West Bengal Election: बंगाल उपचुनाव में नया मोड़, हुमायूं कबीर ने क्यों रोका जमीनी प्रचार?

रेजिनगर उपचुनाव से पहले AJUP नेता हुमायूं कबीर ने जमीनी प्रचार से दूरी बनाने का फैसला किया है। उन्होंने पुलिस पर पार्टी कार्यकर्ताओं को परेशान करने और गिरफ्तार करने के आरोप लगाए। कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद चुनाव मैदान में हैं। कबीर सोशल मीडिया के जरिए प्रचार जारी रखने की बात कही है।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

सितम्बर 22, 2026

West Bengal Election: पश्चिम बंगाल की रेजिनगर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी बीच आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के नेता हुमायूं कबीर ने जमीनी चुनाव प्रचार से फिलहाल दूरी बनाने का ऐलान किया है। कबीर ने पुलिस पर अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों को परेशान करने तथा गिरफ्तार करने का आरोप लगाया है।

रेजिनगर उपचुनाव में हुमायूं कबीर ने रोका जमीनी प्रचार

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हुमायूं कबीर ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में वह अपने साथियों और पार्टी कार्यकर्ताओं को किसी तरह की परेशानी में नहीं डालना चाहते। इसी वजह से उन्होंने फिलहाल मैदान में जाकर चुनाव प्रचार नहीं करने का फैसला किया है। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि चुनाव प्रचार पूरी तरह बंद नहीं होगा। कबीर सोशल मीडिया के जरिए अपने बेटे और AJUP उम्मीदवार गुलाम नबी आजाद के पक्ष में प्रचार जारी रखेंगे।

पुलिस कार्रवाई के आरोपों के बीच AJUP का चुनावी अभियान

बताते चले कि, हुमायूं कबीर का आरोप है कि पुलिस उनकी पार्टी से जुड़े कार्यकर्ताओं और समर्थकों को लगातार निशाना बना रही है। उन्होंने दावा किया कि AJUP के करीब 10 कार्यकर्ता फिलहाल जेल में हैं। कबीर के मुताबिक, इस मामले को लेकर उन्होंने पुलिस और चुनाव अधिकारियों से शिकायत भी की है, लेकिन अभी तक उन्हें अपेक्षित जवाब नहीं मिला है।

चुनाव अधिकारियों को शिकायत का दावा

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हुमायूं कबीर ने बताया कि उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को भी दो पत्र भेजे हैं। इसके अलावा चुनाव पर्यवेक्षकों, राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी, रिटर्निंग ऑफिसर और जिलाधिकारी को भी कथित पुलिस कार्रवाई के बारे में जानकारी देने का दावा किया। उनका कहना है कि अगर ऐसे माहौल में प्रचार तेज किया गया तो पार्टी कार्यकर्ताओं और आम लोगों को और परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

हुमायूं कबीर बोले- चुनाव के दिन पूरी ताकत से मुकाबला करेंगे

जमीनी प्रचार से दूरी बनाने के फैसले के बावजूद हुमायूं कबीर ने चुनावी मुकाबले से पीछे हटने की बात नहीं कही है। उन्होंने कहा कि पार्टी चुनाव के दिन पूरी ताकत के साथ मुकाबला करेगी। पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कबीर ने संकेत दिया कि मौजूदा घटनाक्रम का जवाब मतदान के दिन राजनीतिक तरीके से दिया जाएगा। हालांकि, पुलिस की कार्रवाई को लेकर लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष इस विवरण में शामिल नहीं है।

AJUP नेता नसीम शेख की गिरफ्तारी से बढ़ी हलचल

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रेजिनगर उपचुनाव से पहले AJUP से जुड़े नेताओं की गिरफ्तारी ने पार्टी के चुनावी अभियान को लेकर सवाल खड़े किए हैं। शनिवार रात AJUP नेता नसीम शेख को रेजिनगर के मियांग्राम से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी मई में पुलिस के खिलाफ की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े एक मामले में हुई है। मामले की कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।

निर्दलीय उम्मीदवार सैफुल इस्लाम भी गिरफ्तार

AJUP से जुड़े निर्दलीय उम्मीदवार सैफुल इस्लाम की गिरफ्तारी का भी मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, सैफुल इस्लाम को एक पुराने मामले में गिरफ्तार किया गया है, जिसका संबंध 2021 के विधानसभा चुनाव से बताया जा रहा है। इन गिरफ्तारियों को लेकर पार्टी की ओर से पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए जा रहे हैं, जबकि पुलिस इन्हें संबंधित मामलों में की गई कानूनी कार्रवाई बता रही है।

रेजिनगर उपचुनाव की तारीख क्या है?

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रेजिनगर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए 6 अक्टूबर को मतदान होना है। इसी दिन पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर भी वोटिंग होगी। दोनों सीटों के चुनाव परिणाम 9 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे। रेजिनगर सीट हुमायूं कबीर के विधानसभा सदस्य के रूप में सीट छोड़ने के बाद खाली हुई थी।

रेजिनगर सीट पर चुनावी मुकाबला हुआ दिलचस्प

रेजिनगर उपचुनाव में हुमायूं कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद के उम्मीदवार होने से AJUP के लिए यह चुनाव खास महत्व रखता है। वहीं, चुनाव से पहले पार्टी नेताओं की गिरफ्तारी और पुलिस पर लगाए गए आरोपों ने मुकाबले को और चर्चा में ला दिया है। अब देखना होगा कि सोशल मीडिया प्रचार और मतदान के दिन की रणनीति के जरिए AJUP अपने चुनावी अभियान को किस तरह आगे बढ़ाती है।