Swara Bhasker Controversy: अभिनेत्री स्वरा भास्कर का जौहर को लेकर दिया गया कथित बयान विवादों में घिर गया है। उनके बयान पर राजस्थान में करणी सेना की महिला विंग ने कड़ी आपत्ति जताई है। संगठन की महिला विंग की अध्यक्ष कीर्ति राठौड़ ने स्वरा भास्कर पर राजपूत समाज की वीरांगनाओं और क्षत्राणियों के बलिदान का अपमान करने का आरोप लगाया है।
कीर्ति राठौड़ का कहना है कि स्वरा भास्कर को जौहर और राजपूत इतिहास की पर्याप्त जानकारी नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि इतिहास और परंपरा को समझे बिना इस तरह की टिप्पणी करना समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है। करणी सेना ने अभिनेत्री के बयान का विरोध करते हुए उनसे अपनी भाषा और टिप्पणियों को लेकर सावधानी बरतने की बात कही है।
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करणी सेना ने उठाए दूसरे धार्मिक मुद्दे का सवाल
कीर्ति राठौड़ ने स्वरा भास्कर की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर अभिनेत्री धार्मिक और सामाजिक प्रथाओं पर सवाल उठाती हैं, तो उन्हें अन्य धर्मों में मौजूद प्रथाओं पर भी अपनी राय रखनी चाहिए। उन्होंने इसी संदर्भ में इस्लाम की हलाला प्रथा का जिक्र करते हुए स्वरा भास्कर को उस पर भी सवाल उठाने की चुनौती दी।
उन्होंने कहा कि किसी समुदाय की ऐतिहासिक परंपरा और उसके सम्मान से जुड़े विषय पर टिप्पणी करने से पहले उसके इतिहास को समझना जरूरी है। करणी सेना की ओर से यह भी कहा गया कि हिंदू क्षत्राणियों के बलिदान को अपमानित करने वाली किसी भी टिप्पणी का संगठन विरोध करेगा।
पद्मिनी और जौहर के इतिहास का दिया हवाला
कीर्ति राठौड़ ने अपने बयान में रानी पद्मिनी और राजपूत महिलाओं के जौहर का उल्लेख किया। उन्होंने इसे राजपूत इतिहास और सम्मान से जुड़ा बलिदान बताया। उनका कहना है कि जौहर को केवल एक सामान्य घटना के रूप में नहीं देखा जा सकता, बल्कि इसके पीछे उस दौर की परिस्थितियों और महिलाओं की सामाजिक स्थिति को भी समझना चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि राजपूत इतिहास में जौहर को महिलाओं के सम्मान और आत्मबलिदान से जोड़कर देखा जाता है। इसी आधार पर उन्होंने स्वरा भास्कर की टिप्पणी को ऐतिहासिक बलिदान का अपमान बताया।
विवाद बढ़ने के बाद स्वरा ने दी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद स्वरा भास्कर की ओर से एक नया पोस्ट सामने आया। इसमें उन्होंने अपने बयान को गलत तरीके से पेश किए जाने का दावा किया। अभिनेत्री ने कहा कि उन्होंने रानी पद्मावती या किसी भी सती को ‘कायर’ नहीं कहा था। स्वरा भास्कर ने अपनी सफाई में कहा कि यदि किसी को उनके विचारों से आपत्ति है तो वे उनकी आलोचना कर सकते हैं, लेकिन उनके वास्तविक बयान के आधार पर ही प्रतिक्रिया दी जानी चाहिए।
बयान को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस
स्वरा भास्कर के कथित बयान और उसके बाद आई सफाई ने जौहर, इतिहास और महिलाओं के बलिदान को लेकर नई बहस छेड़ दी है। एक ओर करणी सेना अभिनेत्री की टिप्पणी को राजपूत समाज की भावनाओं से जोड़कर विरोध कर रही है, वहीं स्वरा अपने बयान को गलत संदर्भ में पेश किए जाने की बात कह रही हैं। अब यह विवाद आगे कितना बढ़ता है और दोनों पक्ष इस मामले पर क्या रुख अपनाते हैं, इस पर नजर बनी हुई है।
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