T.B. Mukt Bharat: टी.बी. मुक्त भारत अभियान में हरियाणा का शानदार प्रदर्शन, कई मानकों पर बढ़त

हरियाणा ने टी.बी. मुक्त भारत अभियान में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए टी.बी. मुक्त भारत ऐप पर 35,229 पंजीकरण के साथ देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है।

T.B. Mukt Bharat

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जुलाई 25, 2026

T.B. Mukt Bharat: देश से क्षय रोग (टी.बी.) को जड़ से खत्म करने के लिए चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी अभियानों में हरियाणा ने एक बार फिर अपनी मजबूत इच्छाशक्ति और बेहतरीन प्रशासनिक कार्यशैली का परिचय दिया है। टी.बी. मुक्त भारत ऐप पर पंजीकरण के मामले में हरियाणा ने पूरे देश में दूसरा स्थान हासिल कर एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम की है। राज्य में इस घातक बीमारी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियानों के सार्थक परिणाम सामने आ रहे हैं, जिससे टी.बी. उन्मूलन की दिशा में एक नया मील का पत्थर स्थापित हुआ है।

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मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई अहम समीक्षा बैठक

इस उल्लेखनीय सफलता की आधिकारिक जानकारी हाल ही में हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में आयोजित 100-दिवसीय टी.बी. उन्मूलन अभियान की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान दी गई। बैठक में राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने अब तक के कामकाज का पूरा ब्योरा रखा और बताया कि कैसे सरकार की सुनियोजित रणनीतियों के कारण टी.बी. के खिलाफ जंग में ये बड़े मुकाम हासिल किए गए हैं। समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि ऐप पर कुल 35,229 पंजीकरण दर्ज किए जा चुके हैं, जो प्रदेश में स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता और सक्रियता को दर्शाता है।

टी.पी.टी. कवरेज में उल्लेखनीय सुधार और स्क्रीनिंग कैंप

बैठक में यह विशेष रूप से साझा किया गया कि टी.बी. प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (टी.पी.टी.) के क्षेत्र में राज्य ने अभूतपूर्व प्रगति दर्ज की है।

पारिवारिक संपर्कों का निवारक उपचार: औषधि-संवेदनशील फेफड़ों की टी.बी. से पीड़ित मरीजों के कुल 44,574 पात्र पारिवारिक संपर्कों में से अब तक 21,697 व्यक्तियों यानी लगभग 49 प्रतिशत लोगों को निवारक उपचार (TPT) प्रदान किया जा चुका है। आपको बता दें कि जब इस अभियान की शुरुआत हुई थी, तब यह कवरेज मात्र 31 प्रतिशत था। इतना ही नहीं, राज्य के 14 जिले ऐसे हैं जिन्होंने इस मामले में 50 प्रतिशत से अधिक का कवरेज पार कर लिया है।

व्यापक स्तर पर स्क्रीनिंग कैंप: टी.बी. के मामलों की समय रहते पहचान करने के लिए राज्य भर में अब तक कुल 4,711 स्क्रीनिंग कैंप आयोजित किए गए हैं। इन शिविरों के माध्यम से 5,31,178 संवेदनशील व्यक्तियों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है, जिससे संदिग्ध मरीजों को तुरंत चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिली है।

मॉलिक्युलर जांच और डिफरेंशिएटेड टी.बी. केयर में बढ़ोतरी

हरियाणा ने न केवल पंजीकरण और निवारक उपचार बल्कि तकनीकी और डायग्नोस्टिक मोर्चे पर भी शानदार काम किया है।

एन.ए.ए.टी. आधारित जांच: अभियान के दौरान अब तक लगभग 1.50 लाख एन.ए.ए.टी. (NAAT) आधारित मॉलिक्युलर जांचें की जा चुकी हैं। इसके परिणाम स्वरूप मॉलिक्युलर जांच का कवरेज जो पहले मात्र 42 प्रतिशत था, वह अब बढ़कर सीधे 67 प्रतिशत पर पहुंच गया है।

डिफरेंशिएटेड टी.बी. केयर: मरीजों को बेहतर और उनकी जरूरत के अनुसार स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए चलाई जा रही ‘डिफरेंशिएटेड टी.बी. केयर’ योजना का दायरा भी काफी बढ़ाया गया है। इसके तहत 31,849 पात्र टी.बी. मरीजों में से 22,571 मरीजों यानी 71 प्रतिशत को इस विशेष देखभाल के दायरे में लाया जा चुका है।

हरियाणा सरकार और स्वास्थ्य विभाग के इन समन्वित प्रयासों से यह स्पष्ट है कि राज्य 2025-26 तक टी.बी. मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में बहुत तेजी से और सही रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।

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