Commonwealth Games 2026: रूस क्या कर रहा है ईरान की मदद? जेलेंस्की के दावे पर ट्रंप ने दिया बड़ा बयान

रूस और ईरान के बीच कथित सैन्य सहयोग को लेकर यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के दावे ने नई बहस छेड़ दी है। ट्रंप ने इस मामले पर बड़ा बयान देते हुए पुतिन से बातचीत की बात कही। आखिर क्या है पूरा मामला और क्यों बढ़ी वैश्विक चिंता, पढ़ें पूरी खबर।

रूस क्या कर रहा है ईरान की मदद?

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

जुलाई 28, 2026

Commonwealth Games 2026: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की द्वारा रूस पर लगाए गए गंभीर आरोपों पर पहली बार प्रतिक्रिया दी है। जेलेंस्की ने दावा किया था कि रूस, ईरान को अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के खिलाफ सैन्य गतिविधियों में सहायता पहुंचा रहा है। इस पर ट्रंप ने कहा कि वह इस पूरे मामले की सच्चाई जानने के लिए सीधे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बातचीत करेंगे।

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जेलेंस्की ने रूस पर लगाए गंभीर आरोप

यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने हाल ही में आरोप लगाया कि रूस, ईरान को उपग्रहों के जरिए जुटाई गई खुफिया जानकारी उपलब्ध करा रहा है। उनके मुताबिक यह जानकारी अमेरिकी सैन्य ठिकानों और खाड़ी देशों के महत्वपूर्ण रणनीतिक स्थानों से जुड़ी है। जेलेंस्की ने यह भी दावा किया कि रूस अपनी सैन्य क्षमता बढ़ाने के लिए करीब 30,000 उत्तर कोरियाई सैनिकों को अपने साथ जोड़ने की तैयारी कर रहा है।

उन्होंने कहा कि यूक्रेन की खुफिया एजेंसियों ने जुलाई की शुरुआत से खाड़ी क्षेत्र और वहां मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर रूसी उपग्रहों की गतिविधियां दर्ज की हैं। उनका आरोप है कि इन निगरानी तस्वीरों को बाद में ईरान तक पहुंचाया जाता है।

ट्रंप बोले- पहले तथ्यों की होगी पुष्टि

एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि फिलहाल इन दावों की पुष्टि करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसी कोई जानकारी सामने आई है तो वह इस बारे में सीधे व्लादिमीर पुतिन से बात करेंगे और सच्चाई जानने की कोशिश करेंगे।

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने हालिया संघर्ष में ईरान को काफी कमजोर कर दिया है। उनके अनुसार यदि रूस किसी तरह की सहायता भी दे रहा है तो उसका कोई खास प्रभाव दिखाई नहीं दे रहा, क्योंकि ईरान की सैन्य क्षमता पहले की तुलना में काफी कमजोर हो चुकी है।

ईरान की सैन्य ताकत पर ट्रंप की टिप्पणी

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि मौजूदा स्थिति में ईरान के पास मजबूत सेना, प्रभावी वायुसेना या नौसेना जैसी क्षमताएं नहीं बची हैं। उनका मानना है कि यदि रूस किसी प्रकार का समर्थन भी दे रहा है तो उससे युद्ध की दिशा में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है। उन्होंने यह भी कहा कि अभी तक ऐसा कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं आया है जिससे यह साबित हो सके कि रूस उच्च स्तर पर ईरान की प्रत्यक्ष मदद कर रहा है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।

वेनेजुएला का उदाहरण देकर समझाया अपना पक्ष

ट्रंप ने अपने बयान में वेनेजुएला का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि रूस ने पहले वेनेजुएला को बड़ी मात्रा में सैन्य उपकरण उपलब्ध कराए थे, लेकिन उससे वहां कोई बड़ा रणनीतिक बदलाव देखने को नहीं मिला। उनके अनुसार केवल हथियार या तकनीकी सहयोग मिलने से किसी देश की स्थिति स्वतः मजबूत नहीं हो जाती।

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रूसी उपग्रह गतिविधियों का भी किया गया दावा

जेलेंस्की ने यह भी कहा कि 19 और 20 जुलाई के दौरान रूसी उपग्रहों ने खाड़ी क्षेत्र के चार प्रमुख हवाई अड्डों की विशेष निगरानी की। इनमें दो हवाई अड्डे बहरीन, एक जॉर्डन और एक कुवैत में स्थित बताए गए हैं। यूक्रेन का आरोप है कि इस प्रकार एकत्र की गई खुफिया जानकारी बाद में ईरान को भेजी जाती है। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि उनकी सरकार इस मामले से जुड़ी सभी सूचनाएं अपने अंतरराष्ट्रीय सहयोगी देशों के साथ साझा करेगी ताकि संभावित सुरक्षा खतरों का समय रहते आकलन किया जा सके।