Shahzad Bhatti Network : केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पाकिस्तान स्थित शहजाद भट्टी नेटवर्क (SBN) को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत आतंकवादी संगठन घोषित किया है। मंत्रालय ने बुधवार को इससे संबंधित गजट अधिसूचना जारी की। सरकार ने UAPA की धारा 35(1)(a) के तहत नेटवर्क को अधिनियम की पहली अनुसूची में शामिल किया है। यह कदम सुरक्षा एजेंसियों की ओर से नेटवर्क के खिलाफ पहले की गई कार्रवाई के बाद उठाया गया है।
नेटवर्क को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने जताई गंभीर चिंता
गृह मंत्रालय के अनुसार, शहजाद भट्टी नेटवर्क पाकिस्तान स्थित और ISI समर्थित आतंकी सिंडिकेट के रूप में चिन्हित किया गया है। सरकारी रिकॉर्ड में नेटवर्क को भारत में ग्रेनेड, IED और पेट्रोल बम हमलों तथा लक्षित हत्याओं से जोड़ा गया है। एजेंसियों के मुताबिक, नेटवर्क ने भारत में अपने संपर्कों के जरिए विभिन्न गतिविधियों के लिए स्थानीय सहयोगियों का इस्तेमाल किया।

हथियार और विस्फोटकों की सीमा-पार तस्करी का आरोप
गृह मंत्रालय के मुताबिक, SBN पर सीमा-पार हथियारों, विस्फोटकों और मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल होने के आरोप हैं। एजेंसियों ने नेटवर्क से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान IED, पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री की मार्किंग वाले ग्रेनेड, पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद करने की जानकारी दी है। जांच एजेंसियों के अनुसार, बरामद सामग्री नेटवर्क के कथित सीमा-पार संपर्कों की ओर संकेत करती है।
युवाओं को आतंकवादी गतिविधियों की ओर धकेलने का आरोप
सरकार के अनुसार, शहजाद भट्टी नेटवर्क पर युवाओं और छोटे अपराधों में शामिल लोगों को आतंकवादी गतिविधियों की ओर आकर्षित करने का आरोप है। सुरक्षा एजेंसियों ने यह भी दावा किया है कि नेटवर्क स्थानीय लोगों को पैसे देकर पुलिस, रक्षा प्रतिष्ठानों और धार्मिक स्थलों की रेकी करवाता था। इसके अलावा निगरानी और जासूसी के लिए CCTV कैमरे लगाए जाने की बात भी सरकारी जांच में सामने आई है।
डिजिटल माध्यम से नफरत फैलाने का भी आरोप
गृह मंत्रालय ने नेटवर्क पर डिजिटल माध्यमों के जरिए ऐसा कंटेंट प्रसारित करने का आरोप लगाया है, जिसे सरकार ने भारत के लोकतांत्रिक ढांचे और सांप्रदायिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने वाला बताया है। मंत्रालय के मुताबिक, नेटवर्क की गतिविधियों में युवाओं को प्रभावित करने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल का पहलू भी जांच का हिस्सा रहा है।

अगस्त में 14 राज्यों में हुई थी बड़ी कार्रवाई
इससे पहले 12 अगस्त 2026 को सुरक्षा एजेंसियों ने शहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ कई राज्यों में समन्वित अभियान चलाया था। गृह मंत्रालय के अनुसार, इस कार्रवाई में 14 राज्यों से 253 लोगों को हिरासत में लिया गया था। नेटवर्क के खिलाफ 80 से अधिक FIR दर्ज होने और 200 से ज्यादा गिरफ्तारियों की जानकारी भी सरकार ने दी थी।
उत्तर प्रदेश से सबसे ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अभियान के दौरान उत्तर प्रदेश से 62, हरियाणा से 52, दिल्ली से 51 और पंजाब से 44 लोगों को हिरासत में लिया गया। राजस्थान से 15, महाराष्ट्र से 8 और उत्तराखंड से 5 लोगों को पकड़ा गया। कर्नाटक, गुजरात और बिहार से तीन-तीन तथा तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और केरल से दो-दो लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी दी गई।
कई कानूनों के तहत दर्ज हुए मामले
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, SBN से जुड़े मामलों में UAPA के अलावा भारतीय न्याय संहिता (BNS), आर्म्स एक्ट, NDPS एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गई है। सरकारी आंकड़ों में नेटवर्क के खिलाफ 80 से अधिक FIR और 200 से ज्यादा गिरफ्तारियों का उल्लेख है। इन मामलों की जांच विभिन्न राज्य और केंद्रीय एजेंसियों के स्तर पर जारी है।

UAPA में संगठन को सूचीबद्ध करने का मतलब
UAPA की पहली अनुसूची में किसी संगठन को शामिल किए जाने के बाद उसके खिलाफ आतंकवाद निरोधी कानूनी प्रावधान लागू होते हैं। शहजाद भट्टी नेटवर्क को इस सूची में शामिल करने का फैसला केंद्र सरकार की ओर से जारी गजट अधिसूचना के माध्यम से औपचारिक रूप से लागू किया गया है। इससे नेटवर्क से जुड़े मामलों में सुरक्षा एजेंसियों को UAPA के तहत कार्रवाई का कानूनी आधार मिलता है।
कार्रवाई जारी रखने की बात कही
केंद्र सरकार ने कहा है कि सुरक्षा एजेंसियां शहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े नेटवर्क और गतिविधियों के खिलाफ समन्वित कार्रवाई जारी रखेंगी। अगस्त की कार्रवाई के बाद अब UAPA के तहत संगठन को आतंकवादी घोषित किया जाना इस मामले में केंद्र की ओर से उठाया गया एक और कानूनी कदम है।
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