Nandigram Bypoll : नंदीग्राम में सुवेंदु अधिकारी का मुस्लिम वोटरों को संदेश, बोले- सरकार के साथ खड़े होने का मौका

नंदीग्राम उपचुनाव से पहले सुवेंदु अधिकारी ने मुस्लिम और अल्पसंख्यक मतदाताओं को लेकर अहम संदेश दिया है। उन्होंने चुनाव को सरकार के साथ खड़े होने के अवसर और “टेस्ट” के रूप में पेश किया। अब सवाल यह है कि उनकी अपील नंदीग्राम के चुनावी समीकरणों और विभिन्न समुदायों के मतदान रुझान पर कितना असर डालती है।

Nandigram Bypoll

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

सितम्बर 16, 2026

Nandigram Bypoll :  पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। मंगलवार को मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी बीजेपी उम्मीदवार हसिरानी रथ के नामांकन के दौरान मौजूद रहे। हसिरानी रथ चंद्रनाथ रथ की मां हैं, जिनकी मई में हत्या कर दी गई थी। बीजेपी ने उन्हें नंदीग्राम से अपना उम्मीदवार बनाया है।

छह अक्टूबर को नंदीग्राम में होगा मतदान

नंदीग्राम विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए छह अक्टूबर को मतदान होना है, जबकि मतगणना नौ अक्टूबर को निर्धारित है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 16 सितंबर है। यह उपचुनाव सुवेंदु अधिकारी के दो विधानसभा सीटों से चुनाव जीतने के बाद नंदीग्राम सीट छोड़ने के कारण कराया जा रहा है।

हसिरानी रथ के बेटे चंद्रनाथ रथ की हुई थी हत्या

बीजेपी उम्मीदवार हसिरानी रथ के बेटे चंद्रनाथ रथ सुवेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी थे। छह मई को विधानसभा चुनाव परिणाम आने के कुछ दिन बाद चंद्रनाथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई को सौंपी गई है। हसिरानी रथ के नामांकन को बीजेपी ने इसी राजनीतिक और स्थानीय संदर्भ के बीच आगे बढ़ाया है।

सुवेंदु अधिकारी ने कार्यकर्ताओं को किया संबोधित

नामांकन के मौके पर सुवेंदु अधिकारी ने पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों को संबोधित किया। उन्होंने नंदीग्राम में अपनी सरकार के शुरुआती कार्यकाल के दौरान किए गए कामों और आगे की योजनाओं का उल्लेख किया। इनमें कल्याणकारी योजनाओं का लाभ, आवास से जुड़ी सहायता, हरिपुर में नए फायर स्टेशन और प्रस्तावित नंदीग्राम-हल्दिया पुल के सर्वे के लिए बजट प्रावधान जैसी बातें शामिल थीं।

अल्पसंख्यक मतदाताओं से विकास को लेकर की अपील

अधिकारी ने नंदीग्राम और रेजीनगर के अल्पसंख्यक मतदाताओं को भी संबोधित किया। उन्होंने मतदान को सरकार के साथ काम करने और विकास योजनाओं से जुड़ने के संदर्भ में रखा। उनके बयान में अल्पसंख्यक मतदाताओं से सरकार के साथ खड़े होने के बारे में वोट के माध्यम से निर्णय लेने की अपील की गई। यह बयान उपचुनाव के दौरान राजनीतिक चर्चा का एक प्रमुख विषय बन गया है।

नंदीग्राम सीट खाली होने की वजह क्या है?

2026 के विधानसभा चुनाव में सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों विधानसभा क्षेत्रों से चुनाव लड़ा और दोनों जगह जीत दर्ज की। इसके बाद उन्होंने नंदीग्राम की सीट छोड़ दी, जिसके चलते यहां उपचुनाव की आवश्यकता हुई। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार छह अक्टूबर को मतदान और नौ अक्टूबर को मतगणना होगी।

नंदीग्राम में कई दलों के उम्मीदवार मैदान में

नंदीग्राम उपचुनाव में बीजेपी की ओर से हसिरानी रथ उम्मीदवार हैं। तृणमूल कांग्रेस के एक धड़े ने सांचीता प्रधान डे को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस ने मिलन प्रधान और सीपीआई ने शांतिगोपाल गिरी को मैदान में उतारा है। तृणमूल कांग्रेस के दूसरे धड़े ने मोहम्मद एहतासमूल हक को उम्मीदवार बनाया है। इस तरह सीट पर बहुकोणीय मुकाबले की स्थिति बनी हुई है।

रेजीनगर सीट पर भी छह अक्टूबर को उपचुनाव

नंदीग्राम के साथ मुर्शिदाबाद जिले की रेजीनगर विधानसभा सीट पर भी छह अक्टूबर को उपचुनाव होगा। यह सीट आम जनता उन्नयन पार्टी के नेता हुमायूं कबीर के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। कबीर ने 2026 में दो विधानसभा सीटों से जीत दर्ज की थी और बाद में रेजीनगर सीट छोड़ दी। दोनों उपचुनावों की मतगणना नौ अक्टूबर को होगी।

नंदीग्राम में पुराने राजनीतिक मुकाबलों की भी चर्चा

नंदीग्राम लंबे समय से पश्चिम बंगाल की राजनीति में महत्वपूर्ण विधानसभा क्षेत्रों में रहा है। 2021 के विधानसभा चुनाव में सुवेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी को नंदीग्राम से हराया था। 2026 के विधानसभा चुनाव में भी अधिकारी ने यह सीट जीती और बाद में भवानीपुर सीट अपने पास रखते हुए नंदीग्राम से इस्तीफा दिया। अब उपचुनाव में बीजेपी ने हसिरानी रथ को उम्मीदवार बनाकर मुकाबले को नया राजनीतिक संदर्भ दिया है।

नामांकन के बाद चुनावी गतिविधियां और तेज

नंदीग्राम उपचुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया 16 सितंबर तक चलेगी। इसके बाद 17 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच और 19 सितंबर को नाम वापसी की अंतिम तारीख निर्धारित है। छह अक्टूबर को मतदान के बाद नौ अक्टूबर को परिणाम घोषित किए जाएंगे। फिलहाल सभी प्रमुख दल अपने उम्मीदवारों और संगठन के जरिए मतदाताओं तक पहुंच बनाने में जुटे हैं।

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