Maharashtra News : मुंबई में अमित शाह और एकनाथ शिंदे की मुलाकात, एशियाटिक कार्यक्रम में साथ पहुंचे दोनों नेता

मुंबई दौरे पर पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे एशियाटिक सोसाइटी के कार्यक्रम में साथ नजर आए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी भी रही। शाह की ऐतिहासिक संस्था की यात्रा और शिंदे की मौजूदगी ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दिया है। आखिर इसके पीछे क्या संदेश है?

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

सितम्बर 13, 2026

Maharashtra News : मुंबई में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बीच अहम मुलाकात हुई। शाह के मुंबई दौरे के दौरान दोनों नेताओं ने सह्याद्रि गेस्ट हाउस में करीब आधे घंटे तक बातचीत की। इस मुलाकात की तस्वीर भी सामने आई है, जिसके बाद महाराष्ट्र की राजनीति में इसके संभावित सियासी मायनों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। बैठक के बाद दोनों नेता एक ही कार से एशियाटिक सोसाइटी में आयोजित कार्यक्रम के लिए पहुंचे।

एशियाटिक सोसाइटी पहुंचे शाह और शिंदे

अमित शाह को एशियाटिक सोसाइटी में एक विशेष कार्यक्रम में शामिल होना था। कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सीधे पहुंचे, जबकि शाह और एकनाथ शिंदे साथ में वहां पहुंचे। दोनों नेताओं की बैठक और इसके बाद एक साथ कार्यक्रम में पहुंचने को महाराष्ट्र के मौजूदा राजनीतिक माहौल के बीच महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है।

भारतीय ज्ञान परंपरा पर अमित शाह ने दिया जोर

एशियाटिक सोसाइटी के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने भारतीय ज्ञान परंपरा के महत्व पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि वह यहां गृहमंत्री के तौर पर नहीं, बल्कि भारत की हजारों वर्षों से चली आ रही ज्ञान परंपरा के प्रति श्रद्धा और सम्मान के साथ पहुंचे हैं। शाह ने उम्मीद जताई कि एशियाटिक सोसाइटी आने वाले समय में भारतीय ज्ञान परंपरा की वाहक बनकर इसे देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

ज्ञान की रक्षा को बताया राष्ट्र की मजबूती का आधार

अमित शाह ने कहा कि जो राष्ट्र अपनी ज्ञान परंपरा की रक्षा नहीं कर सकता, उसके लिए लंबे समय तक अस्तित्व बनाए रखना मुश्किल होता है। उन्होंने भारत का उदाहरण देते हुए कहा कि देश लंबे समय तक विदेशी शासन के अधीन रहा, लेकिन उसकी ज्ञान परंपरा को समाप्त नहीं किया जा सका। उनके अनुसार, किसी राष्ट्र की वास्तविक ताकत केवल भौतिक संसाधनों में नहीं, बल्कि उसकी बौद्धिक और सांस्कृतिक विरासत में भी निहित होती है।

नालंदा का उदाहरण देकर कही बड़ी बात

गृहमंत्री ने अपने संबोधन में प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि किसी विश्वविद्यालय की इमारत को नष्ट किया जा सकता है, लेकिन लोगों के मन में मौजूद ज्ञान को खत्म करना संभव नहीं है। शाह के मुताबिक, भारत की सभ्यता और ज्ञान परंपरा ने अनेक कठिन दौर देखे हैं, फिर भी इसकी मूल चेतना लगातार आगे बढ़ती रही है।

तीन दिवसीय मुंबई दौरे पर हैं अमित शाह

अमित शाह तीन दिवसीय मुंबई दौरे पर पहुंचे हैं। इस दौरान उनका कार्यक्रम कई महत्वपूर्ण आयोजनों में भाग लेने का है। एशियाटिक सोसाइटी के कार्यक्रम के अलावा वह हिंदी भाषा और राजभाषा से जुड़े छठे अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन में भी शामिल होंगे। उनके दौरे को संगठनात्मक और सांस्कृतिक, दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पांडुलिपियों की विशेष प्रदर्शनी का करेंगे उद्घाटन

शाह एशियाटिक सोसाइटी में ‘श्री गणेश ध्यानारती’ नामक पांडुलिपियों की विशेष प्रदर्शनी का उद्घाटन भी करेंगे। इसके अलावा वह संस्थान की लाइब्रेरी का दौरा करेंगे। गृहमंत्री पांडुलिपि संरक्षण प्रयोगशाला के कामकाज का निरीक्षण भी करेंगे और वहां मौजूद लोगों को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम में भारतीय साहित्य, इतिहास और ज्ञान परंपरा से जुड़े पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

हिंदी राजभाषा सम्मेलन में भी लेंगे हिस्सा

मुंबई दौरे के अगले चरण में अमित शाह सोमवार को नवी मुंबई के वाशी स्थित सिडको प्रदर्शनी केंद्र पहुंचेंगे। यहां हिंदी पर केंद्रित छठे अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। सम्मेलन में हिंदी के प्रचार-प्रसार, राजभाषा के इस्तेमाल और सरकारी कामकाज में भारतीय भाषाओं की भूमिका से जुड़े विषयों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

बांद्रा में पुरस्कार समारोह में होंगे शामिल

गृहमंत्री अमित शाह अपने दौरे के दौरान बांद्रा में रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद के पुरस्कार समारोह में भी हिस्सा लेंगे। इस कार्यक्रम में रत्न एवं आभूषण उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों और कारोबारियों की मौजूदगी रहेगी। मुंबई के आर्थिक और कारोबारी महत्व को देखते हुए इस कार्यक्रम को भी उनके दौरे का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।

लालबागचा राजा के दर्शन का भी कार्यक्रम

अमित शाह मुंबई प्रवास के दौरान प्रसिद्ध लालबागचा राजा के दर्शन के लिए भी जाएंगे। धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़े इस कार्यक्रम को उनके मुंबई दौरे में विशेष स्थान दिया गया है। इस तरह गृहमंत्री का तीन दिवसीय दौरा राजनीतिक बैठकों के साथ-साथ सांस्कृतिक, भाषाई और धार्मिक कार्यक्रमों से भी जुड़ा हुआ है।

शाह-शिंदे मुलाकात के राजनीतिक मायने पर नजर

अमित शाह और एकनाथ शिंदे की सह्याद्रि गेस्ट हाउस में करीब 30 मिनट की मुलाकात ने महाराष्ट्र की राजनीति में स्वाभाविक रूप से चर्चा पैदा कर दी है। हालांकि, बैठक में किन मुद्दों पर बातचीत हुई, इसकी विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। दोनों नेताओं का इसके बाद एक साथ एशियाटिक सोसाइटी पहुंचना इस मुलाकात को और चर्चा में ले आया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के भी कार्यक्रम में शामिल होने से राज्य के शीर्ष भाजपा-शिवसेना नेतृत्व की मौजूदगी एक साथ दिखाई दी।

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