MP Bus Service : 25 सितंबर से बदल जाएगा एमपी का सफर, 1036 रूट पर शुरू होगी बस सेवा

मध्यप्रदेश में 25 सितंबर से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा शुरू होने जा रही है। 1036 रूट तय किए गए हैं, जिससे सरकारी यात्री बस व्यवस्था को फिर मजबूत करने की तैयारी है। नई सेवा किन क्षेत्रों को जोड़ेगी, यात्रियों को कितना फायदा मिलेगा और सरकार की योजना क्या है? जानिए पूरी जानकारी।

MP Bus Service

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

सितम्बर 15, 2026

MP Bus Service : मध्यप्रदेश में लंबे समय से कमजोर पड़ी सरकारी यात्री बस व्यवस्था को नए सिरे से व्यवस्थित करने की तैयारी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में आयोजित यात्री समिट के दौरान मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा शुरू करने की घोषणा की थी। 15 सितंबर को हुई कैबिनेट बैठक में भी इस योजना की शुरुआत को लेकर जानकारी दी गई। प्रस्तावित सेवा 25 सितंबर से प्रदेश में शुरू होने जा रही है।

प्रदेश के 55 जिलों में 1,036 बस रूट चिन्हित

नई परिवहन व्यवस्था के लिए प्रदेश के सभी 55 जिलों में कुल 1,036 बस रूट चिन्हित किए गए हैं। इनमें यात्रियों की अलग-अलग जरूरतों के अनुसार सिटी, इंटरसिटी और इंटरस्टेट रूट शामिल किए गए हैं। प्रस्तावित नेटवर्क में 150 सिटी बस रूट, 450 इंटरसिटी रूट और 436 इंटरस्टेट रूट शामिल हैं। इंदौर को अन्य प्रमुख शहरों से जोड़ने के लिए अकेले 23 मार्ग निर्धारित किए गए हैं।

सरकारी निगरानी में निजी ऑपरेटर चलाएंगे बसें

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के संचालन की जिम्मेदारी मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के माध्यम से निभाई जाएगी। इस संस्था का गठन 3 जुलाई 2025 को किया गया था। योजना के तहत बसों का संचालन और प्रबंधन निजी ऑपरेटरों के हाथ में रहेगा, जबकि पूरे परिवहन नेटवर्क की निगरानी सरकार करेगी। इस व्यवस्था के जरिए PPP मॉडल को बढ़ावा दिया जाएगा।

यात्रियों की मांग के आधार पर तय होंगे रूट और समय

परिवहन विभाग के प्रबंध निदेशक के अनुसार बसों के रूट और समय-सारणी यात्रियों की मांग को ध्यान में रखकर तैयार की जाएगी। निजी ऑपरेटरों की जिम्मेदारी होगी कि निर्धारित मार्गों पर तय समय के अनुसार बसों की उपलब्धता सुनिश्चित करें। सरकार का लक्ष्य ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जिसमें यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी के साथ समय पर सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिल सके।

इलेक्ट्रिक बसों को मिलेगा प्राथमिकता, ग्रीन मोबिलिटी पर जोर

नई परिवहन सेवा में पर्यावरण-अनुकूल इलेक्ट्रिक बसों को प्राथमिकता देने की योजना है। इससे सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने के साथ-साथ प्रदूषण कम करने और ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने पर जोर रहेगा। सरकार आधुनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करते हुए भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बस नेटवर्क तैयार करना चाहती है।

GPS और ITMS से बसों की होगी रियल-टाइम निगरानी

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा में आधुनिक तकनीक का बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया जाएगा। इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम यानी ITMS और GPS के माध्यम से बसों की लोकेशन, गति और ड्राइवर के व्यवहार की रियल-टाइम निगरानी की जाएगी। इससे बस संचालन में पारदर्शिता बढ़ाने और यात्रियों को बेहतर सेवा उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।

महिलाओं की सुरक्षा के लिए CCTV और पैनिक बटन जरूरी

यात्रियों की सुरक्षा को नई परिवहन व्यवस्था में विशेष महत्व दिया गया है। खासतौर पर महिला यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बसों में CCTV कैमरे और पैनिक बटन अनिवार्य किए जाएंगे। इन सुविधाओं के जरिए किसी आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाने और बसों के अंदर होने वाली गतिविधियों पर निगरानी रखने की व्यवस्था की जाएगी।

आधुनिक बस टर्मिनल और डिपो भी होंगे विकसित

नई योजना में केवल बस संचालन ही नहीं, बल्कि परिवहन से जुड़े बुनियादी ढांचे को भी आधुनिक बनाने पर जोर दिया गया है। प्रदेश में आधुनिक बस टर्मिनल, डिपो और बस स्टॉप विकसित किए जाएंगे। इनके निर्माण और विकास में भी सार्वजनिक-निजी भागीदारी यानी PPP मॉडल का इस्तेमाल करने की योजना है। डिपो में यात्रियों के साथ बस चालकों और ऑपरेटरों की सुविधाओं का भी ध्यान रखा जाएगा।

2005 के बाद कमजोर हुई बस व्यवस्था को मिलेगा नया स्वरूप

मध्यप्रदेश में वर्ष 2005 के बाद सरकारी बस परिवहन व्यवस्था कमजोर होने के कारण यात्रियों की निर्भरता निजी ऑपरेटरों पर बढ़ती गई। अब सरकार डेटा आधारित योजना, आधुनिक तकनीक और PPP मॉडल के जरिए सार्वजनिक यात्री परिवहन को फिर से व्यवस्थित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। 25 सितंबर से सेवा शुरू होने के बाद यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी, समय पर बसों की उपलब्धता और आधुनिक सुरक्षा सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।

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