Madhya Pradesh news: रतलाम जिले के पिपलौदा थाना क्षेत्र के ग्राम हतनारा में मुहर्रम के अवसर पर एक दिल दहला देने वाली दुर्घटना सामने आई है। गुरुवार को ताजिया जुलूस के दौरान बड़ा हादसा हो गया, जब लगभग 10 फीट ऊंचा ताजिया 11 केवी की हाईटेंशन विद्युत लाइन के संपर्क में आ गया। बिजली की लाइन से छूते ही ताजिये में तेज करंट दौड़ गया, जिससे वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में 3 लोगों की जान चली गई, जबकि करीब 20 अन्य लोग करंट की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गए हैं।
घायलों की अस्पताल में आपाधापी और उपचार
बताते चले कि, घटना के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों ने अदम्य साहस दिखाते हुए झुलसे हुए लोगों को अस्पताल पहुंचाया। गंभीर रूप से घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर चिकित्सा के लिए रतलाम मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। अस्पताल में चीख-पुकार का माहौल रहा। मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि दो अन्य गंभीर घायलों की निजी अस्पताल में मृत्यु की सूचना है, हालांकि प्रशासन ने अभी आधिकारिक रूप से मौतों की अंतिम संख्या की पुष्टि नहीं की है।
प्रशासन और पुलिस की सक्रियता
हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस बल और बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत हतनारा गांव पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना किया और स्थिति का जायजा लिया। घटना के बाद गांव में तनाव और शोक की लहर व्याप्त है। ग्रामीण बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच रहे हैं। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही को रोका जा सके।
200 लोगों की अकीदत और हाईटेंशन लाइन का खतरा
हादसा उस समय हुआ जब लगभग 200 लोगों का जत्था पूरे उत्साह और अकीदत के साथ ताजिया जुलूस निकाल रहा था। मंदिर के समीप से गुजरते वक्त ताजिये का ऊपरी हिस्सा करीब 20 फीट की ऊंचाई पर चल रही हाईटेंशन लाइन से छू गया। करंट लगने से जो लोग ताजिये को कंधा दे रहे थे, वे सीधे इसकी चपेट में आ गए। जुलूस में शामिल लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही खुशियों का माहौल गम और चीख-पुकार में बदल गया।
मृतकों की अधिकारिक पुष्टि का इंतजार
वर्तमान में घायलों का उपचार जारी है। स्थानीय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मृतकों और घायलों की संख्या को लेकर अभी सटीक जानकारी जुटाई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की ओर से अंतिम आधिकारिक पुष्टि होने के बाद ही मौतों के सही आंकड़ों का पता चल पाएगा। इस त्रासद घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है और सुरक्षा मानकों को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिन पर आने वाले समय में जवाबदेही तय की जाएगी।








