Durg Afeem Case: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में सामने आए अफीम खेती के चर्चित मामले में बीजेपी नेता विनायक ताम्रकार को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। समोदा गांव में अफीम की कथित खेती का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था। अब इस मामले में विनायक ताम्रकार को भी न्यायालय से राहत मिली है। मामले की सुनवाई और आगे की कानूनी प्रक्रिया अब निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ेगी।
समोदा गांव में पुलिस ने की थी बड़ी कार्रवाई
यह पूरा मामला जेवरा सिरसा चौकी क्षेत्र के समोदा गांव का है। पुलिस को अफीम की खेती किए जाने की जानकारी मिलने के बाद 6 मार्च को संबंधित खेत में छापेमार कार्रवाई की गई थी। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में अफीम के पौधे बरामद किए गए थे। पुलिस के अनुसार बरामद पौधों की अनुमानित कीमत करीब 8 करोड़ रुपये बताई गई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी शुरू की।
बीजेपी नेता के खेत से बरामद हुए थे अफीम के पौधे
पुलिस के मुताबिक, अफीम के पौधे बीजेपी नेता विनायक ताम्रकार के खेत से बरामद किए गए थे। इस बरामदगी के बाद मामला काफी चर्चा में आया। जांच के दौरान पुलिस ने खेती से जुड़े लोगों और कथित नेटवर्क की जानकारी जुटाई। इसके आधार पर पुलिस ने कई लोगों को आरोपी बनाते हुए कार्रवाई की। मामले में बड़ी मात्रा में अफीम के पौधे मिलने के कारण जांच एजेंसियों की कार्रवाई भी महत्वपूर्ण मानी गई।
पुलिस ने आठ आरोपियों को किया था गिरफ्तार
अफीम खेती मामले में पुलिस ने बीजेपी नेता विनायक ताम्रकार समेत कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सुखाराम बिश्वाई, मदरूपा राम बिश्वाई, रणछोड़ उर्फ रंजीत सिंह, सुनील देवासी, छोटू बिश्वाई, विकास बिश्वाई और मनीष ठाकुर के नाम शामिल हैं। वहीं, पुलिस के अनुसार श्रवण बिश्वाई और अचलाराम जाट अभी भी फरार चल रहे हैं। पुलिस की ओर से फरार आरोपियों की तलाश जारी होने की बात सामने आई है।
पांच आरोपियों को अब तक मिल चुकी है जमानत
लोक अभियोजक द्रोण ताम्रकार के अनुसार, अफीम की खेती के मामले में बीजेपी नेता विनायक ताम्रकार समेत अब तक पांच आरोपियों को जमानत मिल चुकी है। इनमें चार आरोपियों को पहले दुर्ग कोर्ट और हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी। वहीं, विनायक ताम्रकार को मंगलवार को हाईकोर्ट से जमानत मिली है। इस राहत के बाद मामले में जेल में बंद आरोपियों की संख्या भी कम हुई है।
9 सितंबर से शुरू होगा कोर्ट ट्रायल
इस मामले में कोर्ट ट्रायल 9 सितंबर से शुरू होने की जानकारी दी गई है। यानी अब जमानत मिलने के बाद भी मामले की न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी। अदालत में अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की ओर से अपने-अपने पक्ष रखे जाएंगे। मामले से जुड़े दस्तावेजों और गवाहों के आधार पर आगे की सुनवाई होगी। ऐसे में 9 सितंबर से शुरू होने वाला ट्रायल इस केस की अगली महत्वपूर्ण कानूनी प्रक्रिया माना जा रहा है।
पुलिस ने दाखिल की 939 पन्नों की चार्जशीट
पुलिस ने इस मामले में जांच पूरी करने के बाद अदालत में 939 पन्नों की चार्जशीट पेश की थी। चार्जशीट में मामले से जुड़े तथ्यों और जांच के दौरान सामने आई जानकारी को शामिल किया गया है। पुलिस ने इस केस में पुलिसकर्मियों समेत कुल 79 लोगों को गवाह बनाया है। अब कोर्ट ट्रायल के दौरान इन गवाहों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की सुनवाई आगे बढ़ेगी।
तीन आरोपी अभी भी जेल में बंद
जमानत मिलने के बाद अफीम खेती मामले में अब तक पांच आरोपियों को न्यायिक राहत मिल चुकी है। वहीं, तीन आरोपी अभी भी जेल में बंद बताए जा रहे हैं। दूसरी ओर, दो आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश पुलिस कर रही है। इस तरह मामले में गिरफ्तारी, जमानत और फरार आरोपियों को लेकर जांच और न्यायिक प्रक्रिया एक साथ आगे बढ़ रही है।
मामले की अगली सुनवाई पर रहेगी नजर
समोदा गांव में अफीम की खेती से जुड़े इस मामले ने दुर्ग जिले में काफी ध्यान खींचा था। करीब 8 करोड़ रुपये मूल्य के अफीम के पौधे बरामद होने के बाद पुलिस ने व्यापक कार्रवाई की थी। अब बीजेपी नेता विनायक ताम्रकार को हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद मामले का फोकस आगामी कोर्ट ट्रायल पर है। 9 सितंबर से शुरू होने वाली सुनवाई में 939 पन्नों की चार्जशीट और 79 गवाहों से जुड़े पहलुओं पर आगे की कानूनी प्रक्रिया होने की उम्मीद है।
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