Punjab News: पंजाब में बसों का चक्का जाम तय, सफर से पहले जान लें हड़ताल की तारीख

पंजाब में 22 सितंबर से PUNBUS और PRTC कर्मचारियों ने पूरे राज्य में बसों का चक्का जाम करने का ऐलान किया है, जिससे यात्री प्रभावित हो सकते हैं।

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Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

सितम्बर 12, 2026

Punjab News: पंजाब के बस यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण और चिंताजनक खबर सामने आई है। राज्य में एक बार फिर सरकारी बसों के चक्का जाम का ऐलान कर दिया गया है। पंजाब रोडवेज, पनबस/PRTC कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के रवैये पर नाराजगी जताते हुए 22 सितंबर से पूरे पंजाब में पनबस और PRTC का पक्का चक्का जाम करने की घोषणा की है। यह निर्णय यूनियन द्वारा सरकार के साथ की गई वार्ताओं के विफल रहने के बाद लिया गया है।

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4 साल में 59 बैठकें, सिवाय आश्वासन के कुछ नहीं

यूनियन के नेताओं ने सरकार के साथ हुई बैठकों के बेनतीजा रहने पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पंजाब रोडवेज, पनबस/PRTC कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन संगरूर के डिपो प्रेसिडेंट हरप्रीत सिंह ग्रेवाल ने वर्कर्स को संबोधित करते हुए बताया कि पिछले लगभग 4 वर्षों में सरकार के प्रतिनिधियों के साथ उनकी 59 मीटिंग हो चुकी हैं। हर बार सरकार की तरफ से भरोसा दिया गया, लेकिन धरातल पर सिवाय विलाप और निराशा के कुछ हासिल नहीं हुआ।

यूनियन का आरोप है कि कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम की आड़ में डिपार्टमेंट और कर्मचारियों को जमकर लूटा जा रहा है। इसमें GST, कमीशन और रिश्वत जैसे भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं। लिखित शिकायत और पुख्ता सबूत देने के बावजूद सरकार या विभाग की तरफ से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। यही नहीं, कर्मचारियों का EPF और ESI तक जमा नहीं किया जा रहा है, जिससे उनके भविष्य पर संकट मंडरा रहा है। इतना ही नहीं, यूनियन के विरोध के बावजूद नए कॉन्ट्रैक्टर्स को काम पर रखा जा रहा है। नए ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर भी पिछले 3 महीने से केवल 10-10 दिन का समय मांगकर मामले को टाल रहे हैं।

कम वेतन और फ्री सफर की राशि का मुद्दा

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पंजाब में बसों का चक्का जाम तय

यूनियन के वाइस प्रेसिडेंट रमनदीप सिंह, लखविंदर सिंह बिट्टू और असिस्टेंट सेक्रेटरी गुरजीत सिंह ने अपनी आर्थिक परेशानियों को उजागर किया। उन्होंने कहा कि कम सैलरी और समय पर वेतन न मिलने के कारण कर्मचारियों के लिए अपने परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल हो गया है। इसके अलावा, सरकार द्वारा महिलाओं के लिए फ्री सफर की सुविधा के एवज में करीब 1200 करोड़ रुपये की राशि जारी नहीं की जा रही है, जिसका असर भी कर्मचारियों के वेतन और सुविधाओं पर पड़ रहा है। सबसे प्रमुख मांग कर्मचारियों को परमानेंट करने की है, जिस पर सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही है।

किलोमीटर स्कीम का विरोध और तानाशाही का आरोप

यूनियन नेताओं परमिंदर सिंह जस्सर, गुरदीप सिंह और गुरप्रीत सिंह ने सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नई बसें खरीदने के बजाय सरकार ने किलोमीटर स्कीम की बसों को फ्लैग ऑफ करके गलत आंकड़े पेश करने की कोशिश की है। जब कर्मचारियों ने किलोमीटर स्कीम का विरोध किया, तो सरकार ने दमनकारी नीति अपनाते हुए उन पर केस दर्ज किए और उन्हें जेल में डालने का काम किया।

22 सितंबर से अनिश्चितकालीन चक्का जाम

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पंजाब में बसों का चक्का जाम तय

यूनियन ने 17 सितंबर 2026 को होने वाली मीटिंग को लेकर चेतावनी दी है। यदि इस मीटिंग में कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को सर्विस रूल्स के तहत रेगुलर करने, आउटसोर्स कर्मचारियों को कॉन्ट्रैक्ट पर लाने, समान काम के लिए समान वेतन लागू करने और कर्मचारियों पर दर्ज पर्चे कैंसिल करने जैसी मांगों का हल नहीं निकलता है, तो 22 सितंबर से पूरे पंजाब में ट्रैफिक जाम कर दिया जाएगा। 22 सितंबर को गेट रैली के साथ पक्के तौर पर रोड जाम किए जाएंगे, जो मांगों के माने जाने तक जारी रहेंगे।

यूनियन नेताओं ने स्पष्ट किया है कि ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर के पिछले 3 महीने के लगातार आश्वासनों और हर मीटिंग में 10 दिन का समय मांगने के बाद, यूनियन अब सरकार को 10 दिन का और अल्टीमेटम दे रही है। यदि इस अवधि में मांगों को नहीं माना जाता है, तो वे अगले कड़े संघर्ष के लिए बाध्य होंगे।

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