Asian Games 2026: मुकाबले से पहले मचा बवाल, इवेंट बदलाव से नाराज रोअर्स ने दी हड़ताल की धमकी

एशियन गेम्स 2026 में भारतीय रोइंग टीम से जुड़ा विवाद अब बढ़ता नजर आ रहा है। प्रतियोगिता शुरू होने से ठीक पहले कई खिलाड़ियों को अलग-अलग इवेंट में शिफ्ट किए जाने से रोअर्स नाराज हैं। टीम मैनेजमेंट के फैसले पर सवाल उठे हैं और कुछ खिलाड़ियों ने विरोध के साथ हड़ताल की चेतावनी भी दी है।

मुकाबले से पहले मचा बवाल

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

सितम्बर 22, 2026

Asian Games 2026: एशियन गेम्स 2026 में भारतीय रोइंग टीम से जुड़ा विवाद सामने आया है। रोइंग प्रतियोगिताएं शुरू होने से महज दो दिन पहले टीम मैनेजमेंट की ओर से कई खिलाड़ियों और क्रू के इवेंट में बदलाव किए जाने के बाद कुछ रोअर्स नाराज बताए जा रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, कुछ खिलाड़ियों ने बदलावों के विरोध में ट्रेनिंग से दूर रहने और हड़ताल पर जाने तक की बात कही है। हालांकि, मामले को सुलझाने की कोशिशें भी जारी हैं।

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तूफान के कारण बदला रोइंग का कार्यक्रम

एशियन गेम्स में रोइंग प्रतियोगिताएं पहले 20 सितंबर से शुरू होनी थीं, लेकिन जापान में टाइफून डुजुआन के खतरे को देखते हुए कार्यक्रम में बदलाव किया गया। प्रतियोगिताओं की शुरुआत अब 23 सितंबर से होने वाली है। इस बदलाव के कारण रोइंग इवेंट का कार्यक्रम पहले की तुलना में काफी कम समय में पूरा करना पड़ रहा है। इसी बदले हुए कार्यक्रम के बीच टीम मैनेजमेंट ने कई क्रू के संयोजन में फेरबदल किया। खिलाड़ियों को अलग-अलग इवेंट में भेजे जाने और रिजर्व खिलाड़ियों को मुख्य टीम में शामिल किए जाने की खबर सामने आई, जिसके बाद टीम के भीतर असंतोष की स्थिति बनी।

कई खिलाड़ियों के इवेंट बदले गए

कई खिलाड़ियों के इवेंट बदले गए
कई खिलाड़ियों के इवेंट बदले गए

रिपोर्टों के मुताबिक नवदीप सिंह और कुलविंदर सिंह को पुरुष डबल स्कल्स से क्वाड्रपल स्कल्स में भेजा गया। वहीं सलमान और सतनाम को क्वाड्रपल स्कल्स से डबल स्कल्स में शिफ्ट किया गया। बलराज पंवार को क्वाड्रपल स्कल्स से हटाकर सिंगल स्कल्स में भेजा गया, जबकि अरविंद सिंह को सिंगल स्कल्स से हटाकर क्वाड्रपल स्कल्स में शामिल किया गया। इसके अलावा पुरुष पेयर और कॉक्सलेस फोर की टीमों में भी बदलाव किए गए। रिजर्व खिलाड़ी जसमैल सिंह को कॉक्सलेस फोर में शामिल किया गया, जबकि कुछ खिलाड़ियों को दूसरे इवेंट में भेजा गया।

खिलाड़ियों ने उठाए बदलाव पर सवाल

कुछ रोअर्स ने इन बदलावों को लेकर नाराजगी जताई है। खिलाड़ियों का कहना है कि वे लंबे समय से जिन इवेंट्स के लिए तैयारी कर रहे थे, प्रतियोगिता से ठीक पहले उनमें बदलाव करने से उनकी तैयारी प्रभावित हो सकती है। रिपोर्टों में एक खिलाड़ी के हवाले से कहा गया है कि रोइंग में क्रू के बीच तालमेल बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में आखिरी समय पर खिलाड़ियों को एक इवेंट से दूसरे इवेंट में भेजना आसान नहीं होता। कुछ खिलाड़ियों ने ट्रेनिंग में हिस्सा नहीं लेने की बात भी कही थी।

फेडरेशन ने बताई बदलाव की वजह

रोइंग फेडरेशन और टीम से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि कार्यक्रम छोटा होने के कारण रणनीतिक बदलाव जरूरी हुए। रोइंग शारीरिक रूप से काफी थकाने वाला खेल है और कम दिनों में कई मुकाबले कराने की स्थिति में खिलाड़ियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। फेडरेशन का तर्क है कि बदली हुई परिस्थितियों में ऐसे संयोजन तैयार किए जा रहे हैं, जिनसे भारत की पदक जीतने की संभावनाओं को बेहतर किया जा सके। टीम के मुख्य कोच और फेडरेशन अध्यक्ष ने भी बदलावों का बचाव करते हुए कहा है कि फैसला मौजूदा शेड्यूल और पदक की संभावनाओं को ध्यान में रखकर लिया गया।

मुकाबलों से पहले समाधान की कोशिश

मुकाबलों से पहले समाधान की कोशिश
मुकाबलों से पहले समाधान की कोशिश

भारतीय रोइंग टीम के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती विवाद को खत्म कर खिलाड़ियों को प्रतियोगिता पर केंद्रित करना है। रोइंग इवेंट 23 सितंबर से शुरू होने हैं और समय कम होने के कारण टीम मैनेजमेंट तथा खिलाड़ियों के बीच तालमेल बेहद महत्वपूर्ण रहेगा। भारत ने 2022 एशियन गेम्स में रोइंग में पांच पदक जीते थे, जिनमें दो रजत और तीन कांस्य शामिल थे। ऐसे में इस बार भी भारतीय टीम से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है, लेकिन प्रतियोगिता से ठीक पहले पैदा हुआ यह विवाद टीम की तैयारियों के लिए चुनौती जरूर बन गया है।

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