State Election Commission : नवा रायपुर में 32वें राज्य निर्वाचन आयुक्त सम्मेलन का शुभारंभ, राज्यपाल ने ईयर बुक विमोचित

नवा रायपुर में 32वें राज्य निर्वाचन आयुक्त सम्मेलन का शुभारंभ हो गया है। सम्मेलन में स्थानीय निकाय चुनावों से जुड़े अहम मुद्दों, चुनावी प्रक्रिया, प्रशासनिक तैयारियों और संभावित सुधारों पर मंथन जारी है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि बैठक से स्थानीय चुनावों को लेकर कौन-से महत्वपूर्ण सुझाव और निष्कर्ष सामने आते हैं।

State Election Commission

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

सितम्बर 16, 2026

State Election Commission : रायपुर के नवा रायपुर अटल नगर में 32वें अखिल भारतीय राज्य निर्वाचन आयुक्त सम्मेलन का भव्य शुभारंभ हुआ। करीब 11 वर्षों के अंतराल के बाद छत्तीसगढ़ को इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी का अवसर मिला है। सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने किया। देश के विभिन्न राज्यों से राज्य निर्वाचन आयुक्त, वरिष्ठ अधिकारी और निर्वाचन विशेषज्ञ इसमें शामिल हुए।

राज्यपाल ने स्थानीय निकाय चुनाव ईयर बुक का किया विमोचन

उद्घाटन समारोह के दौरान राज्यपाल रमेन डेका ने ‘Chhattisgarh Local Body Election Year Book–2026’ के प्रथम संस्करण का विमोचन किया। यह पुस्तक छत्तीसगढ़ में स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों की प्रक्रिया, उपलब्धियों, नवाचारों तथा निर्वाचन व्यवस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों का दस्तावेज प्रस्तुत करती है। इसे राज्य में स्थानीय चुनाव प्रणाली को समझने के लिए उपयोगी प्रकाशन के तौर पर देखा जा रहा है।

पारदर्शी और तकनीक आधारित चुनाव प्रणाली पर जोर

राज्यपाल रमेन डेका ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए स्थानीय निकायों और त्रिस्तरीय पंचायतों के चुनावों को अधिक मजबूत, पारदर्शी, समावेशी और तकनीक-सक्षम बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने में स्थानीय स्वशासी संस्थाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में निर्वाचन प्रक्रिया में लगातार सुधार और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल आवश्यक है।

राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने साझा किए प्रयास

छत्तीसगढ़ के राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने सम्मेलन में देशभर से पहुंचे राज्य निर्वाचन आयुक्तों, वरिष्ठ अधिकारियों और निर्वाचन विशेषज्ञों का स्वागत किया। उन्होंने सम्मेलन के उद्देश्यों और स्थानीय निकाय चुनावों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने निर्वाचन प्रक्रिया में आधुनिक तकनीकों और नए तरीकों के इस्तेमाल से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा की।

मुख्य सचिव ने बेहतर समन्वय की आवश्यकता बताई

छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव विकास शील ने भी सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने स्थानीय स्वशासन को मजबूत करने और निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखे। साथ ही उन्होंने प्रशासनिक तंत्र और निर्वाचन संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय को जरूरी बताया, ताकि स्थानीय स्तर पर चुनावी व्यवस्था को अधिक सुचारू बनाया जा सके।

डिजिटल तकनीक और चुनावी नवाचारों पर चर्चा

सम्मेलन के दौरान स्थानीय निकाय एवं पंचायत चुनावों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर व्यापक विचार-विमर्श किया जा रहा है। डिजिटल पहलों, तकनीकी नवाचार, निर्वाचन प्रबंधन और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता जैसे विषय प्रमुख चर्चा का हिस्सा हैं। विभिन्न राज्यों के अनुभवों और उनके द्वारा अपनाए गए नवाचारों को साझा करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

दो दिवसीय सम्मेलन में राज्यों के अनुभव होंगे साझा

यह दो दिवसीय सम्मेलन स्थानीय लोकतंत्र को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में राज्यों के बीच अनुभव साझा करने का मंच प्रदान कर रहा है। सम्मेलन में स्थानीय चुनावों की चुनौतियों, तकनीकी बदलावों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर चर्चा के जरिए भविष्य की चुनावी प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने के उपायों पर विचार किया जा रहा है।

17 सितंबर को स्टैंडिंग कमिटी की बैठक होगी

सम्मेलन के दूसरे दिन 17 सितंबर को छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग के नवा रायपुर अटल नगर स्थित कार्यालय में स्टैंडिंग कमिटी की बैठक आयोजित होगी। इसके बाद नया रायपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी की ओर से कैपिटल सिटी, नवा रायपुर के निर्माण और विकास पर प्रस्तुतीकरण दिया जाएगा।

विधानसभा और संग्रहालयों का करेंगे भ्रमण

कार्यक्रम के अंत में सम्मेलन में शामिल अतिथियों को नवा रायपुर के प्रमुख स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। इसमें छत्तीसगढ़ विधानसभा, छत्तीसगढ़ आदिवासी संग्रहालय और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का दौरा भी शामिल है। इस दौरान अतिथियों को राज्य की संस्थागत व्यवस्था, विकास और सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराया जाएगा।

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