MP News: पीएम मोदी के जन्मदिन पर मध्यप्रदेश में 58 लाख दीप जलेंगे, सेवा संकल्प अभियान शुरू

मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को खास बनाने की तैयारी है। सेवा संकल्प अभियान के तहत 58 लाख दीप जलाने का लक्ष्य रखा गया है। 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले अभियान में जनसेवा और जनभागीदारी पर जोर रहेगा। आखिर इस आयोजन के पीछे सरकार का क्या बड़ा संदेश है?

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Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

सितम्बर 13, 2026

MP News:  भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर के अवसर पर मध्यप्रदेश में विशेष आयोजन की घोषणा की है। इसके तहत उज्जैन के महाकाल महालोक समेत प्रदेशभर में 58 लाख आशीर्वाद के दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री के मुताबिक, यह आयोजन प्रधानमंत्री मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा यात्रा के प्रति प्रदेशवासियों की ओर से आभार और सम्मान का प्रतीक होगा। इसी अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ भी चलाया जाएगा।

25 वर्षों की सेवा यात्रा को दीप प्रज्ज्वलन से मिलेगा सम्मान

मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सार्वजनिक सेवा यात्रा 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री बनने के साथ शुरू हुई थी। उनके अनुसार, 25 वर्षों की यह यात्रा सार्वजनिक जीवन में सेवा और सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता का उदाहरण है। मध्यप्रदेश में 58 लाख दीप जलाने का कार्यक्रम इसी लंबी सेवा यात्रा के प्रति सम्मान व्यक्त करने का माध्यम है। अभियान के जरिए सेवा को सामाजिक और राजनीतिक संस्कार के रूप में आगे बढ़ाने का संकल्प लिया जाएगा।

गरीब कल्याण को शासन की प्राथमिकता बनाने का दावा

सीएम यादव ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की गरीब कल्याण योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मुफ्त राशन, आवास, शौचालय, स्वास्थ्य सुविधाओं और सामाजिक सुरक्षा जैसी योजनाओं से बड़ी संख्या में लोगों को लाभ मिला है। उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में मोदी के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कृषि, उद्योग, निवेश और शासन में परिणाम आधारित कार्यशैली को भी रेखांकित किया।

अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और युवाओं से जुड़ी योजनाओं का जिक्र

मुख्यमंत्री ने भारत की आर्थिक और सामरिक स्थिति को लेकर भी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने स्टार्टअप इंडिया, स्किल डेवलपमेंट, मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, खेलो इंडिया और फिट इंडिया जैसे अभियानों का उल्लेख किया। इसके साथ ही आतंकवाद और नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई को भी उन्होंने सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताया।

स्वच्छ भारत से आयुष्मान भारत तक योजनाओं पर जोर

डॉ. यादव ने स्वच्छ भारत अभियान, प्रधानमंत्री आवास योजना और जल जीवन मिशन को जनभागीदारी तथा बुनियादी सुविधाओं से जोड़कर देखा। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, आयुष्मान भारत और प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का भी उल्लेख किया। महिला सशक्तिकरण के लिए बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, लखपति दीदी और नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसी पहलों को भी उन्होंने महत्वपूर्ण बताया।

युवाओं और महिलाओं के लिए सरकार की योजनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ की भावना के साथ काम किया जा रहा है। उनके अनुसार, प्रदेश में 85 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां दी गई हैं। सरकार का लक्ष्य भविष्य में हर वर्ष एक लाख से अधिक युवाओं को सार्वजनिक क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।

लाड़ली बहना और किसान कल्याण पर सरकार का फोकस

डॉ. यादव ने लाड़ली बहना योजना को महिलाओं के आर्थिक आत्मविश्वास और परिवार में उनकी निर्णय लेने की भूमिका से जोड़ा। उन्होंने किसान कल्याण वर्ष के तहत किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि कृषि भूमि के भू-अर्जन पर बाजार दर का चार गुना मुआवजा देने का निर्णय लिया गया है। सिंचाई क्षमता बढ़ाने पर भी सरकार लगातार काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने निवेश के क्षेत्र में मध्यप्रदेश की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश को करीब 34 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से लगभग 15 लाख करोड़ रुपये के प्रस्तावों को धरातल पर उतारा जा चुका है। सरकार का कहना है कि निवेश बढ़ने से औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसरों को गति मिलेगी।

सिंचाई और कनेक्टिविटी परियोजनाओं पर जोर

केन-बेतवा लिंक परियोजना और पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना को मुख्यमंत्री ने सिंचाई विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। इसके अलावा रीवा, दतिया और सतना एयरपोर्ट के लोकार्पण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी का विस्तार हुआ है और अब राज्य में एयरपोर्ट की संख्या आठ हो गई है।मध्यप्रदेश में इंदौर-उज्जैन-देवास-धार और भोपाल-सीहोर-रायसेन-विदिशा-ब्यावरा क्षेत्रों को मेट्रोपॉलिटिन क्षेत्र के रूप में विकसित करने की दिशा में काम चल रहा है। इसके साथ ही राज्य ने वर्ष 2030 तक अपनी ऊर्जा खपत का 50 प्रतिशत हिस्सा नवीकरणीय स्रोतों से पूरा करने का लक्ष्य रखा है।

धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को विकसित करने की योजना

मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकाल महालोक, ओंकारेश्वर, ओरछा, चित्रकूट, अमरकंटक, सांची और खजुराहो जैसे स्थलों को देश की सभ्यता और संस्कृति के प्रमुख केंद्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है। सरकार इन स्थानों की धार्मिक, ऐतिहासिक और पर्यटन क्षमता को बढ़ाने पर जोर दे रही है।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सेवा यात्रा से प्रेरणा लेकर मध्यप्रदेश सरकार विकसित भारत के साथ विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के जरिए सरकार अपनी योजनाओं और उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने के साथ सेवा और सुशासन की भावना को मजबूत करने का प्रयास करेगी।

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