Haryana News: हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री और जजपा (JJP) नेता दुष्यंत चौटाला ने करनाल में आयोजित जेजेपी बीएलए-2 की एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद पत्रकारों से खुलकर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने देश की मौजूदा शिक्षा व्यवस्था, लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों और भ्रष्टाचार को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर तीखे हमले किए। दुष्यंत चौटाला ने मांग की है कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले गिरोहों और अपराधियों से सख्ती से निपटने के लिए बेहद कड़े कानूनी प्रावधान किए जाने की आवश्यकता है।
‘करेंसी एक्ट की तर्ज पर हो उम्रकैद का प्रावधान’
पेपर लीक की बढ़ती घटनाओं पर गहरी चिंता जताते हुए पूर्व डिप्टी सीएम ने केंद्र सरकार को एक कड़ा सुझाव दिया है।
कड़ी सजा की मांग: उन्होंने कहा कि जिस प्रकार ‘करेंसी एक्ट’ के तहत नकली नोट छापने या जाली मुद्रा के कारोबार में उम्रकैद जैसी बेहद सख्त सजा का प्रावधान है, बिल्कुल उसी तर्ज पर पेपर लीक कराने वाले माफिया और दोषियों के खिलाफ भी कठोर कानून बनाया जाना चाहिए।
कम सजा के प्रावधानों पर सवाल: दुष्यंत चौटाला ने कहा कि केवल ‘फास्ट ट्रैक कोर्ट’ बनाना एक दिशा हो सकती है, लेकिन उससे पहले एक मजबूत और खौफनाक कानून का होना जरूरी है। जब तक कानूनों में महज दो साल तक की सजा और पांच से दस लाख रुपये का जुर्माना देकर दोषियों को आसानी से बरी कर देने या जमानत मिलने का ढीला प्रावधान रहेगा, तब तक ये नकल माफिया अपनी आपराधिक हरकतों से बाज नहीं आएंगे।
पारदर्शिता और जवाबदेही: उन्होंने हरियाणा का जिक्र करते हुए तीखा सवाल उठाया कि राज्य में न्यायपालिका, एचएसएससी (HSSC) और पुलिस भर्ती जैसी तमाम बड़ी परीक्षाओं के पेपर लीक हुए, लेकिन आज तक जनता को यह नहीं बताया गया कि असल में इसके लिए कौन जिम्मेदार था और किसे क्या सजा मिली। सरकार को ऊपर से लेकर नीचे तक इसमें संलिप्त हर एक दोषी पर कड़ा एक्शन लेना होगा।
प्रधानमंत्री के संज्ञान और लेट लतीफी पर बयान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस मामले में हस्तक्षेप को लेकर पूछे गए सवाल पर दुष्यंत चौटाला ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को इस गंभीर मुद्दे पर बिना किसी देरी के शुरुआती दौर में ही कड़ा संज्ञान लेना चाहिए था।
जिस दिन नीट (NEET) का पेपर लीक हुआ और उसके बाद देश के 22 छात्रों ने अपनी जान गंवाई, अगर प्रधानमंत्री उसी वक्त तुरंत संज्ञान ले लेते, तो आज देश के युवाओं में इस तरह का भारी आक्रोश नहीं फैलता और न ही रात के वक्त देश को संबोधित करने की नौबत आती।
हरियाणा के वित्त विभाग में घोटाले का गंभीर आरोप
प्रदेश की नायब सिंह सैनी सरकार पर निशाना साधते हुए दुष्यंत चौटाला ने एक बड़ा और सनसनीखेज आरोप लगाया।
खामोशी पर सवाल: उन्होंने दावा किया कि हरियाणा के खुद के वित्त विभाग में एक हजार करोड़ रुपये का बड़ा घोटाला हो रखा है, लेकिन इसके बावजूद मुख्यमंत्री की तरफ से इस पर आज तक कोई प्रतिक्रिया या टिप्पणी नहीं आई है।
दोषियों को संरक्षण का अंदेशा: पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री की यह लंबी खामोशी साफ इशारा करती है कि यह वित्तीय अनियमितता या चोरी कहीं न कहीं सीएम की जानकारी में थी और सरकार खुद दोषियों को बचाने का प्रयास कर रही है। यदि मुख्यमंत्री इस मामले में जरा भी गंभीर होते, तो वे सबसे पहले यह जांच करवाते कि आखिर इन छोटे बैंकों को सरकारी पैसा ट्रांसफर करने की अनुमति किसने दी थी और अब तक उन पर क्या कानूनी कार्रवाई अमल में लाई गई है।
इस बैठक के दौरान जेजेपी प्रदेश अध्यक्ष बृज शर्मा समेत कई अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे, जिन्होंने कार्यकर्ताओं को आगामी रणनीतियों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
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