Trump Warning Cuba: दक्षिण अमेरिकी महाद्वीप में चल रही भारी राजनीतिक उथल-पुथल के बीच, संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्यूबा को लेकर एक कड़ा रुख अख्तियार किया है। वेनेजुएला में हाल ही में किए गए अमेरिकी सैन्य ऑपरेशन के बाद, ट्रंप ने क्यूबा को सीधी चेतावनी दी है कि वे जल्द से जल्द अमेरिका के साथ समझौता कर लें। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब वेनेजुएला पर अमेरिकी नियंत्रण बढ़ता जा रहा है और क्यूबा के आर्थिक हितों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ कर दिया है कि क्यूबा के लिए समय तेजी से निकल रहा है।
ट्रुथ सोशल पर ट्रंप का कड़ा संदेश: ‘बहुत देर होने से पहले समझौता कर ले क्यूबा’
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ का उपयोग करते हुए क्यूबा सरकार को सख्त लहजे में आगाह किया। उन्होंने रविवार (11 जनवरी, 2026) को स्पष्ट रूप से लिखा कि क्यूबा को अब अमेरिका के साथ एक ठोस डील कर लेनी चाहिए। ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते समझौता नहीं किया गया, तो क्यूबा को मिलने वाली आर्थिक मदद और तेल की आपूर्ति पूरी तरह ठप कर दी जाएगी। उनका यह संदेश अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में एक बड़े बदलाव की ओर इशारा करता है, जहाँ अमेरिका अब कैरिबियाई देशों पर दबाव बढ़ा रहा है।
तेल और फंड पर रोक की चेतावनी: क्यूबा की आर्थिक रीढ़ पर प्रहार
ट्रंप ने अपने पोस्ट में इस बात पर जोर दिया कि क्यूबा के लिए अब मुफ्त के संसाधनों का दौर समाप्त हो चुका है। उन्होंने लिखा, “क्यूबा को अब न तो तेल जाएगा और न ही पैसा—शून्य!” अमेरिकी राष्ट्रपति के अनुसार, क्यूबा दशकों तक वेनेजुएला से मिलने वाले भारी मात्रा में कच्चे तेल और वित्तीय सहायता पर निर्भर रहा है। इस फंड के बदले क्यूबा वेनेजुएला के शासकों को ‘सुरक्षा सेवाएं’ प्रदान करता था। ट्रंप ने घोषणा की है कि यह लेन-देन अब और नहीं चलेगा और क्यूबा को अपनी अर्थव्यवस्था बचाने के लिए अमेरिकी शर्तों पर आना ही होगा।
वेनेजुएला में सैन्य कार्रवाई और क्यूबा की ‘सुरक्षा सेवाओं’ का अंत
पिछले सप्ताह वेनेजुएला में अमेरिका द्वारा किए गए हमले का जिक्र करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि उस अभियान में मारे गए ज्यादातर लोग क्यूबा के थे। उन्होंने कहा कि क्यूबा के इन “गुंडों और जबरन वसूली करने वालों” ने वेनेजुएला को वर्षों तक बंधक बनाकर रखा था। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि वेनेजुएला को अब क्यूबा की किसी भी प्रकार की सुरक्षा की आवश्यकता नहीं है। इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि अमेरिका अब वेनेजुएला में क्यूबा के सैन्य और सुरक्षा हस्तक्षेप को पूरी तरह समाप्त करने के लिए सैन्य ताकत का प्रयोग करने से पीछे नहीं हटेगा।
‘वेनेजुएला के पास अब दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेना का संरक्षण है’
डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के भविष्य को लेकर अमेरिका की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि अब वेनेजुएला को किसी बाहरी डिक्टेटर या जबरन वसूली करने वालों से डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने गर्व से कहा, “वेनेजुएला के पास अब संयुक्त राज्य अमेरिका है, जो विश्व की सबसे शक्तिशाली सेना है।” ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी सेना वेनेजुएला के हितों की रक्षा करेगी। उन्होंने क्यूबा को दोबारा सुझाव दिया कि वे बहुत देर होने से पहले एक समझौते पर हस्ताक्षर कर लें, अन्यथा उनकी रही-सही आर्थिक मदद भी हमेशा के लिए छीन ली जाएगी।
निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी और वेनेजुएला के विशाल तेल भंडार पर कब्जा
इस पूरी तनातनी की शुरुआत 3 जनवरी को हुई, जब अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला में एक साहसिक सैन्य अभियान चलाकर वहां के तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया। अमेरिका ने उन पर नशीले पदार्थों की तस्करी (नार्को-टेररिज्म) के गंभीर आरोप लगाए हैं और वर्तमान में न्यूयॉर्क की एक अदालत में उन पर मुकदमा चल रहा है। उल्लेखनीय है कि वेनेजुएला के पास लगभग 300 अरब बैरल का दुनिया का सबसे बड़ा कच्चा तेल भंडार है। इस भंडार पर नियंत्रण और मादुरो की विदाई ने लैटिन अमेरिका में वाशिंगटन के प्रभाव को चरम पर पहुंचा दिया है।
Read More: हरियाणा CM नायब सैनी पहुंचे लुधियाना










