Punjab News: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पंजाब द्वारा “भाजपा दा नारा, नशा मुकाना सारा” के संकल्प के तहत एक वृहद अभियान का ऐलान किया गया है। इसके अंतर्गत पूरे राज्य में चार बड़ी “नशा मुक्त पंजाब यात्राएं” निकाली जाएंगी। इन यात्राओं का मुख्य उद्देश्य पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर जनता को लामबंद करना और नशे के खिलाफ इस लड़ाई को एक मजबूत जनआंदोलन का रूप देना है। इस महत्वपूर्ण घोषणा की शुरुआत पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनप्रीत सिंह बादल, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक अश्वनी शर्मा, प्रदेश महासचिव व यात्रा प्रभारी राजेश बाघा और प्रदेश मीडिया प्रमुख विनीत जोशी की गरिमामयी उपस्थिति में की।
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पंजाब के सामने मौजूद प्रमुख चुनौतियां

प्रेस को संबोधित करते हुए ढिल्लों ने स्पष्ट किया कि यह यात्रा केवल नशे के खिलाफ जागरूकता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वर्तमान में पंजाब के समक्ष खड़ी तीन गंभीर चुनौतियों—बढ़ता नशा, बिगड़ती कानून-व्यवस्था और शासन के हर स्तर पर व्याप्त भ्रष्टाचार—पर पूरी तरह केंद्रित होगी। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि नशा आज हमारी संस्कृति, मूल्यों, साहस और गुरुओं की इस पावन धरती की गौरवशाली पहचान को लील रहा है। युवाओं, जो पारंपरिक रूप से सेना, खेलों और देश सेवा के लिए जाने जाते हैं, उन्हें नशे की दलदल में धकेला जा रहा है। इससे न केवल परिवारों में विखंडन और माताओं-बहनों को भारी पीड़ा मिल रही है, बल्कि अपराध और गैंग संस्कृति भी बढ़ रही है। कई परिवार तो नशा मुक्ति और इलाज के लिए कर्ज लेने या अपनी जमीन-जायदाद बेचने तक को मजबूर हो चुके हैं।
चारों यात्राओं का रूट और कार्यक्रम
जनता को जागरूक करने के लिए इन चारों यात्राओं का अलग-अलग रूट तय किया गया है, जो राज्य के सभी कोनों को स्पर्श करेगा:
पहली यात्रा (18 सितंबर): भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन 18 सितंबर को एकता स्थल, माधोपुर (सुजानपुर, पठानकोट) से इस पहली यात्रा को हरी झंडी दिखाएंगे। यह यात्रा पठानकोट, गुरदासपुर, बटाला, अमृतसर, तरनतारन और फिरोजपुर के विभिन्न हलकों से होते हुए अंत में जालंधर में संपन्न होगी।
दूसरी यात्रा (19 सितंबर): यह यात्रा 19 सितंबर को गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब में माथा टेकने के बाद आरंभ होगी। यह समराला, खन्ना, मोहाली, रोपड़, होशियारपुर, नवांशहर और फगवाड़ा के क्षेत्रों से गुजरते हुए जालंधर पहुंचेगी।
तीसरी यात्रा (20 सितंबर): फाजिल्का के सादिकी बॉर्डर (आसफवाला 1971 युद्ध स्मारक) से 20 सितंबर को शुरू होने वाली यह यात्रा फाजिल्का, अबोहर, मुक्तसर, फरीदकोट, मोगा, लुधियाना और मलेरकोटला के इलाकों को कवर करते हुए जालंधर में समाप्त होगी।
चौथी यात्रा (21 सितंबर): तलवंडी साबो स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री दमदमा साहिब में नतमस्तक होकर 21 सितंबर को यह चौथी यात्रा शुरू होगी। यह बठिंडा, मानसा, बरनाला, संगरूर, पटियाला और राजपुरा के क्षेत्रों से होते हुए जालंधर पहुंचेगी।
इन चारों यात्राओं के माध्यम से भाजपा पंजाब के कोने-कोने में जाकर जनमानस को इस गंभीर संकट के खिलाफ एकजुट करने का प्रयास करेगी।
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