UP News: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने गरीब और जरूरतमंद परिवारों की बेटियों की शादी के लिए चलाई जा रही ‘मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना’ में एक बड़ा और व्यावहारिक बदलाव किया है। इस नए संशोधन के तहत, अब सामूहिक विवाह में मिलने वाले उपहारों (पायल और बिछिया) की खरीद का जिम्मा समाज कल्याण विभाग के पास नहीं होगा। इसके बजाय, अब उपहारों की तय राशि सीधे होने वाली दुल्हन के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी, ताकि वधू अपनी पसंद और डिजाइन के आभूषण खुद बाजार से खरीद सके।
इस ऐतिहासिक फैसले से न केवल सरकारी खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी, बल्कि दुल्हनों को अपनी मनपसंद चीजें चुनने की पूरी आजादी भी मिलेगी।
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चांदी की आसमान छूती कीमतों के कारण लिया गया फैसला
समाज कल्याण विभाग को यह कदम बाजार में चांदी की कीमतों में आ रहे अभूतपूर्व उछाल को देखते हुए उठाना पड़ा है। योजना के पुराने नियमों के अनुसार, प्रत्येक नवविवाहित जोड़े को उपहार स्वरूप 30 ग्राम चांदी की पायल और 10 ग्राम चांदी की बिछिया दी जाती थी। पूर्व में इन गहनों की सरकारी खरीद पर औसतन 4,000 रुपये का खर्च आता था।
वर्तमान में चांदी की कीमतें ढाई लाख रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी हैं। ऐसी स्थिति में तय बजट के भीतर सरकारी टेंडर के जरिए आभूषणों की गुणवत्ता बनाए रखना विभाग के लिए मुश्किल हो रहा था। इसी समस्या के व्यावहारिक समाधान के रूप में सरकार ने सीधे नकद राशि (डीबीटी) देने का रास्ता चुना है।
नया बजट ढांचा
इस बदलाव के बाद मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत प्रति जोड़ा खर्च होने वाली एक लाख रुपये की कुल धनराशि के वितरण का गणित पूरी तरह बदल गया है।
व्यवस्था पुरानी वित्तीय व्यवस्था नई वित्तीय व्यवस्था
दुल्हन के खाते में (Direct Benefit) ₹60,000 ₹64,000 (₹4,000 अतिरिक्त शामिल)
अन्य उपहार सामग्री (विभागीय खरीद) ₹25,000 ₹21,000 (गहनों की राशि हटने के बाद)
विवाह आयोजन व अन्य व्यवस्थाएं ₹15,000 ₹15,000 (यथावत)
नई व्यवस्था लागू होने से बेटियों को मिलने वाली प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता में 4,000 रुपये का इजाफा हो गया है, जबकि विभाग द्वारा खरीदे जाने वाले अन्य सामानों का बजट घटकर 21 हजार रुपये रह गया है।
लखनऊ में 1563 शादियों का लक्ष्य
राजधानी लखनऊ सहित पूरे प्रदेश में इस नए नियम के तहत शादियों की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। अकेले लखनऊ जनपद में इस बार 1,563 जोड़ों की शादियां कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके एवज में विभाग को अब तक 600 से अधिक शादियों के आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।
आवेदन की प्रक्रिया
समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के अनुसार, योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक और पात्र परिवारों की लड़कियां सीधे आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। स्क्रूटनी और पात्रता की जांच के बाद उन्हें आगामी सामूहिक विवाह समारोहों में शामिल कर नए नियमों के तहत सीधे उनके बैंक खातों में राशि भेज दी जाएगी।
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