Sisir Adhikari Vision : बेटे के मुख्यमंत्री बनते ही भावुक हुए शिशिर अधिकारी, खोला तरक्की का बड़ा राज

पश्चिम बंगाल की राजनीति के दिग्गज शिशिर अधिकारी अपने बेटे के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही भावुक हो उठे। वर्षों के संघर्ष और राजनीतिक उथल-पुथल के बाद मिली इस सफलता पर उन्होंने पहली बार चुप्पी तोड़ी है। आखिर वह कौन सा गुप्त राज है जिसने शुभेंदु को इस मुकाम तक पहुँचाया? जानिए पूरी कहानी।

Sisir Adhikari vision

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मई 9, 2026

Sisir Adhikari Vision :  पश्चिम बंगाल के राजनीतिक इतिहास में एक बड़ा उलटफेर हुआ है। भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में पहली बार अपनी सरकार बनाकर सत्ता की बागडोर थाम ली है। इस नई सरकार का नेतृत्व कद्दावर नेता शुभेंदु अधिकारी कर रहे हैं। कोलकाता में आयोजित एक गरिमामयी शपथ ग्रहण समारोह में शुभेंदु अधिकारी के साथ उनके मंत्रिमंडल के पांच अन्य प्रमुख सहयोगियों ने भी मंत्री पद की शपथ ली। इस जीत को भाजपा के बंगाल मिशन की सबसे बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है। सरकार के गठन के बाद अब राज्य में प्रशासनिक सुधारों और विकास के नए एजेंडे पर काम शुरू होने की उम्मीद है, जिसका वादा भाजपा ने अपने चुनावी संकल्पों में किया था।

शिशिर अधिकारी की पहली प्रतिक्रिया: बेटे की सफलता पर जताया गर्व

जैसे ही शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, उनके पिता और अनुभवी राजनेता शिशिर अधिकारी की पहली प्रतिक्रिया सामने आई। एक पिता के रूप में गौरव का अनुभव करते हुए उन्होंने न केवल अपने बेटे को आशीर्वाद दिया, बल्कि राज्य के भविष्य को लेकर भी अपनी चिंताएं और अपेक्षाएं साझा कीं। न्यूज़ एजेंसी पीटीआई से विशेष बातचीत में उन्होंने बंगाल की समृद्धि की कामना की। शिशिर अधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि सत्ता का परिवर्तन केवल चेहरों का बदलाव नहीं होना चाहिए, बल्कि यह बंगाल के आम जनमानस के जीवन में सुधार लाने का एक सुनहरा अवसर होना चाहिए।

समृद्ध बंगाल का रोडमैप: कृषि, शिक्षा और उद्योगों पर विशेष जोर

शिशिर अधिकारी ने बातचीत के दौरान बंगाल के विकास का एक विस्तृत विजन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि बंगाल की आत्मा गांवों में बसती है, इसलिए ‘कृषि परिवारों का फलना-फूलना’ सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने एक बेहतर शिक्षा व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि राज्य की युवा पीढ़ी वैश्विक प्रतिस्पर्धा में खड़ी हो सके। इसके अलावा, उन्होंने उपयुक्त स्थानों पर उद्योगों की स्थापना की वकालत की, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हो सकें। उनका मानना है कि जब बंगाल का युवा अपने ही राज्य में रोजगार पाएगा, तभी राज्य सही मायने में समृद्ध होगा।

भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार: ममता और अभिषेक बनर्जी पर साधा निशाना

अपने संबोधन के दौरान शिशिर अधिकारी का रुख पूर्ववर्ती ममता सरकार के प्रति बेहद आक्रामक रहा। ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी पर सीधा हमला करते हुए उन्होंने कहा कि राजनीति में ‘चोरों और बेईमानों’ के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए। उन्होंने भ्रष्टाचार को बंगाल की प्रगति में सबसे बड़ी बाधा बताया और कहा कि अनैतिक लोगों ने राज्य की छवि को धूमिल किया है। शिशिर अधिकारी के अनुसार, राजनीति सेवा का माध्यम है और इसमें केवल उन्हीं लोगों को होना चाहिए जो ईमानदारी के साथ राज्य की पवित्र मिट्टी का सम्मान करते हों। उन्होंने भ्रष्टाचार मुक्त शासन को ही नई सरकार की पहली सफलता का पैमाना बताया।

संसाधनों से भरपूर बंगाल: संभावनाओं और संसाधनों का संगम

शिशिर अधिकारी ने बंगाल की भौगोलिक और प्राकृतिक संपन्नता का जिक्र करते हुए कहा कि इस राज्य के पास वह सब कुछ है जो एक विकसित राष्ट्र के पास होना चाहिए। उन्होंने बताया कि बंगाल के पास नदियां, विशाल समुद्र, घने जंगल और ऊंचे पहाड़ जैसे प्राकृतिक संसाधन प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। इसके साथ ही, उन्होंने बंगाल की ‘मानव पूंजी’ की प्रशंसा करते हुए कहा कि यहाँ विद्वानों और शिक्षित लोगों की कमी नहीं है। उनके अनुसार, यदि सही नेतृत्व और ईमानदार नीतियां अपनाई जाएं, तो बंगाल को दुनिया के नक्शे पर एक औद्योगिक और सांस्कृतिक महाशक्ति के रूप में पुनः स्थापित किया जा सकता है। उन्होंने अंत में कहा कि बंगाल की पवित्र मिट्टी के सुधार के लिए अब गंभीर प्रयासों की आवश्यकता है।