Jamui Viral Video Case: नाबालिगों का वीडियो वायरल करने वाला आरोपी गिरफ्तार, साइबर जांच में खुला राज

नाबालिग छात्र-छात्रा से जुड़ी संवेदनशील घटना का आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। तकनीकी साक्ष्यों और साइबर सर्विलांस के आधार पर मड़वा निवासी रामाशीष चौधरी को पकड़ा गया। पुलिस वीडियो के स्रोत और उसे आगे शेयर करने वाले लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

Jamui Viral Video Case

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

सितम्बर 22, 2026

Jamui Viral Video Case: जिले में नाबालिग छात्र-छात्रा से जुड़ी संवेदनशील घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। तकनीकी साक्ष्यों और साइबर सर्विलांस की मदद से पुलिस ने कथित तौर पर वीडियो को सबसे पहले इंटरनेट पर प्रसारित करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले में अब तक चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

नाबालिगों के वीडियो वायरल करने के मामले में मुख्य आरोपी गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान मड़वा निवासी रामाशीष चौधरी के रूप में हुई है। आरोप है कि नाबालिग छात्र-छात्रा से जुड़ी अमर्यादित घटना का वीडियो आरोपी ने सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर अपलोड और प्रसारित किया। वीडियो के तेजी से इंटरनेट मीडिया पर फैलने के बाद मामला वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में आया, जिसके बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच के लिए विशेष टीम गठित की।

साइबर सर्विलांस से सोशल मीडिया पर वीडियो फैलाने वाले तक पहुंची पुलिस

मामले की जांच में पुलिस की तकनीकी टीम ने डिजिटल साक्ष्यों को खंगालना शुरू किया। पुलिस के मुताबिक, वीडियो के डिजिटल फुटप्रिंट और आईपी ट्रेल की मदद से उस व्यक्ति तक पहुंचने की कोशिश की गई, जिसने कथित तौर पर वीडियो को इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित किया था। तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने आरोपी की पहचान की और इसके बाद मड़वा में घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

आपत्तिजनक वीडियो कहां-कहां शेयर हुआ

आपतो बता दे कि, गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। जांच का एक प्रमुख बिंदु यह पता लगाना है कि वीडियो आरोपी ने खुद रिकॉर्ड किया था या उसे किसी अन्य व्यक्ति से प्राप्त किया था। इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि कथित वीडियो को किन-किन सोशल मीडिया अकाउंट, व्हाट्सऐप ग्रुप या अन्य डिजिटल माध्यमों पर आगे भेजा गया।

नाबालिगों की निजता भंग करने वालों पर भी होगी कार्रवाई

पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नाबालिगों से जुड़ी संवेदनशील घटना के वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा करना गंभीर मामला है। ऐसे वीडियो के प्रसारण से पीड़ितों की निजता, सम्मान और गरिमा प्रभावित होती है। पुलिस ने कहा है कि वीडियो बनाने, उसे पहली बार सार्वजनिक करने और बाद में शेयर या री-पोस्ट करने वाले लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करने से पुलिस की सख्त चेतावनी

पुलिस ने आम लोगों और इंटरनेट मीडिया यूजर्स से अपील की है कि वे नाबालिगों से जुड़े किसी भी आपत्तिजनक या संवेदनशील वीडियो को डाउनलोड, शेयर या दोबारा प्रसारित न करें। पुलिस के मुताबिक, किसी व्यक्ति के मोबाइल या सोशल मीडिया अकाउंट पर ऐसा वीडियो पहुंचता है तो उसे आगे फैलाने के बजाय संबंधित अधिकारियों को सूचना देनी चाहिए।

मामले में अब तक चार आरोपियों की गिरफ्तारी

पुलिस के अनुसार, इस मामले में अब तक कुल चार आरोपियों को पकड़ा जा चुका है। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब जांच का दायरा सोशल मीडिया पर वीडियो के प्रसार से जुड़े अन्य लोगों तक बढ़ाया जा रहा है। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वीडियो की शुरुआत कहां से हुई और इसे कितने लोगों तक पहुंचाया गया।

पुलिस की अपील- संवेदनशील वीडियो को आगे न बढ़ाएं

पुलिस ने लोगों से जिम्मेदारी के साथ सोशल मीडिया इस्तेमाल करने की अपील की है। खासकर नाबालिगों से संबंधित किसी भी संवेदनशील सामग्री को साझा या दोबारा पोस्ट नहीं करने की सलाह दी गई है। जांच एजेंसियां मामले से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखते हुए आरोपियों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं। मामले में आगे की कार्रवाई जांच से सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।