Haryana News: हरियाणा सरकार ने राज्य के शैक्षणिक ढांचे में एक बड़ा और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रदेश के शिक्षा निदेशालय ने एक ताजा आदेश जारी कर सभी सरकारी स्कूलों में ‘हरियाणा राज्य-गीत’ के नियमित गायन को अनिवार्य कर दिया है। इस नई व्यवस्था के तहत अब हर हफ्ते कम से कम एक दिन सुबह की प्रार्थना सभा के तुरंत बाद छात्र और शिक्षक सामूहिक रूप से राज्य-गीत का गान करेंगे।
आदेश और निर्देश की मुख्य बातें
आपको बता दें कि, हरियाणा विद्यालय शिक्षा निदेशालय की ओर से यह आधिकारिक निर्देश 22 जुलाई 2026 को जारी किए गए हैं। विभाग ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को यह सख्त निर्देश दिए हैं कि इस नियम को तुरंत प्रभाव से लागू किया जाए। शिक्षा निदेशालय का स्पष्ट कहना है कि सभी स्कूलों में इस नई व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए आवश्यक तैयारियां और व्यवस्थाएं बिना किसी देरी के सुनिश्चित की जाएं।
इस महत्वपूर्ण आदेश की प्रतियां केवल मैदानी स्तर के अधिकारियों तक ही सीमित नहीं रखी गई हैं, बल्कि इसकी आधिकारिक जानकारी राज्य के शिक्षा मंत्री, मुख्य सचिव और महानिदेशक माध्यमिक शिक्षा सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को भी सूचनार्थ और अनुपालन हेतु भेजी गई हैं।
इस पहल के पीछे का मुख्य उद्देश्य
शिक्षा विभाग का मानना है कि केवलता किताबी ज्ञान तक शिक्षा सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों के भीतर अपनी मातृभूमि और संस्कृति के प्रति जुड़ाव होना भी उतना ही आवश्यक है। इस कदम के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
- सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण: विद्यार्थियों को हरियाणा की समृद्ध संस्कृति, गौरवशाली इतिहास और अनूठी परंपराओं से गहराई से परिचित कराना।
- सम्मान की भावना का विकास: नई पीढ़ी के दिलों में अपने राज्य के प्रति आदर, गर्व और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना।
- आपसी एकता और अनुशासन: सामूहिक गायन के माध्यम से स्कूलों में अनुशासन और विद्यार्थियों के बीच एकजुटता की भावना को बढ़ावा देना।
विद्यार्थियों और शिक्षा व्यवस्था पर प्रभाव
शिक्षाविदों और जानकारों का मानना है कि इस प्रकार के सांस्कृतिक निर्णय विद्यार्थियों के मानसिक और सामाजिक विकास में सकारात्मक भूमिका निभाते हैं। जब बच्चे सप्ताह में एक बार अपने राज्य के गौरव में स्वर मिलाएंगे, तो उनमें अपनी स्थानीय पहचान के प्रति हीनता की जगह गर्व का अहसास पैदा होगा। हरियाणा सरकार की यह अनूठी पहल राज्य के सरकारी विद्यालयों में एक नई ऊर्जा और सकारात्मक माहौल का संचार करेगी, जिससे छात्र अपनी पढ़ाई के साथ-साथ अपनी सांस्कृतिक जड़ों से भी मजबूती से जुड़े रहेंगे।










