US Iran War : अमेरिका का ईरान पर बड़ा हमला, IRGC रडार सिस्टम पर वार; जॉर्डन-बहरीन में तेहरान का पलटवार

अमेरिका ने ईरान में IRGC के रडार और सैन्य ठिकानों पर जोरदार हमले किए, जिसके बाद तेहरान ने जॉर्डन और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया। क्या यह सिर्फ जवाबी कार्रवाई है या युद्ध का नया और खतरनाक मोर्चा खुल चुका है? दुनिया अब अगले हमले पर नजरें टिकाए है।

US Iran War

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

सितम्बर 2, 2026

US Iran War : अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बेहद गंभीर स्तर पर पहुंचता नजर आ रहा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, 1 सितंबर को अमेरिकी सेना ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े कई अहम रणनीतिक सैन्य ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की। CENTCOM ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर हमले की जानकारी साझा करने के साथ इसका वीडियो भी जारी किया। अमेरिकी सेना का कहना है कि इन हमलों का मकसद ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना था।

एयर डिफेंस और रडार सिस्टम बने अमेरिकी हमले का निशाना

अमेरिकी सेना के अनुसार, कार्रवाई के दौरान IRGC की एयर डिफेंस साइट्स, रडार सिस्टम, समुद्री संसाधनों और सैन्य सुविधाओं को निशाना बनाया गया। इसके अलावा बारूदी सुरंगें बिछाने की क्षमता, सैन्य संचार केंद्र और कमांड एवं कंट्रोल से जुड़े प्रतिष्ठानों पर भी हमला किया गया। अमेरिका का दावा है कि ये सभी ठिकाने ईरानी सैन्य गतिविधियों के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण थे।

होर्मुज जलडमरूमध्य में गतिविधियों का दिया हवाला

CENTCOM ने अपने अभियान को हाल की घटनाओं से जोड़ते हुए कहा कि IRGC ने होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाने की कोशिश की थी। इसके साथ ही क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिकों के खिलाफ भी खतरे पैदा किए गए। अमेरिकी कमांड के मुताबिक, इन्हीं गतिविधियों के जवाब में यह सैन्य अभियान चलाया गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग माना जाता है।

मध्य पूर्व में 50 हजार से ज्यादा अमेरिकी सैनिक मौजूद

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान को सख्त संदेश देते हुए कहा कि मध्य पूर्व में इस समय 50,000 से अधिक अमेरिकी सैन्यकर्मी तैनात हैं। CENTCOM ने संकेत दिया कि अमेरिकी सेना किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। कमांड के मुताबिक, अमेरिकी सैनिक अपने कमांडर इन चीफ के निर्देशों के अनुसार आगे की सैन्य कार्रवाई करने में सक्षम हैं।

ईरान ने शादी समारोह पर हमले का लगाया आरोप

दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिकी हमले को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने दावा किया कि अमेरिकी कार्रवाई में सिरिक इलाके का एक रिहायशी मकान प्रभावित हुआ, जहां शादी का समारोह चल रहा था। उनके अनुसार, इस घटना में 50 से ज्यादा पुरुष, महिलाएं और बच्चे मारे गए या गंभीर रूप से घायल हुए। बगाई ने हमले को कथित तौर पर बर्बर अपराध बताते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी।

ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी एयरबेस पर हमले का दावा किया

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने अमेरिकी हमलों के जवाब में कार्रवाई का दावा किया है। रिपोर्ट के अनुसार, IRGC की एयरोस्पेस फोर्स ने जॉर्डन स्थित प्रिंस हसन एयर बेस पर बैलिस्टिक मिसाइल दागी। ईरानी दावे में कहा गया कि वहां मौजूद RQ-4 और MQ-9 ड्रोन से जुड़े हैंगरों को निशाना बनाया गया। हालांकि, इन दावों में बताए गए नुकसान और अमेरिकी कर्मियों की मौत की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।

बहरीन में भी अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठान पर हमले का दावा

IRNA ने यह भी दावा किया कि बहरीन के शेख ईसा एयर बेस पर ईरानी ड्रोन से हमला किया गया। ईरानी मीडिया के मुताबिक, वहां अमेरिकी रडार प्रतिष्ठानों और सैन्य जमावड़े वाले क्षेत्रों को निशाना बनाया गया। इसके अलावा जॉर्डन के कैंप टिटिन में मौजूद अमेरिकी मरीन सुविधाओं पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले का भी दावा किया गया है।

खाड़ी देशों में बढ़ी सुरक्षा और अलर्ट की स्थिति

तनाव बढ़ने के बीच खाड़ी क्षेत्र के कई देशों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। जॉर्डन की सेना के अनुसार, उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने 13 ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट किया। कुवैत में भी ड्रोन खतरे से निपटने के लिए एयर डिफेंस सक्रिय होने की जानकारी सामने आई। वहीं बहरीन ने नागरिकों को सतर्क रहने, सुरक्षित स्थानों पर रहने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की सलाह दी है। इससे मध्य पूर्व में व्यापक सैन्य टकराव की आशंका और बढ़ गई है।

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