EPF Limit Hike 2026 : EPF में बड़ा बदलाव, वेतन सीमा ₹25,000 हुई, 51 लाख कर्मचारियों को मिलेगा फायदा

EPF को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला किया है। कैबिनेट ने EPFO की वेतन सीमा ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 करने को मंजूरी दी है। सरकार का अनुमान है कि इससे 51 लाख से अधिक अतिरिक्त कर्मचारी अनिवार्य कवरेज में आएंगे। लेकिन आपके PF योगदान, पेंशन और हाथ में आने वाली सैलरी पर इसका क्या असर पड़ेगा?

EPF Limit Hike 2026

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

सितम्बर 16, 2026

EPF Limit Hike 2026 : केंद्र सरकार ने नौकरीपेशा कर्मचारियों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि यानी EPF से जुड़ा बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत अनिवार्य कवरेज की मासिक वेतन सीमा को 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये करने को मंजूरी दी है। सरकार के मुताबिक, इस बदलाव से 51 लाख से अधिक अतिरिक्त कर्मचारी सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आ सकते हैं।

17 सितंबर 2026 से लागू होगी नई EPF व्यवस्था

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए EPF वेतन सीमा बढ़ाने की घोषणा की। सरकार के अनुसार, संशोधित सीमा 17 सितंबर 2026 से प्रभावी होगी। इस बदलाव का उद्देश्य अधिक कर्मचारियों को औपचारिक सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था से जोड़ना और भविष्य निधि तथा पेंशन से जुड़े लाभों की पहुंच बढ़ाना है।

15 हजार से बढ़कर 25 हजार रुपये हुई सीमा

अब तक EPFO के तहत अनिवार्य कवरेज के लिए 15,000 रुपये प्रति माह की वैधानिक वेतन सीमा लागू थी। यह सीमा सितंबर 2014 में 6,500 रुपये से बढ़ाकर 15,000 रुपये की गई थी। अब करीब 12 साल बाद इसमें 10,000 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। नई सीमा लागू होने के बाद 15,000 से 25,000 रुपये तक की वेतन श्रेणी वाले पात्र कर्मचारियों को EPFO के दायरे में लाया जाएगा।

51 लाख से ज्यादा नए कर्मचारियों को मिलेगा कवरेज

सरकार के अनुमान के मुताबिक, इस फैसले से 51 लाख से अधिक अतिरिक्त कर्मचारी अनिवार्य EPFO कवरेज में शामिल हो सकते हैं। इससे ऐसे कर्मचारियों की संख्या बढ़ेगी, जिन्हें भविष्य निधि और उससे संबंधित सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था का लाभ मिलेगा। सरकार ने इस निर्णय को श्रमिकों के सामाजिक सुरक्षा कवरेज को व्यापक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।

PF के साथ पेंशन कवरेज पर भी पड़ेगा असर

EPFO के तहत कर्मचारी भविष्य निधि के साथ कर्मचारी पेंशन योजना यानी EPS भी संचालित होती है। सरकार के बजट दस्तावेजों में EPS से जुड़ी पात्रता और सरकारी योगदान के लिए वेतन सीमा का प्रावधान मौजूद है। इसलिए नई कवरेज सीमा बढ़ने से पात्र कर्मचारियों के लिए पेंशन से संबंधित सामाजिक सुरक्षा का दायरा भी विस्तृत हो सकता है।

सरकार खर्च करेगी 11,339 करोड़ रुपये

नई व्यवस्था को लागू करने के लिए केंद्र सरकार ने 11,339 करोड़ रुपये के अतिरिक्त वित्तीय प्रावधान की जानकारी दी है। यह राशि बढ़े हुए सामाजिक सुरक्षा कवरेज से जुड़े सरकारी दायित्वों को पूरा करने के लिए इस्तेमाल की जाएगी। सरकार का कहना है कि इस कदम से ज्यादा कर्मचारियों को औपचारिक सामाजिक सुरक्षा प्रणाली से जोड़ने में सहायता मिलेगी।

कर्मचारियों के वेतन और PF योगदान पर क्या होगा असर

वेतन सीमा बढ़ने के बाद कर्मचारियों के EPF योगदान में बदलाव उनके वास्तविक वेतन, लागू नियमों और कर्मचारी-नियोक्ता व्यवस्था पर निर्भर करेगा। केवल कवरेज सीमा 25,000 रुपये होने का अर्थ यह नहीं है कि प्रत्येक कर्मचारी का योगदान स्वतः 25,000 रुपये के आधार पर तय होगा। वास्तविक योगदान की गणना लागू EPFO नियमों के अनुसार होगी।

2014 में हुई थी पिछली बड़ी बढ़ोतरी

EPF की वैधानिक वेतन सीमा में इससे पहले सितंबर 2014 में बदलाव किया गया था। उस समय सीमा 6,500 रुपये से बढ़ाकर 15,000 रुपये प्रति माह की गई थी। इसके बाद लंबे समय तक यही सीमा लागू रही। अब सरकार ने इसे 25,000 रुपये करने का फैसला किया है, जिससे EPFO कवरेज का दायरा पहले की तुलना में विस्तृत होगा।

सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को विस्तार देने की कोशिश

केंद्र सरकार के अनुसार, EPFO की कवरेज सीमा बढ़ाने का उद्देश्य अधिक कर्मचारियों को संगठित सामाजिक सुरक्षा ढांचे से जोड़ना है। इसके जरिए भविष्य निधि और संबंधित पेंशन लाभों तक अधिक कर्मचारियों की पहुंच सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है। नई व्यवस्था से औपचारिक रोजगार से जुड़े सामाजिक सुरक्षा कवरेज को व्यापक बनाने पर भी जोर दिया जाएगा।

Read More  :  UP News: यूपी के 75 जिलों में पहुंचेगी ‘भारत टैक्सी’, गांवों तक मिलेगी कैब सेवा