Bihar Flood Alert: गंगा का जलस्तर बढ़ा, बिहार के 8 जिलों में अलर्ट; जानें पूरी एडवाइजरी

बिहार में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। आपदा प्रबंधन विभाग ने भोजपुर, पटना, सारण समेत 8 जिलों में अलर्ट जारी किया है। गांधी घाट और हाथीदह में गंगा के उच्चतम बाढ़ स्तर को पार करने की आशंका है। CM सम्राट चौधरी ने भी पटना के आसपास हालात का जायजा लिया।

Bihar Flood Alert

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

सितम्बर 3, 2026

Bihar Flood Alert: बिहार के कई जिलों में एक बार फिर बाढ़ का खतरा बढ़ता नजर आ रहा है। गंगा नदी के जलस्तर में संभावित बढ़ोतरी को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने गुरुवार को आठ जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने और किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेने की अपील की है। साथ ही लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जरूरी दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं।

पटना और मोकामा में बढ़ सकती है गंगा की रफ्तार

जल संसाधन विभाग के मुताबिक, पटना के गांधी घाट पर गुरुवार रात गंगा का जलस्तर उच्चतम बाढ़ स्तर यानी Highest Flood Level को पार कर सकता है। वहीं, मोकामा के हाथीदह में 4 सितंबर की दोपहर के आसपास गंगा का पानी उच्चतम बाढ़ स्तर से ऊपर जाने की आशंका जताई गई है। जलस्तर में संभावित वृद्धि को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है।

इन 8 जिलों में जारी हुआ अलर्ट

बताते चले कि, गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी और उससे पैदा होने वाली संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, नालंदा, बेगूसराय, लखीसराय और जहानाबाद में अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए किसी भी तरह की लापरवाही न करें।

नदी और निचले इलाकों से रहें दूर

आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों को नदी, घाट, तटबंध और निचले इलाकों में अनावश्यक रूप से नहीं जाने की सलाह दी है। बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों को नदी तथा जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रखने को कहा गया है। प्रशासन द्वारा चिह्नित सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों की जानकारी पहले से रखने की अपील की गई है, ताकि जरूरत पड़ने पर लोग तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंच सकें।

नाव, तैराकी और सेल्फी से बचने की अपील

बाढ़ के खतरे के बीच नदी में नहाने, तैरने या नाव से अनावश्यक आवाजाही से पूरी तरह बचने को कहा गया है। इसके अलावा नदी या बाढ़ प्रभावित इलाकों में सेल्फी लेने जैसी जोखिम भरी गतिविधियों से भी दूर रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन का कहना है कि पानी का बहाव कभी भी अचानक तेज हो सकता है, इसलिए थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।

जरूरी सामान पहले से रखें तैयार

आपदा की स्थिति को देखते हुए लोगों से अपने जरूरी दस्तावेज, दवाइयां, मोबाइल फोन, टॉर्च, पीने का पानी और अन्य आवश्यक सामान सुरक्षित रखने को कहा गया है। इन चीजों को ऐसी जगह रखने की सलाह दी गई है, जहां जरूरत पड़ने पर उन्हें आसानी से साथ ले जाया जा सके। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर भरोसा न करने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर विश्वास करने की अपील की है।

मुसीबत में 1070 पर करें संपर्क

जलस्तर बढ़ने या बाढ़ की स्थिति पैदा होने पर लोगों को प्रशासन और बचाव दल के निर्देशों का तत्काल पालन करने को कहा गया है। किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन या राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के हेल्पलाइन नंबर 1070 पर सूचना देने की अपील की गई है। प्रशासन का कहना है कि समय पर सूचना मिलने से राहत और बचाव अभियान को तेजी से आगे बढ़ाया जा सकता है।

CM सम्राट चौधरी ने लिया हालात का जायजा

इधर, बिहार में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को पटना के आसपास के इलाकों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री गंगा पथ पहुंचे और वहां से उफनती गंगा के हालात को देखा। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से मौजूदा स्थिति की जानकारी ली और प्रभावित इलाकों में निगरानी तथा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बढ़ते जलस्तर पर प्रशासन की नजर

गंगा के जलस्तर में संभावित बढ़ोतरी के बीच बिहार प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। पटना और मोकामा में जलस्तर को लेकर जताई गई आशंका के बाद निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क किया गया है। फिलहाल प्रशासन का जोर लोगों को सुरक्षित रखने, समय पर सूचना पहुंचाने और जरूरत पड़ने पर राहत-बचाव व्यवस्था को सक्रिय करने पर है।