US-Iran Conflict : ईरान पर US स्ट्राइक के बाद ट्रंप की खुली धमकी, पलटवार किया तो और बड़ा हमला

ईरान पर अमेरिकी हमलों के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को बेहद सख्त चेतावनी दी है। ट्रंप के मुताबिक, अगर ईरान ने जवाबी कार्रवाई की तो अमेरिका पहले से कहीं ज्यादा ताकतवर हमला कर सकता है। अब सवाल है कि तेहरान पलटवार करेगा या बढ़ते युद्ध के बीच पीछे हटेगा?

US-Iran Conflict

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

सितम्बर 2, 2026

US-Iran Conflict :  अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव एक बार फिर गंभीर स्थिति में पहुंचता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को दावा किया कि अमेरिकी सेना स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास ईरान के सैन्य ठिकानों पर बड़े और शक्तिशाली हमले कर रही है। ट्रंप के मुताबिक, यह कार्रवाई ईरान की कथित सैन्य गतिविधियों और अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ मिसाइल हमलों के जवाब में की जा रही है। इस घटनाक्रम ने पहले से तनावपूर्ण मध्य पूर्व की स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है।

ट्रंप ने ईरान को दी और बड़े हमले की चेतावनी

डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए ईरान को सीधी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर ईरान अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का जवाब देने की कोशिश करता है तो अमेरिका पहले से भी ज्यादा ताकतवर हमला कर सकता है। ट्रंप ने संकेत दिया कि मौजूदा अभियान अंतिम कार्रवाई नहीं है और जरूरत पड़ने पर अमेरिका अपनी सैन्य कार्रवाई का स्तर और बढ़ा सकता है। उनके इस बयान से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने की आशंका और गहरी हो गई है।

जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर मिसाइल हमले का दावा

ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की ओर से जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे की तरफ आठ मिसाइलें दागी गई थीं। उनके अनुसार, अमेरिकी और जॉर्डन के एयर डिफेंस सिस्टम ने सभी मिसाइलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर दिया। जॉर्डन की तरफ से भी आठ मिसाइलों को हवा में नष्ट किए जाने और किसी के हताहत नहीं होने की जानकारी सामने आई। हालांकि, संघर्ष के दौरान सामने आने वाले सैन्य दावों की स्वतंत्र पुष्टि महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

होर्मुज में बारूदी सुरंगों का ईरान पर आरोप

अमेरिकी कार्रवाई के पीछे की वजह बताते हुए ट्रंप ने ईरान पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाने की कथित कोशिश का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि फिलहाल होर्मुज जलडमरूमध्य में कोई माइन मौजूद नहीं है और उन्हें या तो हटा दिया गया है या विस्फोट कर निष्क्रिय कर दिया गया है। होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री ऊर्जा मार्गों में शामिल है, इसलिए यहां किसी भी सैन्य गतिविधि का असर वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है।

IRGC के रणनीतिक ठिकानों पर अमेरिकी सेना की कार्रवाई

अमेरिकी सेना की ताजा कार्रवाई में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC से जुड़े सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाए जाने की जानकारी सामने आई है। अमेरिकी पक्ष के मुताबिक, कार्रवाई का संबंध होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों के खिलाफ कथित गतिविधियों और क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैन्यकर्मियों के लिए पैदा हुए खतरे से भी है। अमेरिका का कहना है कि सैन्य अभियान का उद्देश्य इन खतरों को रोकना और अपनी सेनाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

ईरान के कई इलाकों में धमाकों की खबरें

अमेरिकी हमलों के बीच ईरान के अलग-अलग हिस्सों में विस्फोटों की खबरें भी सामने आई हैं। रिपोर्टों के अनुसार, क़ेशम द्वीप, बंदर अब्बास, चाबहार और कोनारक जैसे रणनीतिक इलाकों में धमाकों की सूचना मिली है। ये क्षेत्र सैन्य और समुद्री गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जाते हैं। हालांकि, इन घटनाओं से हुए नुकसान और संभावित हताहतों की पूरी तस्वीर अभी स्पष्ट नहीं है।

होर्मुज पर बढ़ा तनाव तो दुनिया पर पड़ सकता है असर

अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव का सबसे बड़ा असर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर पड़ सकता है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यहां जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने पर अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेल की कीमतें, शिपिंग लागत और आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हो सकती है। ऐसे में ट्रंप की चेतावनी और ईरान के खिलाफ जारी सैन्य कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र के साथ-साथ दुनिया की नजरें भी होर्मुज पर टिक गई हैं।

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