India UAE Investment : BRICS Summit में मोदी से मिले UAE क्राउन प्रिंस, निवेश को लेकर सामने आया बड़ा अपडेट

BRICS Summit 2026 के दौरान नई दिल्ली में PM मोदी और UAE के अबू धाबी क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद की अहम मुलाकात हुई। दोनों नेताओं ने निवेश और रणनीतिक सहयोग पर चर्चा की। UAE के नए sovereign fund L'Imad और ओडिशा के बड़े निवेश प्रोजेक्ट ने इस बैठक को और महत्वपूर्ण बना दिया।

India UAE Investment

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

सितम्बर 13, 2026

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India UAE Investment : नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद के बीच शनिवार को महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई। इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा की। साथ ही अमीराती संस्थाओं की ओर से भारत में निवेश बढ़ाने के संभावित तरीकों और नए अवसरों पर भी चर्चा की गई। बैठक ऐसे समय हुई है, जब पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव लगातार बना हुआ है।

यूएई का प्रतिनिधित्व करने भारत पहुंचे थे क्राउन प्रिंस

क्राउन प्रिंस खालिद बिन मोहम्मद, यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद के उत्तराधिकारी हैं। राष्ट्रपति के जर्मनी दौरे पर होने के कारण क्राउन प्रिंस ने नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन में यूएई का प्रतिनिधित्व किया। सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद वह शनिवार को ही यूएई लौट गए। उनकी भारत यात्रा को दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय राजनीतिक संपर्क के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पश्चिम एशिया के तनाव के बीच हुई भारत-यूएई वार्ता

भारत और यूएई के बीच यह बैठक पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच हुई। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव तथा क्षेत्रीय अस्थिरता ने ऊर्जा सुरक्षा और व्यापारिक गतिविधियों को लेकर चिंताएं बढ़ाई हैं। ऐसे माहौल में भारत के लिए यूएई एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार है। दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों का असर व्यापार, निवेश, ऊर्जा, रक्षा और भारतीय प्रवासियों से जुड़े मुद्दों पर भी दिखाई देता है।

पीएम ने सोशल मीडिया पर साझा की जानकारी

बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से बातचीत की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों ने रक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अंतरिक्ष, महत्वपूर्ण खनिज, ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा और कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर चर्चा की। पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंधों को नए क्षेत्रों में विस्तार देने की काफी संभावनाएं मौजूद हैं।

ऊर्जा और IMEC में निवेश की संभावनाओं पर जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने रणनीतिक ऊर्जा बुनियादी ढांचे और इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप कॉरिडोर यानी IMEC से जुड़ी संभावनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में निवेश और सहयोग के नए रास्ते तलाशे जा सकते हैं। IMEC भारत, पश्चिम एशिया और यूरोप के बीच कनेक्टिविटी मजबूत करने की महत्वाकांक्षी पहल है, जिसे व्यापार और लॉजिस्टिक्स के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

भारत-यूएई संबंधों को बताया स्थिरता का प्रतीक

पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी अनिश्चितता के बीच भारत और यूएई के रिश्तों को स्थिरता, समृद्धि और शांति का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है। अब दोनों पक्ष आने वाले वर्षों के लिए और महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय कर रहे हैं।

यूएई के नए सॉवरेन फंड की भूमिका पर चर्चा

विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय साझेदारी को और मजबूत करने में यूएई के नए सॉवरेन निवेश फंड L’Imad की भूमिका को स्वीकार किया। दोनों देशों के बीच निवेश सहयोग को बढ़ाने की दिशा में ऐसे संस्थागत माध्यमों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में भारत में अमीराती निवेश के विस्तार की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।

ओडिशा के एल्युमीनियम प्रोजेक्ट में 11.5 अरब डॉलर निवेश

विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों नेताओं ने ओडिशा में प्रस्तावित एकीकृत ग्रीनफील्ड एल्युमीनियम परियोजना में यूएई की इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी के 11.5 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा का संज्ञान लिया। यह परियोजना भारत और यूएई के बीच बढ़ते आर्थिक सहयोग का एक बड़ा उदाहरण मानी जा रही है। इससे ओडिशा को वैश्विक एल्युमीनियम विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने की उम्मीद जताई गई है।

IHC और अडानी एंटरप्राइजेज बनाएंगे संयुक्त उपक्रम

इस परियोजना के लिए इंटरनेशनल रिसोर्सेज होल्डिंग और अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने ओडिशा सरकार के साथ जुलाई में शुरुआती समझौता किया था। प्रस्तावित संयुक्त उपक्रम में दोनों कंपनियों की 50-50 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। परियोजना के जरिए एल्युमीनियम उत्पादन और उससे जुड़े औद्योगिक बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है।

रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा में सहयोग पर बातचीत

बैठक में दोनों नेताओं ने रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, तकनीक और नवाचार जैसे रणनीतिक तथा उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर भी विचार किया। दोनों देश पहले से ही कई क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ा रहे हैं और नई तकनीकों तथा रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग को भविष्य की द्विपक्षीय साझेदारी का महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है।

भारतीय समुदाय की सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति भी अहम मुद्दा

पश्चिम एशिया में संघर्ष और तनाव के बीच भारत के लिए ऊर्जा आपूर्ति की निरंतरता महत्वपूर्ण प्राथमिकता बनी हुई है। इसके साथ ही यूएई में रहने वाले 40 लाख से अधिक भारतीयों की सुरक्षा और कल्याण भी दोनों देशों के संबंधों का अहम हिस्सा है। इसी व्यापक संदर्भ में भारत और यूएई के शीर्ष नेतृत्व के बीच लगातार संपर्क बना हुआ है।

हाल के वर्षों में बढ़ी दोनों देशों की उच्चस्तरीय मुलाकातें

यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद ने जनवरी में भारत का दौरा किया था। इसके बाद मई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूएई की यात्रा की। इन उच्चस्तरीय यात्राओं ने दोनों देशों के रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को और गति दी है। ब्रिक्स की भारत की अध्यक्षता के दौरान यूएई की सक्रिय भागीदारी की भी प्रधानमंत्री मोदी ने सराहना की।

नई दिल्ली में हुई मोदी और क्राउन प्रिंस खालिद की बैठक से स्पष्ट है कि भारत-यूएई संबंध अब पारंपरिक व्यापार और ऊर्जा सहयोग से आगे बढ़कर तकनीक, रक्षा, अंतरिक्ष, निवेश और कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों तक पहुंच रहे हैं। पश्चिम एशिया की मौजूदा परिस्थितियों के बीच दोनों देशों का बढ़ता सहयोग आर्थिक और रणनीतिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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