता बनर्जी का दावा है कि इस बार के विधानसभा चुनाव में बड़े पैमाने पर धांधली हुई है और उन्हें सत्ता से बाहर करने के लिए एक गहरी साजिश रची गई। उन्होंने ईवीएम और चुनाव प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए इसे ‘लोकतंत्र की हत्या’ करार दिया है। टीएमसी प्रमुख का कहना है कि जनादेश को प्रभावित किया गया है और वे इस लड़ाई को सड़क से लेकर अदालत तक ले जाएंगी।
बीजेपी का पलटवार और चुनाव आयोग की चुप्पी
ममता बनर्जी के आरोपों पर पलटवार करते हुए बीजेपी नेताओं का कहना है कि यह उनकी हताशा का प्रतीक है। बीजेपी के अनुसार, बंगाल की जनता ने भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण के खिलाफ वोट दिया है। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी द्वारा लगाए गए धांधली के आरोपों पर फिलहाल कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। आयोग के सूत्रों का कहना है कि चुनाव पूरी तरह पारदर्शी और तय नियमों के अनुसार कराए गए थे। ऐसे में आरोपों का कोई ठोस आधार नहीं है।
बंगाल में विपक्ष की नई भूमिका में तृणमूल कांग्रेस
मुख्यमंत्री का पद छोड़ने और बायो बदलने के बाद अब ममता बनर्जी के सामने अपनी पार्टी को एकजुट रखने की बड़ी चुनौती है। सत्ता से बाहर होने के बाद टीएमसी के लिए एक सशक्त विपक्ष की भूमिका निभाना आसान नहीं होगा, खासकर तब जब शुवेंदु अधिकारी जैसे नेता उनके सामने हों जो टीएमसी की कार्यशैली को अंदरूनी तौर पर जानते हैं। ममता बनर्जी ने साफ कर दिया है कि वह हार नहीं मानेंगी और बंगाल के हितों के लिए संघर्ष जारी रखेंगी। आने वाले दिनों में बंगाल की सड़कों पर राजनीतिक सरगर्मी और बढ़ने के आसार हैं।
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