Ganesh Chaturthi 2026: बप्पा के मंगल प्रवेश का शुभ मुहूर्त, गणेश चतुर्थी पर ऐसे करें स्वागत

14 सितंबर 2026 को गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 11:20 से दोपहर 1:48 बजे तक है। जानें गणपति के मंगल प्रवेश का शुभ समय और विधि।

Ganesh Chaturthi 2026

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

सितम्बर 12, 2026

Ganesh Chaturthi 2026: सनातन धर्म में कई सारे व्रत त्योहार पड़ते हैं और सभी का अपना महत्व होता है। लेकिन गणेश चतुर्थी के पर्व को बेहद ही खास माना जाता है, जो कि गणेश जन्मोत्सव के तौर पर देशभर में बड़ी धूमधाम के साथ मनाई जाती है। इस साल गणेश उत्सव का पावन पर्व 14 सितंबर से शुरू हो रहा है और इसका समापन 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के दिन प्रतिमा विसर्जन के साथ संपन्न हो जाएगा।

यह पर्व पूरे 12 दिनों तक चलता है, गणेश चतुर्थी के दिन गणपति प्रतिमा की स्थापना मध्यान्ह काल में 11 बजकर 20 मिनट से 1 बजकर 48 मिनट के बीच की जा सकती है। लेकिन स्थापना से पहले श्री गणेश का घर में शुभ मुहूर्त में विधिवत आगमन कराया जाता है। इसे मंगल प्रवेश के नाम से भी जाना जाता है। मंगल प्रवेश की सही विधि और मुहूर्त का पालन करने से घर में सुख शांति और समृद्धि आती है और कष्टों का निवारण होता है।

गणेश प्रतिमा घर लाने का समय

Ganesh Chaturthi 2026
बप्पा के मंगल प्रवेश का शुभ मुहूर्त

शास्त्र अनुसार भगवान श्री गणेश की प्रतिमा को घर लाने के लिए चौघड़ियां मुहूर्त बेहद ही शुभ माना जाता है। जिसमें दो शुभ मुहूर्त होते हैं, अमृत चौघड़िया मुहूर्त प्रात: 6 बजकर 5 मिनट से 7 बजकर 38 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा शुभ चौघड़िया मुहूर्त सुबह 9 बजकर 11 मिनट से 10 बजकर 44 मिनट तक रहेगा। भक्तों को सलाह दी जाती है कि वे उपरोक्त समय में से किसी एक में ही गणेश प्रतिमा को खरीदकर घर लाएं।

श्री गणेश मंगल प्रवेश एवं स्थापना विधि

गणेश जी के घर पधारने से पूर्व निम्नलिखित तैयारियों और नियमों का पालन करना आवश्यक है:

पूजा स्थान की तैयारी: सबसे पहले घर के मुख्य द्वार और पूजा स्थल की अच्छी तरह साफ-सफाई करें और उसे फूलों या रंगोली से सजाएं। जहाँ गणेश जी की स्थापना करनी है, उस स्थान को स्वच्छ करके कुमकुम से पवित्र ‘स्वास्तिक’ बनाएं और उस पर हल्दी की 4 बिंदियां लगाएं।

चौकी एवं आसन की स्थापना: तैयार किए गए स्वास्तिक के ऊपर एक मुट्ठी अक्षत (चावल) रखें। इसके ऊपर लकड़ी की चौकी या बाजोट रखें और उस पर लाल, पीला या केसरिया रंग का पवित्र वस्त्र बिछाएं। पूजा और आरती की संपूर्ण सामग्री पहले से ही एकत्र करके रख लें।

बाजार जाते समय ध्यान रखने योग्य बातें: प्रतिमा लेने जाने से पूर्व स्वयं नवीन वस्त्र धारण करें। सिर पर टोपी या साफा बांधना शुभ माना जाता है। भगवान को आदरपूर्वक लाने के लिए साथ में पीतल या तांबे की थाली (अथवा लकड़ी का पाट), घंटी और मंजीरा अवश्य ले जाएं।

मूर्ति का चयन: मूर्ति खरीदते समय विशेष सावधानियां बरतनी चाहिए। प्रतिमा बैठी हुई मुद्रा में हो और साथ में उनका वाहन मूषक तथा रिद्धि-सिद्धि अवश्य हों। प्रतिमा का रंग सफेद या सिंदूरी हो और उन्होंने पीतांबर या लाल वस्त्र धारण किए हों। मूर्ति में गणेश जी की सूंड बाईं ओर (वामवर्ती) मुड़ी हुई हो तथा वे हाथ में मोदक या लड्डू की थाली लिए हुए हों।

प्रतिमा क्रय एवं निमंत्रण: बाजार जाकर जो गणेश प्रतिमा पसंद आए, उसका मोलभाव (मोल-तोल) न करें। विक्रेता को सादर दक्षिणा देकर गणेश जी को अपने घर पधारने का भावपूर्ण निमंत्रण दें।

Ganesh Chaturthi 2026
बप्पा के मंगल प्रवेश का शुभ मुहूर्त

द्वार पर आरती एवं स्वागत: गणेश जी की प्रतिमा को आतिशबाजी और धूमधाम के साथ घर के मुख्य द्वार तक लाएं। गृह प्रवेश से पहले द्वार पर ही बप्पा की आरती उतारें।

मंगल गीत एवं मंत्रोच्चार: द्वार पूजन के समय मंगल गीत गाएं, शुभ मंत्रों का उच्चारण करें अथवा ‘गणपति बाप्पा मोरया’ के नाम का जप करें।

घर में मंगल प्रवेश एवं विराजमान: इसके बाद प्रसन्नचित्त होकर प्रतिमा को घर के अंदर लाएं और पूर्व से तैयार की गई चौकी पर आदरपूर्वक स्थापित (विराजित) करें।

विधिवत पूजन व आरती: मंगल प्रवेश के तुरंत बाद भगवान श्री गणेश की अक्षत, दूर्वा, मोदक आदि से विधिवत पूजा करें और आरती उतारें।

मंगल प्रवेश का महत्व

ऐसी मान्यता है कि इस शास्त्रीय और भक्तिपूर्ण विधि से किए गए श्री गणेश के मंगल प्रवेश से जीवन के सभी विघ्न और बाधाएं दूर होती हैं तथा घर में सुख, समृद्धि और मंगल का वास होता है; क्योंकि श्री गणेश विघ्नहर्ता और मंगलकर्ता हैं।

पिठोरी अमावस्या की अनोखी कथा: सात बेटों की मौत के बाद ऐसे मिला मां को संतान

Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां पौराणिक कथाओं,धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। खबर में दी जानकारी पर विश्वास व्यक्ति की अपनी सूझ-बूझ और विवेक पर निर्भर करता है। प्राइम टीवी इंडिया इस पर दावा नहीं करता है ना ही किसी बात पर सत्यता का प्रमाण देता है।